- कांटे के मुकाबले में गठबंधन प्रत्याशी सुनीता वर्मा को 10585 मतों के अंतर से हराया
- लगातार चौथी बार बना भाजपा का सांसद
जनवाणी संवाददाता |
मेरठ: भाजपा प्रत्याशी अरुण गोविल ने क्रांतिधरा पर जीत का परचम लहरा दिया। कांटे के मुकाबले में अरुण गोविल ने 10585 मतों के अंतर से सपा प्रत्याशी सुनीता वर्मा को पराजित कर दिया। सुबह मतगणना के पहले राउंड सुनीता वर्मा ने बढ़त बनाई, लेकिन दूसरे ही राउंड में भाजपा प्रत्याशी अरुण गोविल ने बढ़त बना ली थी। ये सिलसिला 27 राउंड तक चला, जिसमें अरुण गोविल ने जो 9 हजार मतों की बढ़त बनाई, उसे सुनीता वर्मा नहीं काट सकी।
भाजपा ने चौथी बार क्रांतिधरा पर जीत का परचम लहराया हैं। मेरठ-हापुड़ लोकसभा से भाजपा प्रत्याशी अरुण गोविल ने 546469 मत प्राप्त कर सपा प्रत्याशी सुनीता वर्मा को 10585 मतों के अंतर से पराजित कर शानदार जीत दर्ज की। सुनीता वर्मा को 535884 मत मिले। भाजपा और सपा के बीच कड़ा मुकाबला रहा। कृषि यूनिवर्सिटी मोदीपुरम में स्थित मतगणना स्थल पर सुबह 8 बजे से मतगणना का कार्य आरंभ हुआ। पहले राउंड से लेकर 27 राउंड तक मतगणना में जो उतार-चढ़ाव रहा, उससे भाजपा और सपा नेताओं का भी बीपी ऊपर नीचे होता रहा।
जिस तरह से एक राउंड में भाजपा आगे हो जाती थी, फिर उससे अगले ही राउंड में सपा प्रत्याशी सुनीता वर्मा लीड बना लेती थी। 27 राउंड तक यहीं सब चलता रहा। कैंट विधानसभा में जब मतगणना चली तो भाजपा प्रत्याशी ने सपा प्रत्याशी को पछाड़ते हुए लीड बना ली। इसके बाद ही भाजपा नेताओं के चेहरे पर रौनक लौट आई। क्योंकि भाजपा नेता भी इस दौरान परेशान थे कि प्रत्येक राउंड में सपा की अच्छी-खासी वोट निकल रही थी, जिसके चलते भाजपा नेताओं की पेशानी पर बल पड़ रहे थे। अंतिम राउंड में सपा को भाजपा ने पटखनी देकर सबको चौका दिया।
चाक-चौबंद रही व्यवस्था
प्रशासनिक अफसरों की टीम सुबह 6 बजे से ही मतगणना स्थल पर डटी हुई थी। मतगणना स्थल को पुलिस ने सुरक्षा घेरे में ले रखा था। मतगणना कर्मी, पार्टियों के एजेंट सुबह 7 बजे पहुंचे, जिनकी चेकिंग के बाद एंट्री दी गई। सुरक्षा के कई चक्र पार करने के बाद ही मतगणना स्थल पर पहुंचे। डीएम दीपक मीणा, एसएसपी रोहित सजवाण चुनावी कमान संभाले हुए थे। चप्पे-चप्पे पर पुलिस कर्मी लगे हुए थे। शाम 7 बजे भाजपा प्रत्याशी अरुण गोविल जीत दर्ज करने के बाद मतगणना स्थल पर पहुंचे तथा जिला निर्वाचन अधिकारी दीपक मीणा से प्रमाण पत्र प्राप्त किया।
जीत दर्ज कर मंदिर पहुंचे अरुण गोविल
जीत का प्रमाण पत्र हासिल करने के बाद भाजपा प्रत्याशी अरुण गोविल अपनी पत्नी के साथ सीधे बाबा औघड़नाथ मंदिर पहुंचे, जहां पूजा-अर्चना की। इस दौरान भाजपा सांसद राजेन्द्र अग्रवाल, एमएलसी एमएलसी धर्मेंद्र भारद्वाज, कैंट विधायक अमित अग्रवाल, ऊर्जा राज्यमंत्री डा. सोमेन्द्र तोमर, कमलदत्त शर्मा, मेयर हरिकांत अहलुवालिया, महानगर अध्यक्ष सुरेश जैन ऋतुराज आदि मौजूद रहे।
कांग्रेस ने यूपी में पाई खोई हुई राजनीतिक जमीन
मेरठ: उत्तर प्रदेश में अपनी जमीन तलाश करने में जुटी कांग्रेस को सपा समेत इंडिया गठबंधन के सहयोगी दलों से किए गए गठजोड़ का लाभ लिया है। वर्ष 2019 में केवल रायबरेली सीट जीतने वाली कांग्रेस के हिस्से में इस बार सात सीटें आ गई हैं। वहीं प्रदेश में उसकी वोट प्रतिशत भी 10.45 प्रतिशत हो गया है। कांग्रेस के लिए वर्ष 2019 के लोकसभा चुनाव सबसे खराब स्थिति पैदा करने वाले रहे। यूपी में पार्टी के हिस्से में केवल रायबरेली की सीट आई, जिस पर कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी ने एक लाख 67 हजार 178 वोटों से जीत दर्ज की थी।
इस बार कांग्रेस ने सपा के साथ गठबंधन किया और देश भर में इंडिया गठबंधन बनाकर लोकसभा चुनाव लड़ा। हालांकि गठबंधन में उसे केवल 17 सीटें ही मिल सकीं। बदली हुई परिस्थितियों को स्वीकार करते हुए कांग्रेस ने इन्हीं पर संतोष किया और रायबरेली से राहुल गांधी को उतारा, जिन्होंने छह लाख 87 हजार 649 वोट हासिल करते हुए तीन लाख 90 हजार 30 वोट के अंतर से शानदार जीत दर्ज की। कांग्रेस ने जिन सीटों पर जीत हासिल की, उनमें अमेठी सीट सबसे ज्यादा चर्चित रही,
जहां किशोरी लाल ने भाजपा की तेज तर्रार नेता स्मृति ईरानी को एक लाख 67 हजार 196 मतों से शिकस्त देते हुए जीत हासिल की। इनके अलावा कांग्रेस की ओर से सहारनपुर सीट पर इमरान मसूद ने 83 हजार, सीतापुर में राकेश राठौर ने 89 हजार, बाराबंकी में तनु पूनिया ने दो लाख, इलाहाबाद में उज्जवल रमन सिंह ने 58 हजार से अधिक वोटों के अंतर से भाजपा प्रत्याशियों को हराया।

