Wednesday, April 1, 2026
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ट्रैफिक पुलिसकर्मियों से मारपीट कर वर्दी फाड़ने में 23 के खिलाफ मुकदमा

  • शनिवार और रविवार को जाम से यहां श्रद्धालु जूझते रहते हैं, एनएचएआई के अधिकारी भी आंखें मूंदे बैठे हैं

जनवाणी संवाददाता |

कंकरखेड़ा: नॉनवेज मुस्लिम ढाबों से खड़ौली में हर रोज जाम लगता हैं। एक तरफ तो चारधाम यात्रा चल रही हैं, ऐसे में शनिवार और रविवार को जाम से यहां श्रद्धालु जूझते रहते हैं। एनएचएआई के अधिकारी भी आंखें मूंदे बैठे हैं। ट्रैफिक पुलिस भी पीट गई, लेकिन खड़ौली में किसी तरह का सुधार नहीं दिखा। सोमवार को भी इन ढाबों पर गाड़ियां खडी थी, जिसके चलते जाम लग रहा था। चार धाम की यात्रा पर निकले श्रद्धालु इस दौरान मुस्लिमों से टकराव भी संभव हो सकता हैं। जब ये लोग ट्रैफिक पुलिस की पिटाई कर सकते है

तो ऐसे में चार धाम यात्रा पर निकले श्रद्धालु से भी भीड सकते हैं। ऐसे में हालात टकराव के बन सकते हैं। खड़ौली में पहले से ही जाम से निपटने की कोई तैयारी नहीं की गई हैं। यहां मुस्लिम ढाबे ही जाम के जिम्मेदार हैं। उनके ढाबों पर ही गाड़ियां खड़ी होती हैं, जिसके चलते यहां जाम लग जाता हैं। इस तरफ से पुलिस-प्रशासन ने आंखें मूंद रखी हैं। इसको लेकर अधिकारियों की नींद नहीं टूटी तो किसी दिन बड़ा बवाल की वजह खड़ौली बन सकता हैं।

नेशनल हाईवे स्थित खड़ौली में रविवार रात जाम खुलवाने गए ट्रैफिक पुलिसकर्मियों पर हमला कर वर्दी फाड़ने वाले 23 आरोपियों के खिलाफ टीएसआइ की तहरीर पर कई धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया है। इस मामले में पुलिस ने मौके से सात लोगों को पकड़ा था। फुटेज के आधार पर छह निर्दोष पाए गए, जिन्हें छोड़ दिया। बाकी एक आरोपी को गिरफ्तार कर सोमवार को न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया। बाकी हमलावरों की तलाश में पुलिस जुटी है। पुलिस लाइन निवासी टीएसआइ मनीष कुमार विश्नोई की रविवार रात को ड्यूटी नेशनल हाईवे पर वीकेंड के लगे जाम को खुलवाने के लिए लगी थी।

टीएसआइ इंटरसेप्टर मोबाइल गाड़ी से कंकरखेड़ा थाना क्षेत्र के हाईवे स्थित खड़ौली कट पर पहुंचे। जहां भीषण जाम लगा था। टीएसआइ के अलावा कांस्टेबल विकास यादव, होमगार्ड प्रेम कुमार व ड्राइवर रवि कुमार थे। वहीं पर अलअरहमा ढाबा के सामने चार ट्रक नो पार्किंग जोन में खड़े थे। इन ट्रकों की वजह से हाईवे पर जाम लगा हुआ था। टीएसआइ और अन्य पुलिसकर्मियों ने ढाबा संचालक से ट्रकों को हटवाने के लिए कहा था। आरोप है कि तभी ढाबा संचालक ने अपने बेटों अन्य साथियों और पड़ोसियों संग मिलकर पुलिसकर्मियों पर हमला कर दिया था।

सभी को दौड़ाकर पीटा गया। जिसमें कांस्टेबल विकास यादव की वर्दी तक फट गई थी। पुलिस पर हमले की वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल हो गई। भारी संख्या में पुलिस बल मौके पर पहुंचा। जहां से सात लोगों को धर दबोचा। सभी को थाने लाया गया। छह लोग अपने को निर्दोष बताने लगे। पुलिस ने मौके की फुटेज चेक की। जिसमें पकड़ में आए छह लोग नहीं थे। पुलिस ने छह लोगों को थाने से छोड़ दिया। जबकि सातवां आरोपी मुस्तफा पुत्र जमीर हमले में शामिल था। जिसे पुलिस ने सोमवार को जेल भेज दिया।

पुलिस ने ढाबा संचालक शकील पुत्र इलियास, मुस्तफा पुत्र जमीर, साजिद पुत्र शकील, राशिद पुत्र शकील, शकील का लड़का, शकील की पत्नी, दिलशाद पुत्र युसूफ, जावेद पुत्र फारुख, जावेद का सगा भाई, सलीम आटो वाला पुत्र अलीहसन, शौकेंद्र पकौड़ी वाला व 10-12 अज्ञात के खिलाफ मामला दर्ज किया है। वहीं, इस संबंध में इंस्पेक्टर विष्णु कौशिक ने बताया कि कुछ लोग गलती से पकड़े थे। जिन्हें छोड़ दिया। फरार आरोपियों जल्द गिरफ्तार कर लिया जाएगा।

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