Saturday, March 14, 2026
- Advertisement -

बस अड्डा तो दूर यात्री शेड भी नहीं हुई नसीब

  • सरधना को आज तक नहीं मिला बस अड्डा
  • भीषण गर्मी में धूप में खड़े होने को मजबूर रहते हैं लोग

जनवाणी संवाददाता |

सरधना: सरधना कस्बा नेताओं के लिए महज वोट बैंक बनकर रह गया है। नगर के लोग उपेक्षा का शिकार हो रहे हैं। दशकों से मांग उठाने के बाद भी आज तक नगर को बस अड्डा नसीब नहीं हो सका है। जिसके चलते बसें सड़कों पर खड़ी होती हैं। इतना ही नहीं सवारी के लिए एक भी बस स्टॉप नहीं बना हुआ है। बस की इंतजार करने वाले लोगों को खुले में चिलचिलाती धूप में खड़ा होना पड़ता है। ऐसे में लोगों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ता है। यानी बसों के लिए अड्डा और सवारी के लिए यात्री शेड नसीब नहीं हो रहा है। तमाम संगठन दशकों से आवाज उठाते थक गए हैं, लेकिन शासन प्रशासन से लेकर नेताओं तक से आश्वासन के अलावा आज तक कुछ नहीं मिला है।

सरधना ऐतिहासिक नगरी होने के साथ अपनी विशेष पहचान रखता है। ऐतिहासिक कैथोलिक चर्च को देखने के लिए यहां देश विदेश से लोग आते हैं। व्यापार की दृष्टि से भी सरधना खद्दर और डिस्पोजल बर्तन के लिए अपनी पहचान रखता है। यहां का कपड़ा और डोने-पत्तल दूरदराज तक जाते हैं। मगर सरधना आज भी उपेक्षा का शिकार है। सरधना से मेरठ व आसपास के लिए बसें तो चलती है, लेकिन उनको खड़ी करने के लिए बस अड्डा नहीं है। इस कारण यह बसें सड़कों पर खड़ी होती हैं। जिससे जाम की समस्या बनती है। इतना ही नहीं सवारी के लिए आज तक कोई यात्री शेड नहीं बन पाया है।

नगर के सभी चौराहों पर बस का इंतजार करने वाली सवारी को खुले में बड़ी धूप के लिए खड़ा होना पड़ता है। ऐसे में लोगों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ता है। तमाम संगठन और कस्बे के लोग लंबे समय से बस अड्डे की मांग उठाते आए हैं। मगर कस्बे को मायूसी के अलावा कुछ नहीं मिला है। प्रशासन से लेकर शासन स्तर तक ज्ञापन भेज चुके हैं। चुनाव के दौरान नेताओं के सामने यह समस्या उठाई जाती है। मगर आश्वासन के अलावा आज तक कुछ नहीं मिला है। चुनाव के दौरान नेता बस अड्डा बनवाने का वादा करते हैं। परंतु चुनाव बाद अपने वादों को भूल जाते हैं। जिसके चलते ऐतिहासिक कस्बा आज भी उपेक्षा का शिकार है।

ग्राम पंचायतों तक में बने हुए हैं यात्री शेड

यात्री शेड नहीं होने के कारण लोगों को बस के इंतजार में खुले में चिलचिलाती धूप के नीचे खड़ा होना पड़ता है। यात्री शेड की बात करें तो शायद ही कोई ग्राम पंचायत होगी, जिसमें सवारी के लिए बस स्टॉप न बना हुआ है। गांव-गांव यात्री शेड बन चुके हैं। मगर सरधना में आज तक एक यात्री शेड नहीं बन सका है।

इन जगहों पर यात्री शेड की जरूरत

सरधना में चारों दिशाओं में बस या टेंपो आदि वाहनों का संचालन होता है। मुख्य रूप से पुलिस चौकी चौराहा, मेरठ रोड, देवी मंदिर चौराहा, बिनौली रोड चौराहा, दौराला रोड, कालंद चुंगी, संत चार्ल्स चौराहे पर यात्री शेड की जरूरत है। क्योंकि यहां से ही लोग देहात या मेरठ के लिए निकलते हैं। इन्हीं रूट से बसों का संचालन किया जाता है।

बसों के कारण लगता है जाम

सरधना से रोडवेज व सिटी बसों को मिलाकर करीब 50 बसों का संचालन होता है। मगर इन बसों को खड़ा करने के लिए अड्डा नहीं है। इस कारण सभी बस सड़क पर खड़ी होती है। कुछ बस मंडी समिति के परिसर में लगा दी जाती है। बस सड़क पर खड़ी होने के कारण मुख्य मार्ग पर रोजाना जाम की समस्या बनी रहती है। जिसके चलते लोगों को काफी परेशानी उठानी पड़ती है।

बस अड्डा बनाने के नाम पर सब मौन

यदि सरधना में रोडवेज बस अड्डा बनता है तो मेरठ के अलावा आसपास के जिलों के लिए भी यातायात की व्यवस्था बन सकती है। जिसी भी क्षेत्र की तरक्की के लिए यातायात की सुविधा महत्वपूर्ण बिंदू होती है। मगर नगर को बस अड्डा नहीं मिल पा रहा है। कुछ साल पहले तहसील रोड पर बस अड्डे के लिए पालिका ने भूमि आरक्षित की थी। मगर उस पर भी कूड़ाघर बना दिया गया है। जिससे बस अड्डा बनने की यह उम्मीद भी खत्म हो गई।

spot_imgspot_img

Subscribe

Related articles

Crude Oil: पश्चिम एशिया संकट से कच्चे तेल की कीमतों में 41% उछाल, वैश्विक बाजार में बढ़ा दबाव

जनवाणी ब्यूरो | नई दिल्ली: अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल...

BCCI Awards: शुभमन गिल और स्मृति मंधाना चमके, BCCI नमन अवॉर्ड 2026 में जीते बड़े पुरस्कार

जनवाणी ब्यूरो | नई दिल्ली: भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI)...

Sonam Wangchuk: सोनम वांगचुक की गिरफ्तारी रद्द, गृह मंत्रालय ने दी स्वतंत्रता की जानकारी

जनवाणी ब्यूरो | नई दिल्ली: केंद्रीय गृह मंत्रालय ने जलवायु...
spot_imgspot_img