- महिला अपराध से संबंधित वारदातों को लेकर गंभीरता न बरतने का आरोप
जनवाणी संवाददाता |
मेरठ: एसएसपी विपिन ताडा भले ही महिला अपराध करने वालों के खिलाफ अपनी प्राथमिकता साफ कर चुके हों, लेकिन एसएसपी के आदेशों के बावजूद नौचंदी पुलिस पर महिलाओं के अपराधों के प्रति गंभीर ना होने के आरोप लगा रहे हैं। 24 घंटों में महिला अपराधों को लेकर दो मामले सामने आए हैं, जिनमें कार्रवाई के बजाए नौचंदी पुलिस पर हाथ बांध लेने के आरोप लग रहे हैं। शास्त्रीनगर इलाके की रहने वाली युवती मेला नौचंदी में एक स्टॉल पर काम करती है। हर रोज रात में करीब 12 बजे वह घर के लिए निकलती है।
मेले में काम करने वाला एक व्यक्ति मजदूर चौक तक युवती को छोड़ देता है, जिसके बाद उसे पैदल ही घर जाना पड़ता है। युवती की मां भी उसे लेने के लिए आती है। युवती ने बताया कि तीन दिन पहले रात में घर जाते वक्त बाइक सवार दो युवकों ने उसका पीछा किया। एक सुनसान जगह पर जबरन रोकने की कोशिश की और उसका हाथ पकड़ लिया। उसने जब विरोध जताया तो अभद्रता की गई। किसी तरह वह उनके चंगुल से छूटकर घर पहुंची और मां को वाकिया बताया।
अगले दिन फिर वही सबकुछ हुआ। वही दोनों युवक अंधेरे में खड़े मिले और खींचने का प्रयास किया गया। इस वारदात के बाद वह और उसका परिवार बहुत डरा है। उसने डायल 112 पर भी सूचना दी लेकिन पुलिस की तरफ से कोई रिस्पांस नहीं मिला। अब उसे अपनी ड्यूटी पर जाने में भी डर लगता है।
गुमशुदगी दर्ज करने के बजाए थाने से भगाया
मेला नौचंदी क्षेत्र का है। जहां बेटी की गुमशुदगी दर्ज कराने पहुंची महिला ने नौचंदी पुलिस द्वारा बजाए कार्रवाई के उसको डांट-फटका कर भगा देने का आरोप लगाया है। सोमवार देर रात दिल्ली के पहाड़गंज निवासी एक महिला अपनी 20 साल की बेटी के अचानक मेला क्षेत्र से गुम हो जाने की सूचना देने आयी तो आरोप है कि उसको थाने से फटकार कर भगा दिया। कम्युनिटी सेंटर चांदी वाली गली पहाड़ गंज दिल्ली निवासी सोजाबाई पत्नी बबन सोमवार देर रात अपनी बेटी संतरा की गुमशुदगी दर्ज कराने को थाना नौचंदी पहुंची थी। उसके हाथ में तहरीर और बेटी का फोटो व आधार कार्ड था।
पीड़िता का आरोप है कि बजाए उसकी मदद के थाने के स्टॉफ ने अपशब्द कहते हुए उसको वहां से भगा दिया। उसकी पूरी बात भी नहीं सुनी। पीड़िता ने बताया कि वह मेला नौचंदी में खिलौनों की दुकान लगाने को आयी है। उसके साथ बेटी संतरा भी आयी थी। सोमवार की दोपहर को उसकी बेटी साबुन लेने जाने की बात कहकर गयी थी, लेकिन देर रात तक नहीं लौटी तो वह थाने में गुमशुदगी की सूचना देने आयी थी, लेकिन पुलिस ने उसकी बात नहीं सुनी। वहीं, इस संबंध में इंस्पेक्टर महेश राठौर का कहना है कि इस तरह की कोई शिकायत थाने नहीं आई है। शिकायत मिलती है तो पुलिस कार्रवाई करेगी।
जेल भेजे गए बदमाशों का डेढ़ माह से फरार साथी दबोचा
मेरठ: नौचंदी थाना क्षेत्र में दिनदहाडेÞ बंद मकान के ताले तोड़कर लाखों की चोरी के मामले में जेल भेजे गए बदमाशों का डेढ़ माह से फरार चला साथी मंगलवार को पुलिस ने गिरफ्तार कर जेल भेज दिया। गिरफ्तार वांछित बदमाश नौशाद पुत्र रफीक निवासी चमड़ा पैठ जाकिर कालोनी के दो साथी पहले ही जेल भेजे जा चुके हैं। इंस्पेक्टर नौचंदी महेश राठौर के मुताबिक अभियुक्त नौशाद की गिरफ्तारी के लिए निरन्तर प्रयास किये जा रहे थे।
एक सूचना पर मंगलवार तड़के उसको पीवीएस रोड पर बिजलीघर के सामने नाले से पहले डी ब्लाक शास्त्रीनगर को जाने वाले टी प्वांइट से अभियुक्त को गिरफ्तार कर लिया गया। जिसके कब्जे से मुकदमा उपरोक्त से सम्बन्धित चोरी गयी पानी की टोटियां व ड्रिल मशीन तथा एक मोटरसाइकिल हीरो होंडा स्पलेंडर बिना नम्बर बरामद की गयी। नौशाद द्वारा करीब तीन महीने पहले अपने दोस्त साजिद व शावेज के साथ मिलकर सेक्टर-6 में एक मकान के ऊपरी कमरे की ग्रिल तोड़कर उस कमरे से पानी की टोटी ड्रिल मशीन ग्राइंडिग मशीन और एक शीशे जैसी मशीन चोरी की थी। इसके बाद अब से करीब डेढ़ महीने पहले सेक्टर-1 में मकान से दिन के समय अपने इन्हीं साथियों के साथ मिलकर चोरी की थी।
चोरी की वारदातों में सीसीटीवी फुटेज की मदद से बदमाशों की पहचान कर 21 अप्रैल शावेज पुत्र इस्लामुद्दीन निवासी मेवगढ़ी बिस्मिल्लाह मस्जिद के पास थाना लिसाड़ीगेट साजिद पुत्र शब्बीर निवासी केजी 66 कांशीराम कालोनी थाना लोहियानगर को चोरी के माल के साथ गिरफ्तार कर जेल भेजा चुका है। नौशाद अपनी गिरफ्तारी से बचने के लिए लगातार फरार चल रहा था। पूछताछ में बदमाशों ने बताया कि अब तक कई वारदात अंजाम दे चुके हैं। चोरी किए गए सामान व नकदी को आपस में बांट लेते थे।

