- यूरोप के सबसे ऊंचे पर्वत पर भारत का तिरंगा लहराकर बढ़ाया देश का मान
जनवाणी संवाददाता |
सरूरपुर: भूनी निवासी अंकित कुश ने यूरोप महाद्वीप की सबसे ऊंची पर्वत चोटी माउंट एल्ब्रस को फतेह करते हुए भारत का तिरंगा लहराकर देश का नाम रोशन किया है। तमाम बाधाएं और तूफान पार करने के बाद 16 अगस्त को अंकित ने यूरोप की सबसे ऊंची पर्वत चोटी पर भारत का तिरंगा लेकर मान बढ़ाया है। हालांकि उसका सपना 15 अगस्त के दिन माउंट एल्ब्रस पर झंडा फहराने का था, लेकिन तूफान आने के कारण से अपना अभियान रोकना पड़ा।
अंकित कुश ने बताया कि अभियान 8 अगस्त को दिल्ली से शुरू किया था। जहां रूस पहुंचने के बाद यूरोप महाद्वीप की सबसे ऊंची पर्वत चोटी माउंट एल्ब्रस को फतह करने के लिए रूस के मिनरल नेवोडी ऊंचा झा गाइड से मिला। जिसके बाद उसने अपने मनसूबा बताया और माउंट एल्ब्रस को फतह करने के लिए अपनी इच्छा जताई। जिसके बाद प्लानिंग बनी और तमाम संसाधन जुटाकर यूरोप महाद्वीप की सबसे ऊंची माउंट एल्ब्रस 5642 ऊंची मीटर की जोटी को फतह करने के लिए 10 अगस्त को अभियान शुरू कर दिया। हालांकि 4900 मीटर की ऊंचाई पर पहुंचने के बाद लैंड्स रॉक्स पर विराम लगाना पड़ा
और 12 अगस्त को फिर अपने उपकरणों के साथ फतेह करने के लिए शुरुआत की। लगभग 5000 की मीटर की ऊंचाई पर पता करने के बाद 15 अगस्त को तिरंगा फहराने के लिए अनुकूल किया गया, लेकिन मौसम खराब होने के कारण अभियान को बीच में रोकना पड़ा। भीषण बर्फबारी के कारण रेस्क्यू अभियान ने उन्हें वापस कैंप 2 पर बुलाया, लेकिन उन्होंने हिम्मत नहीं हारी और लगातार रेस्क्यू की अभियान टीम के संपर्क में रहे और 70-80 घंटे किलोमीटर की स्पीड से चलने वाली तेज बफीर्ली हवाओं की तमाम बधाओं को पार करते हुए आखिरकार 16 अगस्त को यूरोप महाद्वीप की सबसे ऊंची चोटी माउंट एल्ब्रस पर भारत का तिरंगा लहराकर देश का मान बढ़ाते हुए गांव और जिले का नाम रोशन किया।

