- मेडा की प्रारंभिक जांच में आये ये तथ्य सामने
- जमीन पर बसे 50 दुकानदारों को प्राधिकरण की तरफ से भेजे गए नोटिस
जनवाणी संवाददाता |
मेरठ: मेरठ विकास प्राधिकरण (मेडा) की प्रारंभिक जांच रिपोर्ट में ये स्पष्ट हो गया है कि करीब 100 करोड़ की सम्पत्ति पर भूमाफिया काबिज हैं। प्राधिकरण की यह जमीन श्रद्धापुरी कॉलोनी में हैं। प्राधिकरण के इंजीनियरों ने बताया कि इस जमीन पर बसे 50 दुकानदारों को प्राधिकरण की तरफ से नोटिस भेजे गए हैं। इसमें स्पष्ट किया है कि ये सरकारी भूमि हैं, इसे तत्काल खाली करा जाए, अन्यथा इसमें कार्रवाई की जाएगी। हालांकि इंजीनियरों ने तो नोटिस की बात की हैं, लेकिन व्यापारियों का कहना है कि उन्हें ऐसा कोई नोटिस नहीं मिला।
विवादित भूमि के पीछे सैनिक कॉलोनी हैं, उसमें भी इसी तरह का विवाद हैं। वहां भी प्राधिकरण की तरफ से चार वर्ष पहले खाली करने के नोटिस दिये गए थे। उसमें ये बात सामने आयी थी कि किसानों ने जमीन का बैनामा किया हैं, लेकिन किसानों ने प्राधिकरण की धनराशि नहीं ली। इसी वजह से प्राधिकरण ने ये धनराशि कोर्ट में जमा करा दी थी। ये विवाद यहां चल रहा हैं। प्राधिकरण उपाध्यक्ष अभिषेक पांडेय ने बताया कि प्रारंभिक जांच पड़ताल में ये तथ्य सामने आया है कि डिफेंस एन्क्लेव के सामने जो गहरा गड्ढा हैं, वो जमीन प्राधिकरण की हैं।
उसके अगले हिस्से में कुछ भूमाफियाओं ने कब्जा कर रखा हैं, जो प्राधिकरण पूर्व में इस जमीन का अधिग्रहण कर चुका हैं। इसके बावजूद कैसे ये जमीन पर कब्जा होने दिया, ये बड़ा सवाल हैं। इसी स्थान पर एक दुकान पर मेडा ने बुलडोजर चला दिया था, जिसके बाद बवाल हो गया था। मेडा वीसी का चार घंटे घेराव चला था। यह तय हो चला है कि कंकरखेड़ा में अवैध निर्माण गिराने पर हुआ बवाल एक बड़ी साजिश का हिस्सा था। मेडा वीसी अभिषेक पांडेय की प्रारंभिक जांच में खुलासा हुआ कि जिस जमीन पर अवैध निर्माण किया गया
वो मेरठ विकास प्राधिकरण की बेशकीमती जमीन है। गाटा संख्या 187 भैंसाली रोड बस स्टैंड के लिए प्रस्तावित है और गाटा संख्या 189 भी उसी का हिस्सा है और एक बीघा, एक बिस्वा और एक बिश्वांस जमीन की कीमत 100 करोड़ रुपये से ज्यादा है, इस जमीन को खाली कराने के लिए ही प्राधिकरण ने यहां पर बुलडोजर चलाया था, जिसका भारी विरोध हो गया। अब इसकी जांच रिपोर्ट मंगलवार को आने की बात कहीं जा रही हैं।
इस जमीन पर हुआ कब्जा
प्राधिकरण अफसरों के अनुसार गाटा संख्या 189 में श्रद्धापुरी आवासीय योजना के लिए अर्जन की गई भूमि हैं। इसका क्षेत्रफल करीब एक बीघा, आठ बिस्वा, एक किस्वांसी बताया गया हैं। गाटा संख्या 187 रोडवेज बस स्टैंड के लिए आरक्षित हैं। पहले ये जमीन मेट्रो के लिए आरक्षित की गई थी। पुरानी दुकानों की आड में नई दुकानें बनाई गयी। गाटा संख्या 189 रोड वाइडिंग क्षेत्र में आती हैं। कंकरखेड़ा में ज्यादातर जमीन रोड वाइडिंग में आ रही हैं।

