Friday, March 27, 2026
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गए थे समस्या सुनाने, लौटे खाली

सर्किट हाउस में सांसद की बैठक फोटो शूट में सिमटी

जनवाणी संवाददाता |

मेरठ: सांसद अरुण गोविल की सर्किट हाउस में संगठन के कार्यकर्ताओं के संग बैठक फोटो शूट में सिमट कर रह गई। इसको लेकर कार्यकर्ताओं में नाराजगी देखी गयी। हालांकि इस मौके पर मौजूद पार्टी के बडेÞ नेताओं ने समझदारी से काम लिया और नाराज व खिन्न नजर आ रहे कार्यकर्ताओं को किसी प्रकार समझा-बुझाकर शांत किया। दरअसल, सांसद को अपनी समस्याएं बताने को सर्किट हाउस पहुंचे कार्यकर्ताओं को सांसद संग फोटो शूट का तो मौका मिला, लेकिन कार्यकर्ताओं का आरोप है कि वह अपनी समस्या सांसद तक नहीं पहुंचा सके। सांसद के निजी सहायक इसमें रोडा बन गए।

इस दौरान सबसे ज्यादा नाराज किठौर विधानसभा क्षेत्र से आए पार्टी कार्यकर्ता खिन्न नजर आए। उन्होंने सांसद के निजी सहायक के व्यवहार को आपत्तिजनक बताया। उन्होंने आरोप लगाया कि सांसद के बजाए उनके निजी सहायक समस्या पूछते हैं। क्या निजी सहायक को सांसद बनाया है। या फिर निजी सहायक उनकी समस्याओं का समाधान करांएगे। इस बैठक में सांसद अरुण गोविल के अलावा ऊर्जा राज्यमंत्री डा. सोमेन्द्र तोमर एमएलसी धर्मेंद्र भारद्वाज, महानगर भाजपाध्यक्ष सुरेश जैन रितुराज, अंकुर गोयल खंदक आदि तमाम कार्यकर्ता भारी संख्या में पहुंचे थे।

सरधना विधायक ने पंचायत सहायकों की समस्याएं सुनीं

सरधना विधायक अतुल प्रधान ने शुक्रवार को पंचायत सहायकों की समस्याएं सुनीं। उन्होंने पंचायत सहायकों के मानदेय को कम बताया। उन्होंने उक्त समस्याओं को मुख्यमंत्री के समक्ष रखने का भरोसा दिलाया। विकास भवन में सरधना विधायक ने पंचायत सहायकों के साथ बैठक की। इसमें पंचायत सहायकों ने बताया कि उन्हें मात्र छह हजार रुपये मानदेय दिया जाता है। उनका सरकार की ओर से कोई बीमा नहीं होता। उनको ईएल और सीएल की भी कोई सुविधा नहीं है। उनसे स्थाई कर्मचारियों से अधिक कार्य लिया जाता है। उनको मानदेय भी विलंब से मिलता है।

पंचायत सहायकों ने अतुल को अपनी मांगों का एक ज्ञापन भी दिया। अतुल प्रधान ने कहा कि पंचायत सहायकों की भूमिका महत्वपूर्ण है। वे सरकार की योजनाओं को गांव के आमजन तक पहुंचाते हैं। पंचायत सहायकों को मानदेय बेहद कम बताया। उन्होंने कहा कि उनका मानदेय तीस हजार रुपये प्रति माह होना चाहिए। उन्हें सरकार को अन्य सुविधाएं भी देनी चाहिए। सरधना विधायक ने उनकी मांग को मुख्यमंत्री के समक्ष रखने और उनकी समस्याओं के निराकरण कराने का पूरा प्रयास करेंगे। बैठक में पंकज कुमार, रोहित, कमल, बिजेन्द्र, बलेराम, मुकेश कुमार, प्रदीप, विक्रम, ब्रह्मपाल आदि मौजूद रहे।

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