- दलितों ने घर पर किए चस्पा, पुलिस पर दबंगों के खिलाफ कार्रवाई न करने का आरोप
जनवाणी संवाददाता |
मेरठ: शहर के कुछ खास इलाकों में लोगों के घर छोड़कर पलायन के पोस्टरों का सिलसिला लगातार बढ़ता जा रहा है, नौचंदी थाना क्षेत्र के जयदेवी नगर व शास्त्रीनगर एल-2 के अब अब लोहिया नगर क्षेत्र के कांशीराम कालोनी में दलितों ने मकानों को बेचकर पलायन के पोस्टर चस्पा कर दिए हैं। इस बार पलायन की वजह संप्रदायिक नहीं बल्कि अपराधिक है। आरोप है कि लोहिया नगर पुलिस इस इलाके में रहने वालों को सुरक्षा देने में नाकाम रही है।
पुलिस की नाकामी और दबंगों के बढ़ते खौफ के चलते कांशीराम कालोनी के कई परिवार पलायन को मजबूर हैं। आरोप है कि कांशीराम कालोनी में रहने वाले दलितों पर विशेष समुदाय के शरारती तत्व आए दिन उनके घरों को निशाना बनाकर उन पर अत्याचार कर जानलेवा हमला कर रहे हैं। कालोनी में रहने वाले धर्मेन्द्र जाटव के पड़ोस में रहने वाले विशेष समुदाय से जुड़े रिहान एवं मुस्कान ने अपने साथियों के साथ मिलकर दलित परिवारों के घरों में घुसकर जानलेवा हमला बोल दिया और पूरे परिवार को निशाना बनाकर जमकर मारपीट कर दी। पुलिस ने बताया कि हमलावरों का शहर से लेकर देहात क्षेत्र के थानों में संगीन घटनाओ में मामले दर्ज हैं
उसके बाद भी पुलिस इनपर कोई सख्त कार्रवाई नहीं कर पा रही है। शरारती तत्वों ने अपने साथियों के साथ मिलकर इससे पहले भी तीन बार दलित परिवार पर जानलेवा हमला कर चुके हैं, लेकिन पुलिस के ढुलमुल रवैया से उक्त हमलावरों पर शिकंजा नहीं कसा जा सका है। पीड़ित दलित परिवार से जुड़े लोगों ने पुलिस को बताया कि हमलावरों में शामिल रिहान का फायरिंग करते हुए वीडियो वायरल भी हुआ था। जिसमें खरखौदा पुलिस ने संबंधित मुकदमे में जेल भेजा था। पीड़ित परिजनों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही पुलिस द्वारा इनके खिलाफ कार्रवाई नहीं हुई तो वह एसएसपी से फरियाद करेंगे। हालांकि मामले के तूल पकड़ने के बाद पुलिस अब जांच की बात कह रही है।
जय किसान इंटर कॉलेज से प्रधानाचार्य को पद से हटाया
दौराला: जय किसान कन्या इंटर कालेज दुल्हैड़ा में प्रधानाचार्या पद पर रहकर आॅडिटर से अभद्र व्यवाहर करने, कक्षा एक से कक्षा आठवीं तक की छात्राओं को फ्री पढ़ाने के बजाय फीस वसूलने जैसे कई संगीन आरोप लगे। जिसके बाद कालेज की मैनेजमेंट कमेटी ने उनको प्रधानाचार्या पद से हटा दिया है। कालेज के प्रबंधक राजेंद्र प्रताप सिंह ने बताया कि जय किसान कन्या इंटर कालेज दुल्हैड़ा में कई वर्षों से प्रधानाचार्या रही कु. शशिबाला द्वारा स्थानीय निधि लेखा परीक्षा विभाग मेरठ व वरिष्ठ लेखा परीक्षक से अमर्यादित व अभद्र व्यवहार किया गया।
विधिक रुप से बाध्यकारी सम्परीक्षा कार्य में सहयोग न करने एवं निश्शुल्क और अनिवार्य बाल शिक्षा का अधिकार अधिनियम 2009 के प्रावधानों के विरुद्ध कक्षा एक से आठ तक की छात्राओं से अवैध शुल्क लिए जाने के तथ्य संज्ञान में आने पर प्रबंधक द्वारा पत्र के माध्यम से शशिबाला कुमारी से स्पष्टीकरण मांगा गया। उक्त दोनों पत्रों के जवाब में उन्होंने अत्यन्त असंयत एवं धमकी भरी भाषा में साक्ष्यविहीन, निराधार एवं तर्कहीन अभिकथन किए। वहीं प्रस्तुत दोनों स्पष्टीकरणों में कोई भी विश्वसनीय साक्ष्य तथ्य एवं विधिसम्मत तर्क प्रस्तुत नहीं किया गया। जिसके बाद प्रबंध समिति ने बैठक कर शशिबाला कुमारी को प्रधानाचार्या के पद से हटा दिया है।
लिंटर गिरने से बच्चे दबे, मां की मौत
मेरठ: कंकरखेड़ा के खड़ौली गांव में गुरुवार तड़के दो से तीन बजे के मध्य अचानक एक घर का लिंटर गिरने से माता पिता व उनके बच्चे दब गए। इस हादसे में मां की मौत हो गई। लिंटर गिरने के बाद हुए जोरदार धमाके से आसपड़ोस वाले जाग गए। वो तेजी से दौड़े। शोर सुनकर आसपास के ग्रामीण मौके पर पहुंचे और किसी तरह परिवार को मलबे से निकाला। घायलों को पास के अस्पताल में भर्ती कराया, जहां चिकित्सकों ने महिला को मृत घोषित कर दिया।
शोभापुर चौकी क्षेत्र के खड़ौली गांव में सुशील परिवार के साथ रहता है। सुशील की गांव में ही दर्जी की दुकान है। उसकी शादी लगभग 14 वर्ष पूर्व नीलम से हुई थी। परिवार में चार बच्चे बड़ी बेटी 13 साल की गुंजन, नौ साल की परी, सात साल की अनन्या व पांच साल का प्रियांशु है। सुशील ने बताया कि बुधवार रात खाना खाने के बाद पूरा परिवार एक कमरे में सो रहा था। देर रात लगभग दो बजे अचानक से भरभराकर कमरे का लिंटर नीचे गिर गया। सभी लोग मलबे के नीचे दब गए। चीख-पुकार मची तो ग्रामीणों की आंख खुल गई।
ग्रामीण घटनास्थल की तरफ दौड़े। कमरे का मंजर देखकर उनकी आंखें खुली रह गईं। कमरे के अंदर व बाहर अफरातफरी का माहौल था। सैकड़ों ग्रामीणों की भीड़ मौके पर इकट्ठा हो गई। लोगों ने किसी तरह लिंटर के मलबे के नीचे दबे लोगों को बाहर निकाला। सूचना पर थाना पुलिस मौके पर पहुंची और ग्रामीणों की मदद से घायलों को जिला अस्पताल में भर्ती कराया। चिकित्सकों ने नीलम को मृत घोषित कर दिया। वहीं, अन्य घायलों को प्राथमिक उपचार के बाद छुट्टी दे दी। नीलम की मौत की सूचना पर परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है।
थाना प्रभारी योगेश शर्मा कहना है कि पंचनामा भरकर शव परिजनों के सुपुर्द कर दिया है। ग्रामीणों ने बताया कि वे अपने घरों में सो रहे थे। इसी बीच रात लगभग दो बजे देर तेज धमाके की आवाज आई। ग्रामीणों ने बताया कि एक बार तो ऐसा लगा कि कोई सिलेंडर फट गया है। इसके बाद घरों से निकलकर ग्रामीण मौके पर पहुंचे। वहीं लिंटर के नीचे दबे बच्चों का रो-रोकर बुरा हाल था।

