- जिला पंचायत बोर्ड की बैठक में 45 अवैध कालोनियों पर बुलडोजर चलाने का फैसला
- तीन सांसद और चार विधायक हुए बैठक में शामिल
जनवाणी संवाददाता |
मेरठ: तीन सांसद और चार विधायकों की मौजूदगी में हुई जिला पंचायत बोर्ड की बैठक में पशु मेला, पशु बाजार, पशु पैंठ अथवा पशु प्रदर्शनियों को नियंत्रित और विनियमित करने के लिए पूर्व प्रचलित उपविधियों को लागू करके आय बढ़ाने का प्रस्ताव पारित किया गया। ग्रामीण क्षेत्र में साइन बोर्ड, वाल राइटिंग, होर्डिंग्स और पेंटिंग्स और जिला पंचायत की भूमि को किराये पर देकर प्रतिवर्ष दो करोड़ रुपये की आय बढ़ाने के प्रस्ताव पारित किए गए। इसके अलावा खजूरी में बन रही दो अवैध कालोनियों पर बुलडोजर चलाने और 45 अवैध कालोनियों पर अंतिम नोटिस दिए जाने की कार्रवाई का प्रस्ताव भी पारित किया गया।
जिला पंचायत बोर्ड की बैठक शनिवार दोपहर 12 बजे से पंचायत सभागार में आयोजित की गई। बैठक में मुजफ्फरनगर के सपा सांसद हरेंद्र मलिक, बागपत से रालोद सांसद डॉ. राजकुमार सांगवान, बिजनौर से रालोद सांसद चंदन सिंह चौहान, सरधना विधायक अतुल प्रधान, किठौर विधायक शाहिद मंजूर, सिवालखास विधायक गुलाम मोहम्मद और एमएलसी धर्मेंद्र भारद्वाज ने विशेष रूप से प्रतिभाग किया। जिला पंचायत अध्यक्ष गौरव चौधरी ने सभी का बुके देकर स्वागत किया। बैठक का संचालन करते हुए एएमए भारती धामा ने एजेंडा पढ़कर सुनाया, जिसको सर्वसम्मति से पारित किया गया।
इसमें पशु मेला पशु बाजार पशु पैंठ और पशु प्रदर्शनियों को संशोधन के साथ संचालित करके जिला पंचायत की आय बढ़ाने का प्रस्ताव रहा। जिला पंचायत क्षेत्र अंतर्गत साइन बोर्ड, दीवारों पर लिखाई, होर्डिंग पेंटिंग्स आदि के कार्य से ठेके का प्रस्ताव भी पारित किया गया। इसके अलावा जिला पंचायत की संपत्ति को सार्वजनिक नीलम करके किराये पर दिए जाने की प्रस्ताव को स्वीकृति दी गई। जिला पंचायत अध्यक्ष गौरव चौधरी ने बताया कि इनसे जिला पंचायत को प्रतिवर्ष दो करोड़ रुपये की अतिरिक्त आय प्राप्त हो सकेगी।
वहीं, जिला पंचायत के अंतर्गत आने वाली 140 ग्राम पंचायतों में से 45 स्थान पर अवैध कालोनियां बनाए जाने की जानकारी देते हुए इन सभी को नोटिस जारी करने के बारे में बताया गया। प्रस्ताव पारित किया गया कि अवैध निर्माण करने वालों को अंतिम नोटिस जारी किया जाए। साथ ही खजूरी में सिटी कॉलोनी और डिफेंस कॉलोनी की करीब 95 बीघा भूमि पर विकसित की जाने वाली दोनों कॉलोनी पर बुलडोजर चलाकर उन्हें ध्वस्त करने का प्रस्ताव पारित किया गया। इसके संबंध में डीएम से भी अनुमति प्राप्त होने की जानकारी दी गई।
शीर्ष अधिकारियों के न पहुंचने पर नाराजगी
बागपत से रालोद सांसद डॉ. राजकुमार सांगवान ने जिला पंचायत बोर्ड बैठक में जिले के शीर्ष अधिकारियों के नए पहुंचने पर नाराजगी जताई। उन्होंने कहा कि बोर्ड बैठक के दौरान तीन सांसद, चार विधायक और समूचे जिले के जिला पंचायत सदस्य मौजूद हैं। जो ग्रामीण क्षेत्र की विभिन्न समस्याओं के समाधान के लिए बैठक में प्रतिभाग करते हैं, लेकिन अधिकारियों के लिए इसके कोई मायने नहीं रह गए हैं, ऐसे में बैठक का कोई औचित्य नहीं रह जाता है। बैठक में सीडीओ नूपुर गोयल ने जिला स्तरीय अधिकारियों को निर्देशित किया कि जिला पंचायत सदस्यों समेत जनप्रतिनिधियों की कॉल को रिसीव किया जाए। उनकी समस्याओं को सुनकर यथासंभव समाधान कराया जाए।
सांसदों ने जाम और बिजली चेकिंग की उठार्इं समस्याएं
जिला पंचायत बोर्ड बैठक के दौरान सदस्य अनिकेत भारद्वाज, सम्राट मलिक, दुष्यंत कुमार समेत विभिन्न जिला पंचायत सदस्यों ने अपने-अपने क्षेत्र की समस्याओं से अवगत कराया। गढ़ रोड पर विवाह मंडप में पार्किंग की व्यवस्था न होने का मुद्दा उठाया गया। जिला पंचायत बोर्ड बैठक के दौरान मुजफ्फरनगर के सांसद हरेंद्र मलिक ने मिलों से होने वाले प्रदूषण खास तौर से सकौती और दौराला चीनी मिलों से निकलने वाली छार्इं से लोगों के जीवन पर पढ़ने वाले प्रतिकूल प्रभाव को प्रमुखता से उठाया। उन्होंने इसके लिए एनजीटी के निर्देशों का अनुपालन करने के लिए अधिकारियों से अपेक्षा की। सरधना विधायक अतुल प्रधान ने सैनी गांव में स्थित पेपर मिल से लगने वाले जाम और सड़क पर खड़े रहने वाले वाहनों का समाधान करने की मांग उठाई।
उन्होंने पेड़ों के कटान करके गंगनहर पर सड़क बनाए जाने से तापमान में वृद्धि का मुद्दा उठाया। किठौर विधायक शाहिद मंजूर ने बिजली के तारों की जर्जर स्थिति के साथ-साथ एक मुद्दा यह भी उठाया कि आबादी बढ़ने के साथ-साथ हाई टेंशन लाइन बस्ती के बीच आने की समस्या लगभग हर जगह उत्पन्न हो गई है। सांसद हरेंद्र मलिक ने बिजली की चेकिंग के दौरान घरों में घुसने की परंपरा पर कड़ी नाराजगी जताते हुए इस पर तत्काल रोक लगाने के लिए भी कहा। बिजनौर के सांसद में सभी जनप्रतिनिधियों से एकजुट होकर कार्य करने और अतिक्रमण के खिलाफ अभियान चलाने पर जोर दिया।

