- जहां वायर बदले जा रहे, उन इलाकों में थोडेÞ-थोडेÞ वक्त का लिया जा रहा शटडाउन
जनवाणी संवाददाता |
मेरठ: एक तो गर्मी का सितम उस पर बेतहाशा बिजली कटौती ऐसे में जिए तो जिए कैसे। शहर हो या फिर देहात अघोषित कटौती ने लोगों का पसीना निकाल कर रख दिया है। वहीं, दूसरी ओर पीवीवीएनल अफसरों को तुर्रा यह कि भरपूर बिजली दी जा रही है कहीं कोई कटौती नहीं। जहां वायर बदले जा रहे हैं इन इलाकों में थोडेÞ-थोडेÞ वक्त का शटडाउन लिया जा रहा है। अघोषित बिजली कटौती लोगों के लिए परेशानी का सबब बनी हुई है। धूप इतनी तेज हो रही है जिससे शरीर झुलस जाए। ऐसे में शहर सहित ग्रामीण क्षेत्रों में अघोषित बिजली कटौती होने पर लोगों का घर में रहना मुश्किल हो गया है।
पीवीवीएनएल अफसर जैसे दावे कर रहे हैं लोगों की शिकायत है कि वैसी सप्लाई तो नजर आ नहीं रही है। जिसकी वजह से उमस भरी गर्मी के बीच लोग बेहाल हैं। बिजली महकमे के दावे के इतर ग्रामीण क्षेत्रों में छह घंटे से 10 घंटे बिजली की कटौती हो रही है, वहीं शहर में चार से पांच घंटे की बिजली कटौती आम हो गई। हालात इतने खराब हो गए हैं कि कई इलाकों में तो इनवर्टरों ने हाथ उठा दिए हैं। ऐसे में केवल हाथ के पंखों के सहारे गर्मी का मुकाबला किया जा रहा है। पीवीवीएनएल के चीफ धीरज सिन्हा ने सोमवार को बताया कि मई के महीने से जुलाई अगस्त तक के महीने में मांग बढ़ जाती है।
ऐसे में कुछ इलाकों में हो सकता है कि परेशानी हो, लेकिन यह बात कहना उचित नहीं होगा कि बिजली आपूर्ति में भारी किल्लत हो रही है। उन्होंने जोर देकर कहा कि बिजनेस प्लान के तहत काम होने हैं। जो काम कराए जा रहे हैं वो उपभोक्ताओं के हितार्थ हो रहे हैं। जहां काम चल रहा है ऐसे इलाकों में तो जरूर शटडाउन लिया जा रहा है, लेकिन इसको कटौती नहीं माना जा सकता। वहीं, दूसरी ओर भीषण गर्मी होने से जनपद में बिजली की मांग बढ़ गई है।
बिजली कटौती कर रही बीमार
गर्मी की भीषण मार कम होने का नाम नहीं ले रही है। उस पर बिजली की अंधाधुंध अघोषित कटौती लोगों को बीमार कर रही है। यही कारण है कि मौसम की बीमारियों के साथ हीट स्ट्रोक के मरीजों की संख्या बढ़ी है। करीब एक पखवाड़े से तापमान 40 से 43 डिग्री सेल्सियस बीच चल रहा है। आलम यह है कि दोपहर 11 बजे के बाद लोगों का सड़क पर निकलना मुसीबत मोल लेने के समान हो गया है। चिलचिलाती धूप में ऐसा लगता है कि मानो सड़कों से आग निकल रही हो। पशु-पक्षी भी गर्मी से बुरी तरह से प्रभावित हैं।
ट्रांसफार्मर में लगी आग
परतापुर: मोहिउद्दीनपुर रेलवे स्टेशन के पास सोमवार दोपहर ट्रांसफार्मर में आग लग गई। सूचना पर पहुंची फायर ब्रिगेड की एक गाड़ी ने विद्युत आपूर्ति बंद कराकर आग पर काबू पाया। ट्रांसफार्मर जलने के बाद क्षेत्र की विद्युत आपूर्ति देर रात तक बहाल नहीं हो सकी थी। फायर अफसरों का कहना है कि भीषण गर्मी में ओवरलोडिंग के कारण आग लगी है।
दायमपुर और डाबका गांव के जंगल से विद्युत तार चोरी
कंकरखेड़ा: चोरों ने दायमपुर व डाबका गांव के जंगल से रविवार रात लगभग दो लाख रुपये कीमत के बिजली के तार चोरी कर लिए। जिस कारण कई गांव की ट्यूबवेल की बिजली कट गई। मामले की जानकारी के बाद पीड़ित किसानों के होश उड़ गए। सूचना पर बिजली विभाग के अधिकारी व पुलिस पहुंची। पीड़ित किसानों व एसडीओ ने थाने पर चोरी की तहरीर दी। नेशनल हाइवे स्थित दायमपुर व डाबका गांव निवासी किसान नितिन शर्मा, विनेश शर्मा, गिरीश, बिरत, महावीर, अजय, बृजपाल, बृजेश और बलबीर आदि ने सोमवार सुबह पुलिस को बताया कि रविवार रात वह खेतों पर पानी चलाकर घर चले गए थे।
सोमवार सुबह किसान खेत पर पहुंचे तो देखा कि खेत सूखे हुए हैं। किसानों ने जब कारण जानना चाहा तो पता चला कि बिजली के खंभों से तार चोरी है। जिसको देखकर पीड़ित किसानों के होश उड़ गए। सूचना पर विद्युत विभाग के अधिकारी व डायल 112 मौके पर पहुंची। ग्रामीणों की भीड़ मौके पर इकट्ठा हो गई। ग्रामीणों ने बताया कि लगभग एक किलोमीटर दूरी तक खंभों से चोरों ने तार चोरी कर लिए हैं। ग्रामीणों का कहना था कि चोर आए दिन ट्यूबवेल से मोटर व अन्य कीमती सामान चोरी करते रहते हैं।
बटजेवरा बिजली घर के एसडीओ सुंदर सिंह ने बताया कि चोरों ने लगभग दो लाख रुपये कीमत का तार चोरी कर लिया है। किसानों व एसडीओ ने थाने पर तहरीर देते हुए कार्रवाई की मांग की है। वहीं, इस संबंध में विजिलेंस थाना प्रभारी सुधीर बालियान ने बताया कि तहरीर पर मुकदमा दर्ज कर दिया गया है। चोरों की गिरफ्तारी के लिए एक टीम लगा दी गई है। जल्द चोरों को गिरफ्तार कर लिया जाएगा।
फसलों को सूखा देख आक्रोशित हुए किसान
सोमवार सुबह किसान खेत पर पानी की स्थिति को देखने के लिए पहुंचे। जहां उन्होंने देखा कि उनके खेत सूखे हुए हैं। सूखे खेतों को देखकर किसानों को गुस्सा आया। किसानों की नजर बिजली के तारों पर पड़ी। खंभों से बिजली के तार गायब देख किसानों का गुस्सा फूट पड़ा। किसानों ने पुलिस से कहा कि चोरों द्वारा ट्यूबवेल पर चोरी करने से फसलों का बड़ा नुकसान होता है। किसानों ने पुलिस से चोरों को जल्द गिरफ्तार करने की बात कही।

