Friday, March 6, 2026
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आंखों को चाहिए सही देखभाल

Sehat

नीतू गुप्ता |

आंखें भगवान की दी हुई नियामतों में से सर्वाधिक महत्त्वपूर्ण हैं। वैसे तो सभी अंग अपनी महत्ता रखते हैं पर आंखों के बिना यह रंगीन संसार महत्त्वहीन या बेरंग लगता है। आंखों के कारण ही शरीर का सम्पर्क बाह्य जिन्दगी से होता है। सुन्दर आंखें चेहरे की सुन्दरता को चार चांद लगाती हैं, इसलिए उनकी सुन्दरता को बरकरार रखने के लिए उन्हें स्वस्थ रखना अत्यन्त आवश्यक होता है। आइये ध्यान दें कि उनकी सुरक्षा कैसे की जाए।

बहुत दूर की वस्तु या दृश्यों को देर तक नहीं घूरना चाहिए। नींद आने पर आंखों में थकावट महसूस होने पर या सिर में भारीपन होने पर जबरदस्ती आंखों वाले काम को न करें। थोड़ी देर आंखें बन्द करके आंखों को आराम दें। नींद के समय भरपूर नींद लें।

अधिक पास से टीवी न देखें, न ही लगातार टीवी पर टकटकी लगा कर देखें। कम्प्यूटर पर लगातार काम न करें। बीच में कुछ और काम करें या आंखों को थोड़ा आराम देते रहें।

देर रात तक जागने से आंखों के ऊपर का भाग भारी हो जाता है जिससे आंखों का सौम्यपन खत्म होने लगता है। रात्रि में समय पर सो कर प्रात: जल्दी जागने का प्रयास करें।

अधिक शारीरिक श्रम करने के बाद, धूप से आने के बाद या गर्म वातावरण में काम करने के पश्चात् तुरंत आंखें और चेहरा न धोयें। थोड़ा रुककर तापमान सामान्य होने पर ठंडे पानी से चेहरा और आंखें धो सकते हैं।

पढ़ते-लिखते समय रोशनी का पूरा ध्यान रखें। कम रोशनी में पढ़ने से आंखों पर अतिरिक्त भार पड़ता है जो आंखों को हानि पहुंचाता है। बहुत छोटे अक्षरों वाली पुस्तक अधिक समय तक न पढ़ें। बीच में आंखों को बन्द कर आराम दें या अपनी हथेलियों को आंखों पर हल्के से रखकर आराम दें।

अपनी आंखों को तेज धूप, तेज रोशनी, अधिक धुएं और दूषित वातावरण से बचा कर रखें।

प्राकृतिक वेगों को अधिक समय तक रोकने से भी आंखों पर दुष्प्रभाव पड़ता है जैसे मल मूत्र का रोकना, छींक का रोकना आदि।

अधिक रोने से, अधिक क्रोध आने पर, अधिक शोकग्रस्त रहने से, अधिक भोग विलास करने से भी आंखों पर बुरा प्रभाव पड़ता है, इसलिए इनसे दूर रहना ही बेहतर होता है। आंखों को स्वस्थ रखते हुए अपने भोजन पर भी विशेष ध्यान देना जरूरी होता है। अपने भोजन में पोषक तत्वों का पूरा ध्यान रखें।

आंखों को स्वस्थ रखने हेतु विटामिन ‘ए’ का उचित सेवन करें। विटामिन ‘ए’ हमें गाजर, मूली, मटर, पके टमाटर, पालक, पपीता, केला और पत्तागोभी से मिलता है। गाजर और पके पीले फलों में केरोटीन की मात्रा अधिक होती है जिससे शरीर में विटामिन ए बनता है। इससे आंखों की ज्योति ठीक रहती है।

आंखों के स्वास्थ्य हेतु बादाम, सौंफ, गाजर व पालक के रस का सेवन नियमित करना चाहिए।

अधिक थकान महसूस होने पर आंखों में गुलाब जल की 2-2 बूंदें डालें। आंखें तरोताजा रहेंगी।

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