- कार्रवाई करने के बजाए टरकाने में लगी रही सरधना व कंकरखेड़ा पुलिस
- प्रेम प्रसंग के चलते हत्या का आरोप, डेढ़ माह से दिल्ली रह रहा था युवक
जनवाणी संवाददाता |
सरधना: क्षेत्र के पौहल्ली गांव से गायब हुए दलित युवक की निर्मम हत्या कर शव मुरादनगर क्षेत्र में फेंक दिया गया। युवक के सिर में गोली मारने के साथ चेहरे को बुरी तरह कुचला गया था। जिस दिन युवक गायब हुआ था, तभी से परिजन कार्रवाई के लिए पुलिस के चक्कर लगा रहे थे। मगर कार्रवाई करने के बजाए सरधना व कंकरखेड़ा थाना पुलिस उन्हें टरकाती रही। हत्या का कारण प्रेम प्रसंग बताया जा रहा है। दहशत के चलते युवक करीब डेढ माह से दिल्ली में अपनी बहन के यहां रह रहा था। यदि पुलिस समय रहते कार्रवाई करती तो युवक की जान बचाई जा सकती थी।
कोतवाली क्षेत्र के पौहल्ली गांव निवासी लाखन सिंह पुत्र वीर सिंह बीती 5 जून को घर से स्कूटी पर सवार होकर निकला था। इसके बाद से ही युवक का कुछ पता नहीं चल रहा था। परिजनों ने युवक के अपहरण का आरोप लगाते हुए सरधना थाने में तहरीर दी, लेकिन पुलिस ने मामला कंकरखेड़ा थाने का बताते हुए चलता कर दिया। दोनों थानों की पुलिस मामला एक दूसरे के क्षेत्र का होने की बात कहकर टालती रहीं। बाद में परिजन एसएसपी से मिले तो मुकदमा दर्ज करने के आदेश हुए। आज रिश्तेदारों के माध्यम से मिले फोटो को देखकर पहुंचान हुई। लाखन का शव मुरादनगर के जलालाबाद गांव के जंगल में पड़ा मिला था। जिसके सिर में गोली मारने के साथ चेहरे को बुरी तरह कुचला गया था। इसके अलावा शरीर पर भी तमाम चोट के निशान थे।
प्रेम प्रसंग में गई युवक की जान?
परिजनों ने बताया कि लाखन कंकरखेड़ा में एक लाइब्रेरी का संचालन करता था। जहां उसका एक युवती से प्रेम प्रसंग था। मामला युवती के परिजनों तक पहुंचने पर विवाद हो गया था। बात बढ़ने के ढर से परिजनों ने लाखन से लाइब्रेरी छुड़वा दी थी। अब वह गांव के पास करनाल हाईवे पर चटपटा के नाम से ढाबा बनाए हुए था। उधर, परिजनों ने युवती की शादी कर दी थी। इसके बाद भी बात नहीं दबी। मार्च महीने में युवक युवती घर से फरार हो गए थे। तीन दिन बाद किसी तरह परिजनों ने उन्हें तलाश किया और घर ले आए थे। युवती के परिजन उसे अपने साथ ले गए थे।
गायब होने वाले दिन हो गई थी हत्या
लाखन बीती पांच जून को गायब हुआ था। उसी रात को मुरादनगर पुलिस को जलालाबाद के जंगल में एक नलकूप के पास लाखन का शव मिल गया था। परंतु तब शव की शिनाख्त नहीं हो सकी थी। पुलिस ने शव की गश्ती तलाश जारी की थी। जो जैसे तैसे परिजनों तक पहुंची और लाखन की पहचान हुई। परिजन पुलिस के चक्कर काटते रहे। उधर, युवक की हत्या हो गई।
डेढ माह से दिल्ली रह रहा था लाखन
लाखन करीब डेढ माह से अपनी दिल्ली के द्वारिका निवासी बहन दीपिका पत्नी अनिल के घर रह रहा था। परिजनों को डर था कि आरोपी उसको नुकसान पहुंचा सकते हैं। बीती एक जून की रात को ही भाई बहन घर आए थे। पांच जून की शाम को वह स्कूटी पर कंकरखेड़ा बाल कटाने जाने को निकला। इसके बाद युवक वापस नहीं लौटा।
अकेला कमाने वाला था लाखन
लाखन दो भाईयों में बड़ा था। परिवार में मां बृह्मवती के अलावा चार बहन दीपिका, सोनिया, प्रियंका व मधुलिका हैं, जबकि एक छोटा भाई सुमित है। परिवार में वह अकेला कमाने वाला था। युवक ही हत्या के बाद परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल था।
पुलिस के खिलाफ फूटा परिजनों का गुस्सा
पौहल्ली गांव के युवक की हत्या से उसके परिजनों व ग्रामीणों में पुलिस के खिलाफ भारी आक्रोश है। शनिवार रात लाखन का शव गांव पहुंचा तो परिजनों में कोहराम मच गया। मृतक पक्ष के लोगों ने शव सड़क पर रखकर धरने पर बैठ गए। रात को जैसे ही लाखन का शव उसके गांव पहुंचा तो परिजनों में कोहराम मच गया। नाराज परिजन व ग्रामीणों ने शव गांव के मुख्य मार्ग पर रख दिया और धरने पर बैठ गए। इस दौरान उन्होंने पुलिस के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। परिजनों का कहना था की सरधना और कंकरखेड़ा पुलिस उन्हें चक्कर कटवाती रही
मगर कार्रवाई नहीं की। यदि समय रहते कार्रवाई करते तो लाखन की जान बच सकती थी। परिजन मुकदमे में हत्या की वजह मानी जा रही युवती व उसकी मां को शामिल करने के साथ-साथ एससी एसटी की धारा बढ़ाने की मांग कर रहे थे। सूचना मिलने पर को सरधना संजय जयसवाल व सीओ कंकरखेड़ा में फोर्स के मौके पर पहुंच गए। काफी समझाने के बाद भी मृतक पक्ष के लोग नहीं माने। इस दौरान उनकी पुलिस से खूब नोकझोंक हुई।

