Thursday, March 5, 2026
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बसपा के राजपूत कार्ड से भगवा खेमे में मची हलचल

  • कैराना लोस सीट पर श्रीपाल सिंह राणा को बनाया प्रत्याशी
  • राजपूत मतों पर अब भाजपा के बाद बसपा की रहेंगे नजरें
  • राजपूत वोटों का बंटवारा बिगाड़ सकता है दावेदारों का गणित

मुख्य संवाददाता |

शामली: बसपा सुप्रीमो मायावती ने तमाम कयासों पर विराम लगाते हुए कैराना लोकसभा सीट पर राजपूत कार्ड खेलकर भगवा दल की बेचैनी बढ़ा दी है। हाईमान ने कैराना सीट से बीएसएफ के रिटायर्ड अफसर और बिल्डर्स श्रीपाल सिंह राणा पर दांव लगाते हुए टिकट थमा दिया है। हालांकि औपचारिक घोषणा एक-दो दिन में होने की संभावनाएं हैं। फिर भी, आने वाले समय में राजपूत समाज के वोट बैंक पर जहां अब तक भाजपा की नजरें गढ़ी थीं, वहीं अब बसपा और सपा भी उनको बांटने की कोशिश करेगी।

कैराना लोकसभा सीट पर भाजपा ने सीटिंग सांसद प्रदीप चौधरी तथा सपा ने इकरा हसन को चुनाव मैदान में उतारा है। इनकी घोषणाएं काफी पहले हो चुकी थी। अकेला चुनाव लड़ने का ऐलान कर चुकी बसपा सुप्रीमो मायावती आचार संहिता लगने का इंतजार कर रही थीं। यह इंतजार अब खत्म हो गया है। पार्टी के थिंक टैंक से सलाह-मशविरा के बाद कैराना लोकसभा सीट पर बीएसएफ के रिटायर्ड अफसर और बिल्डर्स श्रीपाल सिंह राणा को प्रत्याशी बनाते हुए राजपूत कार्ड खेल दिया है। अब तक बसपा ने अपने जो प्रत्याशी घोषित किए हैं, उनमें 2009 के सोशल इंजीनियरिंग फार्मूले को अपनाया है।

सहारनुपर लोकसभा सीट पर राजपूत मतदाता बड़ी संख्या में हैं, इसलिए 2024 में भी सहारनपुर सीट को बरकरार रखने व कैराना सीट पर दमखम दिखाने को श्रीपाल राणा को मैदान में उतारा गया है। कैराना सीट पर करीब 1.50 लाख राजपूत मतदाता हैं जबकि दलित मतदाताओं की तादाद करीब 2.25 लाख से अधिक है। लगभग 5.50 लाख मुस्लिम मतदाता बताए जाते हैं। इस तरह 17 लाख, 19 हजार मतदातओं वाली लोकसभा सीट पर आने वाले समय में मुकाबला रोचक होने के आसार बन गए हैं। हालांकि राजनीतिक गलियारों में चर्चाएं हैं कि भगवा खेमे ने पर्दे के पीछे से पासा फेंकते हुए बसपा से राजपूत प्रत्याशी उतरवाया है ताकि सम्राट मिहिर भोज प्रकरण से राजपूतों में गुर्जरों के प्रति उपजी नाराजगी के चलते राजपूतों का वोट सपा की ओर डायवर्ट होने से रोका जा सके।

कैराना पर बसपा का फ्लैश बैक
कैराना सीट पर बसपा ने 2009 में कब्जा किया था। तब तबस्सुम हसन ने भाजपा के हुकुम सिंह को हराया था। इसके बाद 2014 के चुनाव में बसपा प्रत्याशी कंवर हसन 1.60 मत लेकर तीसरे स्थान पर रहे थे। 2014 में भाजपा के हुकुम सिंह विजयी हुए थे जबकि सपा के नाहिद हसन करीब 3.30 लाख मत लेकर दूसरे स्थान पर रहे थे। साथ ही, 42 हजार मत लेकर रालोद के करतार सिंह भड़ाना चौथे स्थान पर खिसक गए थे। 2019 में कैराना सीट पर बसपा ने प्रत्याशी नहीं उतारा था। इस चुनाव में भाजपा के प्रदीप चौधरी ने सपा की तबस्सुम हसन को 92 हजार मतों पराजित किया था। कांग्रेस के हरेंद्र मलिक लगभग 70 हजार मत लेकर तीसरे स्थान पर रहे थे।

नाम: श्रीपाल सिंह राणा।
जन्मतिथि: 21-10-1974
पिता: स्व. साधू सिंह।
ग्राम: भावसी, नानौता, जनपद सहारनपुर।
शैक्षिक योग्यता: ग्रेजुएट।
सरकारी सेवा: रिटायर्ड बीएसएफ आॅफिसर।
व्यवसाय: बिल्डर्स, बंगलुरू।
संतान: दो बेटियां (विवाहित), एक बेटा विकास राणा एड.।

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