- 21 वर्ष बाद मिला इंसाफ, 10 हजार रुपये के अर्थदंड से दंडित किया
जनवाणी संवाददाता |
मेरठ: न्यायालय अपर जिला जज विशेष न्यायाधीश भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम पवन शुक्ला ने पति की हत्या के आरोप में आरोपी पत्नी सविता पत्नी स्व. सत्य प्रकाश निवासी पीएल शर्मा अस्पताल को दोषी पाते हुए आजीवन कारावास एवं अंकन 10 हजार रुपये के अर्थदंड से दंडित किया। सरकारी अधिवक्ता मुकेश मित्तल ने बताया कि वादी मुकदमा महीप्रकाश पुत्र गिरवर सिंह ने थाना दिल्ली गेट में गत 29 मई 2004 को रिपोर्ट दर्ज करायी कि उसका भाई सत्य प्रकाश प्यारेलाल अस्पताल में वार्ड ब्वॉय के पद पर नौकरी करता था
तथा उसकी पत्नी नाजायज संबंधों के चलते उसने अपने प्रेमी विक्रांत, तिलकराम, सुधीर तथा श्रीकृष्ण के साथ मिलकर पति की हत्या कर दी थी। आरोपी सविता 28 अप्रैल 2010 को फरार हो गई थी। इसके बाद न्यायालय ने आरोपी सविता की पत्रावली अलग कर दी थी और इस मामले में आरोपी विक्रांत, तिलकराम, सुधीर व श्रीकृष्ण को पूर्व न्यायालय द्वारा सजा हो चुकी है। इसके बाद पुलिस ने सविता को गत 18 दिसंबर 2018 को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। न्यायालय में आरोपी ने कहा कि उसे झूठा फंसाया जा रहा है। जिसका सरकारी वकील ने कड़ा विरोध किया। न्यायालय ने दोनों पक्षों को सुनकर तथा पत्रावली पर उपलब्ध साक्ष्य को देखकर आरोपी को दंडित किया।
रफीक अंसारी का केस सेशन में ट्रांसफर
सपा विधायक रफीक अंसारी का केस अब सेशन कोर्ट में ट्रांसफर हो गया है। दरअसल, चार्ज के बाद 436 उनका केस केमिटल हो गया। जिसके बाद आगे की सुनवाई अब सेशन में ही चलेगी। रफीक अंसारी 45 दिनों से जेल में बंद हैं। पैरोकार जमानत का जितना प्रयास कर रहे हैं, उतनी ही विधायक की मुसीबत बढ़ती नजर आ रही है। 100 से ज्यादा एनबीडब्लू के चलते रफीक अंसारी को गिरफ्तार कर जेल भेजा गया है। साल 2022 के विधानसभा चुनाव में रफीक द्वारा दिए गए भड़काऊ बयान वाले मुकदमे में न्यायालय ने एक दिन पहले उन्हें जेल से कोर्ट बुलाया।
अब इस मुकदमे में भी विधायक को जमानत अर्जी डालनी होगी। 2022 के विधानसभा चुनाव में रफीक अंसारी का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था। जिसमें काफी कुछ आपत्तिजनक श्रेणी में आने वाली बातें कही गयी हैं। उसी को लेकर नौ कोर्ट में आरोप पत्र दाखिल किया था। इसके बाद कोर्ट ने 309 सीआरपीसी में रिमांड बनाकर विधायक को जेल से बुलाया। अब इस मामले में रफीक अंसारी पर न्यायालय में मुकदमा चलेगा। इस मुकदमे में भी विधायक को जमानत करानी पड़ेगी। वह हिस्ट्रीशीटर भी रहे हैं। उन्हें 27 मई को बाराबंकी से गिरफ्तार किया गया था।
विधायक अतुल पर मुकदमों में बने चार्ज
न्यायालय एसीजेएम प्रथम विशेष न्यायाधीश एमपी एमएलए कोर्ट नदीम अनवर की अदालत में समाजवादी पार्टी के सरधना क्षेत्र से विधायक अतुल प्रधान के मुकदमों में न्यायालय ने आरोप बनाये। आरोपी विधायक के अधिवक्ता गगन राणा ने बताया कि आरोपी विधायक के खिलाफ थाना फलावदा में वर्ष 2022 में आचार संहिता के उल्लंघन का मुकदमा पंजीकृत हुआ था। वर्ष 2015 में चौधरी चरण सिंह यूनिवर्सिटी के बाहर जाम लगाकर पुतला फूंकने के आरोप में मुकदमा पंजीकृत हुआ था एवं थाना दौराला क्षेत्र में वर्ष 2019 में चुनावी आचार संहिता उल्लंघन से संबंधित मुकदमा पंजीकृत हुआ था। इन मुकदमों में आरोपी अतुल प्रधान के चार्ज न्यायालय में बनाए गए तथा आगामी सुनवाई के लिए न्यायालय 1 अगस्त 2024 की तिथि नियत कर दी है।

