- 14982 हेक्टेयर भूमि में नर्सरी, बासमती और अन्य प्रजाति की बुवाई का लक्ष्य
जनवाणी संवाददाता |
मेरठ: जनपद में इस साल 14982 हेक्टेयर भूमि में धान की फसल बोने का लक्ष्य रखा गया है। जिसमें से अभी तक 9322 हेक्टेयर भूमि में बुवाई का काम पूरा किया जा चुका है। जिला कृषि अधिकारी राजीव कुमार सिंह के अनुसार इस बार मानसून काफी अच्छा रहने की संभावना के चलते धान की बेहतर फसल होने की उम्मीद है। उन्होंने बताया कि बीते वर्ष 15135 हेक्टेयर भूमि में 390180 कुंतल धान का उत्पादन हुआ। इस बार अपेक्षाकृत 14982 हेक्टेयर भूमि में धान की फसल बोने का लक्ष्य होने के बावजूद 398521 कुंतल धान की पैदावार होने का आशा है।
धान की बुवाई के लिए 14982 भूमि का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। जिसमें धान नर्सरी के निर्धारित 999 हेक्टेयर के सापेक्ष 1022 हेक्टेयर भूमि में बुवाई की जा चुकी है। जबकि बासमाती प्रजाति के लिए 13900 हेक्टेयर के सापेक्ष अभी तक 9290 हेक्टेयर भूमि में बुवाई की गई है। इसके अलावा मक्का के लिए निर्धारित लक्ष्य 387 के सापेक्ष 95 हेक्टेयर भूमि में बुवाई की गई है। जिला कृषि अधिकारी राजीव सिंह के अनुसार जनपद के समस्त 12 ब्लॉक क्षेत्र में स्थित गोदामों के माध्यम से करीब चार हजार किसानों को 488.88 कुंतल धान का आधारीय बीज वितरित किया गया है।
जिसके निर्धारित मूल्य 6780 रुपये में 2600 रुपये प्रति कुंतल की सब्सिडी विभाग की ओर से दी गई है। इस बार लागू की गई नई व्यवस्था के मुताबिक किसानों को पॉस मशीन से अंगूठा लगवाकर सब्सिडी एडजेस्ट करते हुए बकाया मूल्य लिया गया है। उन्होंने बताया कि किसानों को 12 लाख 71 हजार से अधिक की सब्सिडी दी जा चुकी है।
16 से 18 अक्टूबर को आयोजित होगा किसान मेला
मोदीपुरम: सरदार वल्लभ भाई पटेल कृषि विवि में हर वर्ष की तरह आयोजित होने वाला कृषि मेला इस बार 16 से 18 अक्टूबर तक आयोजित किया जाएगा। कृषि मेले में किसानों को विभिन्न नई तकनीक, शोध, ड्रेगन फ्रूट, प्राकृतिक खेती आदि की जानकारी दी जाएगी। मेले की मुख्य थीम कृषि उद्यमिता-समृद्ध किसान रहेगी। कुलपति डॉ. केके सिंह ने बताया कि किसान मेले का आयोजन किसानों, कृषि क्षेत्र से जुड़े उद्यमियों व उन सभी को जो परोक्ष व अपरोक्ष रूप से खेती बाड़ी से जुड़े है, के लाभ के लिए होगा।
मेले में फसल अवशेष प्रबन्धन, कृषि मशीनीकरण, खाद्य प्रसंस्करण, प्राकृतिक खेती, कृषि विविधीकरण, महिला सशक्तिकरण, ड्रेगन फ्रूट का उत्पादन तकनीक और उसका प्रदर्शन, ड्रोन का सजीव प्रदर्शन, बेरोजगार युवकों के लिए उद्यमिता विकास की पूर्ण जानकारी से संबंधित स्टाल लगाए जाएंगे। निदेशक प्रसार डॉ. पीके सिंह ने बताया कि किसान मेले में किसानों को लाने के लिए विवि कार्यक्षेत्र में आने वाले जिलों में स्थित कृषि विज्ञान केंद्र के अध्यक्ष/प्रभारी अधिकारियों को जिम्मेदारी दी जा रही है। मेले में बहुराष्ट्रीय व राष्ट्रीय स्तर के स्टॉल में बीज, दवाओं, मशीनरी व अन्य उपयोगी कृषि निवेश किसानों के क्रय को लेकर उपलब्ध कराए जाएंगे। मेले में चुने गए स्टाल व उत्पादकों को पुरस्कृत किया जाएगा।

