- हिरासत में लिए गए आरोपियों को छुड़ाने जा पहुंचे सदर के व्यापारी नेता
जनवाणी संवाददाता |
मेरठ: थाना सदर बाजार क्षेत्र के रोडवेज के सामने कार सवार बिगड़ैल तीन युवकों ने बस का इंतजार कर रहे खतौली निवासी तीन युवकों को जमकर पिटा। मारपीट के दौरान वहां मौजूद पुलिस वालों ने उन्हें रोकने का प्रयास भी किया, लेकिन कार सवारों को तांडव जारी रहा। बाद में थाने से अन्य पुलिस वाले पहुंचे, तब कहीं जाकर कार सवार उत्पातियों को काबू किया जा सका। पुलिस पीटने वालों और पिटने वालों को लेकर थाने आ गयी। कार सवार मोहित निवासी अंसल टाउन, अर्ष निवासी वेस्ट एंड रोड व रिभव निवासी पल्लवपुरम रविवार देर रात कार से जा रहे थे।
रोडवेज बस स्टैंड पर आकर इन्होंने कार रोक ली। वहां पहले से ही खतौली निवासी सचिन, नितिन व अंकित बस की प्रतीक्षा कर रहे थे। उसी दौरान एक आॅटो चालक बस का इंतजार कर रहे युवकों के पास आकर जोर से हौरन बजाने लगा। युवकों ने उसको भला बुरा कह दिया। बताया जाता है कि कार सवार युवकों ने सोचा कि बस का इंतजार कर रहे युवक उनको बोल रहे हैं। आरोप है कि इसी बात से गुस्साए तीनों युवक कार से उतरे और सचिन, नितिन व अंकित को पीटना शुरू कर दिया। कार सवार युवक खतौली निवासी युवकों पर भारी पड़ रहे थे।
गाली-गलौज करते हुए तीनों बुरी तरह पीट रहे थे। वहां मौजूद पुलिस वालों ने इन्हें रोकने का भी प्रयास किया, लेकिन बिगडैÞल युवक पुलिस की भी सुनने को तैयार नहीं थे। बाद में थाने से और पुलिस वाले वहां पहुंचे और उन्होंने पीट रहे तीनों युवकों को काबू किया। उन्हें लेकर थाने आ गए। जो पिटे उन्हें भी थाने ले आए। बताया जाता है कि जो युवक पीट रहे थे
उन्होंने पुलिस द्वारा थाने लेकर आने की जानकारी अपने परिजनों को मामले की जानकारी दी। इनमें से एक युवक जो वेस्ट एंड रोड निवासी बताया गया है उसके परिजनों ने सदर के एक व्यापारी नेता को सिफारिश के लिए थाने भेज दिया। इस व्यापारी नेता ने थाने पहुंचकर दोनों पक्षों के बीच समझौता करा दिया। पुलिस ने कोई लिखा पढ़ी नहीं की।
परिवहन निगम में चल रहा मलाईदार पदों पर ट्रांसफर-पोस्टिंग का खेल
मेरठ: उत्तर प्रदेश राज्य सड़क परिवहन निगम में एक सेवानिवृत्त उपाधिकारी ने लखनऊ मुख्यालय स्तर पर अपनी साठगांठ के चलते मेरठ रीजन में ट्रांसफर-पोस्टिंग का खेल चला रखा है। विभागीय सूत्र बताते हैं कि इन महाशय के स्तर से जिस काम की जिम्मेदारी ले ली ताजी है, उसके होने की 100 प्रतिशत गारटी भी होती है। मेरठ रीजन में जो प्रकरण सबसे ज्यादा चर्चा में हैं, उनमें 23 अप्रैल 2024 को किए गए आदेश संख्या 110 में एमडी मुख्यालय चेकिंग स्कवायड की इंटरसेप्टर गाड़ी संख्या यूपी-32केएच/3156 से चालक प्रवीण कुमार को हटाकर अम्बुज कुमार को लगाया गया।
अभी इस आदेश को 17 दिन ही बीते थे, कि मुख्यालय से दो मई को नया आदेश जारी हो गया। जिसमें पहले वाले आदेश को पलट दिया गया। 19 फरवरी को जारी एक आदेश संख्या 44 में अवधेश कुमार हो हटाकर राकेश कुशवाहा को लगाया गया। लेकिन दो मई को नया आदेश संख्या 116 जारी करते हुए राकेश कुशवाहा की जगह अवधेश कुमार को इंटरसेप्टर पर लगा दिया गया। इन दिनों यह प्रकरण दबी जबान में चर्चा का विषय बना हुआ है।
जिसमें बताया गया है कि गाजियाबाद में रह रहे एक सेवानिवृत्त उपाधिकारी किसी समय मेरठ और गाजियाबाद में रहे एक अधिकारी के काफी करीबी रहे। वह अधिकारी इन दिनों मुख्यालय में तैनात हैं। रिटायर्ड उपाधिकारी ने उनके माध्यम से मुख्यालय स्थित कार्मिक और प्रवर्तन विभाग में अपनी मजबूत पकड़ बना रखी है। मामला मुख्यालय स्तर से जुड़ा होने के कारण रीजन में कोई भी इस बारे में कुछ बोलने को तैयार नहीं है।

