Wednesday, April 1, 2026
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बारिश से मौसम में उमस का दौर शुरू

  • गर्मी ने किया हलकान तापमान में आई गिरावट

जनवाणी संवाददाता |

मोदीपुरम: जून माह में लगातार गर्मी का प्रकोप बढ़ने के कारण इस बार गर्मी ने लोगों को बीमारी का शिकार कर दिया है। हालांकि इस महीने के अंतिम सप्ताह में बदलाव भी देखने को मिला है। मौसम विशेषज्ञों के अनुसार हल्की बूंदाबांदी की संभावना जाहिर की गई थी। जिसके मुताबिक मौसम में बदलाव हुआ और आंधी के साथ बूंदाबांदी हुई। बूंदाबांदी होने से लोगों को गर्मी से राहत मिली और विद्युत आपूर्ति की समस्या भी काफी हद तक ठीक हो सकी, लेकिन बारिश होने के बाद से एक बार फिर से मौसम में उमस के बढ़ने के कारण गर्मी का प्रकोप फिर से शनिवार को देखने को मिला।

गर्मी का प्रकोप बढ़ने के कारण दोपहर बाद मौसम में हल्का सा बदलाव हुआ और हल्की बूंदाबांदी हुई, लेकिन उमस का प्रकोप फिर भी बरकरार रहा। जिसके चलते गर्मी का असर दिखाई दिया। हालांकि तापमान में निरंतर गिरावट दर्ज की जा रही है, लेकिन अभी भी गर्मी का प्रकोप कम होने का नाम नहीं ले रहा है। राजकीय मौसम वैधशाला पर शनिवार को दिन का अधिकतम तापमान 37.7 डिग्री एवं न्यूनतम तापमान 26.2 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया।

जबकि अधिकतम आर्द्रता 65 एवं न्यूनतम आर्द्रता 40% दर्ज की गई। हवा का रुख सुबह शांत रहा। दोपहर में 8 से 18 किलोमीटर तक एवं शाम को 6 किलोमीटर तक आंका गया है। सरदार वल्लभभाई पटेल कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय के मौसम वैज्ञानिक डा. यूपी शाही का कहना है कि अभी मौसम ऐसा ही बना रहेगा, हालांकि गर्मी के बढ़ने की संभावना जग जाहिर है।

बारिश से कम हुआ प्रदूषण

बारिश के होने से महानगर में लगातार बढ़ रहा प्रदूषण आखिरकार कम हो गया है, क्योंकि बारिश के होने से आसमान में प्रदूषण के कण घूल जाते हैं। जिसके चलते प्रदूषण में कमी आती है। बारिश होने से प्रदूषण में कमी आई जिसके चलते लोगों ने राहत की सांस ली है।

उमस बढ़ते ही एसी के दामों में आया उछाल

देशभर में भीषण गर्मी पड़ रही है। इन दिनों सूर्यदेव की तपिश के प्रकोप से देश का कोई भी हिस्सा नहीं बच पा रहा है। ऐसे में ठंडक पाने के लिये लोग एसी की खरीदारी अप्रैल माह से ही कर रहे हैं। दुकानदारों का कहना है कि बिक्री में एकदम से इजाफा हुआ है। जिसके परिणाम स्वरूप बाजरों में सीजन से पहले ही एसी की कमी हो गयी है। इसके साथ ही पिछले साल की तुलना में इस बार एसी की मांग में 20% का उछाल देखने को मिला है।

आलम ये है कि देश में एसी बनाने वाली कंपनियों को कलपुर्जों की कमी का सामना करना पड़ रहा है। जिस कारण कम्पनियां, डिस्ट्रीब्यूशन और प्रोडक्शन की साइकिल में रुकावट को दूर करने के लिए, चीन, ताइवान, थाईलैंड, मलेशिया और जापान से कंप्रेसर, क्रॉस फ्लो पंखे, मोटर और पीसीबी सर्किट जैसे कलपुर्जे मंगवा रही है। गीतांजलि इंटरप्राइजेज के मैनेजरबताते हैं कि इस बार एकाएक दक्षिण में गर्मी अत्यधिक बढ़ने की वजह से वहां एसी की बिक्री बढ़ गयी है। दक्षिण के रिटेलरों ने कंपनियों से पैक्ट किया है।

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जिस वजह से उत्तर भारत में एसी की किल्लत झेलनी पड़ रही है। वो बताते हैं कि कंपनियों और दुकानदारों को इतनी सेल का अंदाजा नहीं था। पिछले सालों को देखते हुए ही इस बार भी एसी का उत्पादन किया गया था। मगर रिकॉर्ड तोड़ गर्मी से एक दम आये इजाफे से वो भी अचंभित हैं। अप्रैल से अब तक 1000 एसी की बिक्री हो चुकी है और डिस्ट्रीब्यूशन में 1500 एसी का औसत है।

अगले सीजन के लिए पहले ही करेंगे तैयारी

गीतांजलि इंटरप्राइजेज के मैनेजर संजू ने बताया कि इस बार स्टॉक होल्ड करने की वजह से कंपनी ने एसी के दाम बढ़ा दिये हैं। वो बताते हैं कि अगली बार इंडस्ट्री में 30%-40% पर की बढ़ोतरी की उम्मीद है। साथ ही उनका कहना है कि इस बार की बढ़ोतरी और गर्मी को देखते हुए अगली बार के लिये पहले से ही तैयारी करके रखेंगे। बता दें कि इस बार हिताची, गोदरेज, एलजी, वोल्टास एसी की भारी डिमांड है। इस बार स्पलिट एसी की कीमत 35,000 रुपये और विंडो एसी की कीमत 30,000 रुपये है।

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