- डीएन चौराहे पर मारपीट, सड़क से घसीटकर थाने ले गए परिजन
- पड़ोस की महिला पर लगाया युवती को दिल्ली ले जाने का आरोप
जनवाणी संवाददाता |
मेरठ: बेटी को बुर्खे में देखकर मां और भाई आपा खो बैठे। रेलवे रोड चौराहे पर पर हाइवोल्टेज ड्रामा शुरू हो गया। रेलवे रोड के बेहद व्यस्त इलाके में जाम लग गया। जिस युवती के परिजन हंगामा कर रहे थे, वो बीते पांच दिन से कैलाशपुरी से घर से गायब थी। थाना नौचंदी में परिजनों ने गुमशुदगी दर्ज करायी थी। युवती की तलाश में परिजन भटक रहे थे। किसी ने बताया कि दिल्ली के लालकुआं इलाके में युवती को रखा गया है। पड़ोस में रहने वाले एक महिला व उसका बेटा जो किराए पर रहते थे, वो युवती को बहला-फुसलाकर ले गए हैं
और शुक्रवार को वो लोग मेरठ होकर लड़की को लेकर देहरादून जाएंगे। इसके बाद परिजनों ने बाइपास और रेलवे रोड कई जगह रिश्तेदारों व करीबियों को खड़ा कर दिया। दोपहर को रेलवे रोड बस से बुर्खे में दो महिलाएं उतरीं। इनमें से एक परिवार की बेटी और दूसरी पड़ोसन। उन्हें देखकर परिवार वाले बुर्खे वाले महिला पर टूट पडेÞ। कुछ ने बुर्खे में खड़ी युवती को भी पकड़ लिया। इस बीच उनके साथ आए एक युवक ने वहां से भागने का प्रयास किया, लेकिन वह भाग नहीं सका। उसको भी दबोच लिया गया।
वहां हाइवोल्टेज ड्रामा शुरू हो गया। परिजनों ने युवती व महिला को बुर्खाे फाड़ दिया गया। महिला को खींचकर परिवार वाले थाना रेलवे रोड ले गए। थाने में भी खूब हंगामा हुआ। गुमशुदगी थाना नौचंदी में दर्ज थी, रेलवे रोड पुलिस ने सूचना दी तो नौचंदी पुलिस वहां पहुंच गयी। युवती, महिला व उसके बेटे को लेकर नौंचदी पुलिस चली गयी। नौचंदी पुलिस का कहना है कि युवती की गुशुदगी दर्ज थी। उसको परिजनों के हवाले कर दिया गया है। युवती के परिजन यदि चाहेंगे तो आगे कार्रवाई की जाएगी।
मैं ना बैठूंगी डोली में, थाने में युवती का हंगामा
मेरठ: परिजनों पर मर्जी के खिलाफ शादी करने का आरोप लगाते हुए केले वाली कोठी की रहने वाली एक युवती ने शुक्रवार को थाना सदर बाजार पहुंचकर जमकर हंगामा किया। उसने साफ कह दिया कि उसकी मर्जी के खिलाफ जहां परिजन शादी करना चाहते हैं, वहां वह बिलकुल भी शादी नहीं करेगी। थाने में यह युवती जब ज्यादा हंगामा करने लगी तो पुलिस वाले सदर बाजार स्थित एक बडेÞ शादी शोरूम में काम करने वाले उसके पिता को लेकर आयी। इस बीच परिवार के कई अन्य सदस्य भी थाना सदर बाजार आ पहुंचे। वहां कुछ रिश्तेदार भी आ गए। पहले तो परिवार वालों व रिश्तेदारों ने युवती को ही भला बुरा कहना शुरू कर दिया, लेकिन युवती ने उन्हें जब खरी-खरी सुनाई और पुलिस वालों ने भी युवती की तरफदारी की तो सब शांत हो गए।
दरअसल, थाने के स्टाफ ने बजाए पुलिस वाले बनकर मामले को सुलझाने के एक पारिवारिक मित्र की तर्ज पर मामले को सुलझाना शुरू किया। युवती के पिता से बात की गयी। उनकी पूरी बात सुनी साथ ही यह भी ध्यान रखा कि परिवार वाले यह ना महसूस करें कि उनको अपमानित किया गया है। युवती को लेकर भी उन्हें यही कहा कि उसके विरोध को अन्यथा ना लिया जाए। कानूनी व सामाजिक नफा नुकसान समझाते हुए उन्होंने युवती व परिजनों दोनों से बात की और कहा कि कुछ भी ऐसा ना हो जिससे समाज व जगहसाई हो। साथ ही यह भी कि मर्जी के बगैर कुछ ना किया जाए। परिवार व घर की इज्जत की भी नसीहत युवती को दी। पुलिस वालों के खासतौर से यह ताकिद की कि युवती के साथ किसी प्रकार की जोर जबरदस्ती या ऐसा कुछ ना करें कि पुलिस घर तक आए।

