- एसटीएफ ने तीन और आरोपियों को किया गिरफ्तार, पूछताछ कर भेजा जेल
जनवाणी संवाददाता |
कंकरखेड़ा: महज 15 लाख रुपये के लिए लाखों युवाओं के भविष्य से खिलवाड़ पुलिस भर्ती परीक्षा का पेपर लीक करने वालों ने किया है। पेपर लीक कांड का मुख्य आरोपी राजीव नयन मिश्रा भी शिकंजे में फंस गया है। इसके अलावा इस कांड के कई आरोपियों को पुलिस ने सलाखों के पीछे पहुंचा दिया है, लेकिन आरोपियों के लालच ने उन युवाओं के मेहनत पर पानी फेर दिया जो इस परीक्षा में बैठे थे और जिसका सपना जिस्म पर वर्दी को सजा कर कानून की हिफाजत का था।
पेपर लीक करने वालों की गिरफ्तारी गाजियाबाद से की गयी। शुक्रवार को कंकरखेड़ा पुलिस ने तीनों आरोपियों को जेल भेज दिया। आरोपियों की पहचान अभिषेक शुक्ला पुत्र ब्रह्मदेव शुक्ला निवासी विक्रमपुर थाना ममरेज जिला प्रयागराज, शिवम गिरी पुत्र राम अचल गिरी निवासी मिर्जापुर व रोहित पांडे पुत्र विजय नाथ पांडे जिला भदोही के रूप में हुई है।
कंकरखेड़ा इलाके से पहली गिरफ्तारी
एसटीएफ की मेरठ यूनिट ने जो गिरफ्तारियां की थीं वो कंकरखेड़ा क्षेत्र से की गयी थीं। उस गिरफ्तारी के बाद ही पेपर लीक करने वालों की कड़ियां जुड़ने के साथ ही इन शातिरों की गिरफ्तारी का भी सिलसिला शुरू हो गया। हालांकि एसटीएफ की मेरठ यूनिट के अलावा यूपी एसटीएफ व प्रदेश भर के तमाम जनपदों की पुलिस युवाओं के भविष्य से खिलवाड़ करने वालों के पीछे लगी थी। जिस प्रकार से पेपर लीक किया गया, उससे एसटीएफ के वो अफसर भी हैरान हैं।

जिन्होंने पेपर लीक के तमाम शातिरों को जेल भेजने का काम किया है। एसटीएफ की मेरठ यूनिट के एएसपी बृजेश सिंह ने बताया कि जिस अंदाज से पेपर लीक किया गया है। उससे समझा जा सकता है कि आरोपी कितने शातिर हैं। उन्होंने इसके लिए वहां तार जोड़ा जहां पुलिस भर्ती परीक्षा के पेपरों की ट्रांसपोटेशन की गई। दरअसल छपाई गुजरात के अहमदाबाद में हुई थी। वहां से ट्रांसपोर्ट कंपनी की मार्फत पुलिस भर्ती परीक्षा के पेपर यूपी भेजे गए। माना जा रहा है कि पेपर लीक की पटकथा गुजरात की उसी प्रिटिंग यूनिट के किसी कर्मचारी ने लिखी
जहां इसकी प्रिंटिंग की गयी है। वहां से यह सूचना ट्रांसपोर्ट कंपनी के कर्मचारी तक पहुंची बाकी जो कुछ हुआ वो सबके सामने हैं और पेपर लीक कर लाखों युवाओं के भविष्य से खिलवाड़ करने वालों के साथ एसटीएफ ने जो सलूक किया वो भी किसी से छिपा नहीं है। ऐसा नहीं कि आज एसटीएफ का इसको लेकर काम पूरा हो गया हो।
तीन हत्याभियुक्तों को उम्रकैद की सजा
मेरठ: कोर्ट ने तीन हत्याभियुक्तों को आजीवन कारावास व 30-30 हजार के अर्थदंड से की सजा दी है। गत 28 अगस्त 2012 को अभियुक्तगण खैबर पुत्र ईस्माईल, हुसैन पुत्र ईस्माईल व हसन उर्फ भैयाजी पुत्र ईस्माईल निवासीगण गली नंबर-13 अहमदनगर थाना लिसाड़ी गेट के खिलाफ शाहरुख पुत्र जहीर निवासी गली नंबर-5 मजीदनगर थाना लिसाड़ी गेट को उसके घर से ले जाकर उसकी हत्या कर उसके शव को गड्ढे में छिपा दिया जाने का मुकदमा दर्ज कराया गया था।
आरोपियों के खिलाफ थाना लिसाड़ी गेट पर मुअसं-484/2012 धारा-302/34/201 आईपीसी पंजीकृत हुआ था। सभी अभियुक्तों को गिरफ्तार कर कोर्ट के समक्ष प्रस्तुत करते हुए जेल भेजा गया था। इस मामले में आज एडीजे/एफटीसी मेन कल्पना चौहान द्वारा तीनों हत्यारोपियों को दोषी पाते हुए अन्तर्गत धारा-302 भादवि में आजीवन कारावास व 25-25 हजार रुपये का अर्थदंड व अन्तर्गत धारा-201 भादवि में तीन वर्ष कारावास व 5-5 हजार रुपये के अर्थदंड से दण्डित किया गया है।

