- एंटी करप्शन विभाग की टीम ने पांच-पांच सौ रुपये के नोटों के साथ दबोचा
जनवाणी संवाददाता |
मेरठ: सरकारी विभागों में फैले भ्रष्टाचार की जड़ें काफी गहरी है। यहां बिना रिश्वत दिए कोई काम नहीं होता। फिर चाहे ठेका लेना हो या काम करने के बाद भुगतान पाना हो। बिना चढ़ावा चढ़ाए काम नहीं हो सकता। ऐसा ही मामला सामने आया जब एंटी करप्शन विभाग की टीम ने ग्रामीण अभियंत्रण विभाग आरईएस के जेई को 40 हजार रुपये की रिश्वत लेते रंगे हाथों गिरफ्तार कर लिया। अवर अभियंता ठेकेदार से सड़क के मेंटेनेंस बिलों का भुगतान करने के लिए रिश्वत मांग रहा था।
ठेकेदार पुनीत सिंघल ने ग्रामीण अभियंत्रण विभाग में सड़क निर्माण व मेंटेनेंस का ठेका ले रखा है। ठेकेदार ने मेरठ-करनाल मार्ग पर रिठाली से छुर्र कालिंदी तक 2018 में सड़क निर्माण कराया था जो 2019 में पूरा हुआ। 6.14 किमी लंबी सड़क के मेंटेनेंस का भी ठेका पुनीत के ही पास था, जिसे उसने पूरा भी कर दिया। इस काम का बिल 5 लाख 44 हजार था जो विभाग पर अभी बकाया है। ठेकेदार ने विभाग के जेई धीरज कुमार से भुगतान करने को कहा तो उसने ठेकेदार से 40 हजार रिश्वत की मांग कर दी।
ठेकेदार का आरोप है कि जेई ने उसे वाट्सएप पर भी बिना पैसे दिए भुगतान नहीं करने का मैसेज भेजा था। पुनीत ने 13 जुलाई को मामले की शिकायत एंटी करप्शन विभाग से की। मंगलवार को जेई ने ठेकेदार को कचहरी आंबेडकर मूर्ति के पास रिश्वत के पैसे देने के लिए बुलाया। इसी बीच एंटी करप्शन विभाग की टीम ने पुनीत को केमिकल लगे पांच-पांच सौ रुपये के नोट जेई को रिश्वत के रूप में देने के लिए भेजा। जैसे ही जेई ने नोट अपने हाथ में लिए एंटी करप्शन की टीम ने उसे दबोच लिया। उसे सिविल लाइन थाने ले जाया गया और मुकदमा दर्ज कराया गया। कोर्ट में पेश कर जेल भेज दिया गया।

