Friday, April 3, 2026
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आखिर क्यों लगाई हांगकांग और सिंगापुर ने MDH-Everest मसाला कंपनी की बिक्री पर रोक, जानें वजह!

New Delhi: देशभर में करीब सभी घरों में अपने खाने में अलग ट्वीस्ट डालने के लिए मसालों का इस्तेमाल किया जाता है। वहीं, लोग ज्यादातर यूज एमडीएच और एवरेस्ट मसालों का करते है। चाहे वह पार्टी हो या घर में शादी सभी जगहों पर इन मसलों का यूज किया जाता है। लेकिन ऐसे क्या वजह रही जो हांगकांग और सिंगापुर ने इन दोनों कंपनी के मसालों की बिक्री पर बैन लगा दिया है।

बताया जा रहा है उनका दावा है कि दोनों कंपनियों एमडीएच और एवरेस्ट के कुछ प्रोडक्ट में कैंसर पैदा करने वाले तत्व पाए गए है। वहीं इसे लेकर अब FSSAI भी एक्शन मोड में नजर आ रही है। हालांकि सबसे बड़ा सवाल है कि FSSAI इतने दिनों से क्या कर रही थी। क्या इससे पहले FSSAI ने मसालों की जांच नहीं की थी।

क्यों एफएसएसएआई लोगों की जिंदगी के साथ खेल रही?

सिंगापुर और हांगकांग में भारत की दो सबसे बड़ी मसाला कंपनी के मसालों की बिक्री पर रोक के बाद अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि FSSAI इतने सालों से क्या कर रही था। आखिर क्यों एफएसएसएआई भारत के लोगों की जिंदगी के साथ खेल रही है।

सिंगापुर और हांगकांग ने दावा किया है कि इन दोनों कंपनियों के कुछ प्रोडक्ट में कैंसर पैदा करने वाले तत्व पाए गए है। गौरतलब है कि एफएसएसएआई भारत में खाद्य उत्पादों की सुरक्षा और मानकों के नियमन और पर्यवेक्षण के लिए जिम्मेदार होता है।

FSSAI ने शुरू की जांच

FSSAI भी सवालों के घेरे में आती दिख रहा है कि आखिर चूक कहा हुई है। क्या इससे पहले मसाले की जांच की गई थी? वहीं अब एफएसएसएआई ने एमडीएच और ऐवरेस्ट सहित पाउडर के रूप में सभी ब्रांडों के मसालों के सैंपल लेना शुरू कर दिया है। मामले की गंभीरता को देखते हुए FSSAI ने इसकी जांच भी शुरू कर दी है।

इन देशों में मसालों पर क्यों लगा बैन?

मसालों के मामले में भारत दुनिया का सबसे बड़ा उत्पादक है। इसके अलावा भारत मसालों का सबसे बड़ा निर्यातक भी है। दुनियाभर में भारत बड़े पैमाने पर मसालों का निर्यात करता है।

हांगकांग और सिंगापुर ने दावा किया है कि एमडीएच और एवरेस्ट के 4 मसाला मिक्स आइटम में कथित तौर पर सीमा से अधिक मात्रा में कीटनाशक एथिलीन ऑक्साइड मिलने की बात कही गई है। हालांकि एवरेस्ट और एमडीएच ने इस पर अपनी सफाई देते हुए इसे सिरे से नकार दिया है।

एमडीएच मसाले को अमेरिका ने भी वापस भेजा

खबरों के अनुसार, पिछले 6 महीने में अमेरिका ने अब तक MDH एक्सपोर्ट का करीब एक तिहाई हिस्सा खारिज कर दिया है। मालूम हो कि मामले की गंभीरता को देखते हुए एफएसएसएआई ने भी जांच तेज कर दी है।

सरकार द्वारा मामले को गंभीरता से लिया जा रहा

भारत सरकार द्वारा इस मामले को गंभीरता से लिया जा रहा है। पीएम मोदी की अगुवाई में भारत आए दिन एक नए आयाम को छू रहा है। पूरी दुनिया भारत को एक उम्मीद की नजर से देख रही है। बाकी देशों के मुकाबले भारत हर क्षेत्र में तेज से आगे बढ़ रहा है और नए मुकाम हासिल कर रहा है।

क्या बोले एमडीएच और एवरेस्ट कंपनी?

मामला सामने आने के बाद एमडीएच ने कहा कि वह अपने मसालों के भंडारण, प्रसंस्करण या पैकिंग के किसी भी चरण में ईटीओ का उपयोग नहीं करता है। वही एवरेस्ट ने इस मामले पर सफाई देते हुए कहा कि उसके सभी उत्पाद स्ट्रिंग गुणवत्ता नियंत्रण जांच से गुजरते हैं।

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