- लेखपाल ने आय जाति के नाम पर पीड़ित से की थी पांच हजार रुपये की मांग
- पीड़ित की शिकायत के बाद एंटी करप्शन टीम ने की छापेमारी
जनवाणी संवाददाता |
मवाना: आय और जाति प्रमाण पत्र बनाने के नाम पर पांच हजार की रिश्वत मांग रहे लेखपाल को एंटी करप्शन टीम ने दबोचा लिया। एंटी करप्शन की टीम लेखपाल को पूछताछ के लिए थाना ले आई। घंटों पूछताछ के बाद टीम ने लेखपाल के खिलाफ मुकदमा पंजीकृत कराया। पीड़ित की शिकायत पर शुक्रवार को एंटी करप्शन की टीम ने तहसील में छापेमारी का रिश्वतखोर लेखपाल को रिश्वत के पैसोें सहित दबोच लिया।
थाना क्षेत्र के गांव नासरपुर निवासी पीड़ित आसाराम ने बताया कि आय व जाति प्रमाण पत्र का आवेदन करने के बाद 15 दिन से अपना प्रमाणपत्र बनवाने के लिए भटक रहा है। हल्का लेखपाल लोकेश की आवेदन पर रिपोर्ट लगाने के नाम पर पांच हजार रुपये की रिश्वत की मांग की। रिश्वत न देने पर प्रमाण पत्र के आवेदन को रिकमंड न करने की देने की धमकी देने लगा। पीड़ित ने रिश्वतखोर लेखपाल की शिकायत एंटी करप्शन से की। पीड़ित की शिकायत पर शुक्रवार को टीम प्री प्लांड तरीके से आसाराम को लेखपाल के पास पांच हजार रुपये लेकर भेजा। पैसे हाथ में लेते ही तुरंत एंटी करप्शन की टीम ने लेखपाल को गिरफ्तार कर लिया।
रिश्वत लेने के बाद टीम लेखपाल को लेखपालों के चैंबर से अरेस्ट कर थाने ले आई। एंटी करप्शन टीम की प्रभारी अंजू भदोरिया ने बताया की लेखपाल ने अपना जुर्म कबूल कर लिया और माफी मांगी, लेकिन एंटी करप्शन टीम ने कार्रवाई करते हुए मौके से बरामद रिश्वत के पांच हजार रुपये कर लिए। तलाशी में जेब में रखे पांच हजार रुपये जब्त कर आरोपी लेखपाल के खिलाफ थाने पर मुकदमा पंजीकृत कराया। लेखपाल को एंटी करेप्शन टीम द्वारा पकड़े जाने पर तहसील मेें हड़कंप मच गया। अधिकांश लेखपाल और कर्मचारी छापेमारी के बाद तहसील से गायब नजर आए।

