- दलालों की मर्जी के बगैर, दफ्तर में नहीं हिलती अफसरों की कलम
जनवाणी संवाददाता |
मेरठ: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के सख्त एतराज के बावजूद तथा मेरठ प्रशासन के बड़े अधिकारियों के द्वारा आए दिन छापों के बावजूद आरटीओ कार्यालय में दलालों का राज है। दलालों के बगैर क्या मजाल दफ्तर का पत्ता भी हिल जाए। हालत को अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि जिस को काम को करने में अफसर भी हाथ खडेÞ कर देंगे, जेब गरम होने के बाद वो काम चुटकी बचाते ही आरटीओ के अफसरों से दलाल करा लाएंगे।
सरकारी दफ्तरों में दलालों यानि बाहरों के प्रवेश को लेकर सीएम योगी की नाराजगी किसी से छिपी नहीं है। करीब एक सप्ताह पूर्व ही सरकारी दफ्तरों में बाहरी व्यक्तियों यानि दलालों के प्रवेश को लेकर सीएम की मंशा से अवगत कराते हुए मुख्य सचिव ने प्रदेश भर के तमाम विभागों के अफसरों को बाकायदा सरकुलर जारी कर आदेशित किया था कि बाहरी व्यक्तियों के प्रवेश पर सख्ती से रोक लगायी जानी चाहिए। यदि शिकायत मिली तो विभाग प्रमुख की जवाबदेही तय की जाएगी।
नहीं है कार्रवाई का खौफ
सीएम योगी के निर्देश और सरकारी दफ्तरों में बाहरियों के प्रवेश को लेकर मुख्य सचिव के आदेशों की अवहेलना पर संभावित कार्रवाई का खौफ आरटीओ के अफसरों में तनिक भी नजर नहीं आता। शायद यही कारण है जो आरटीओ परिसर में दलालों का बोलबाला है। इनके दखल का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि इनकी पहुंच केवल आरटीओ के काउंटरों तक नहीं है, बल्कि जो गोपनीय अनुभाव कहलाता है जहां तमाम फाइलों के पुलिंदे रखे होते हैं और कौन-सी फाइल कहां रखी है यह बात दफ्तर के बाबू व अधिकारियों को भले ही मालूम ना हो,
लेकिन बाहरी दलाल एक पल में जिस फाइल को स्टॉफ नहीं तलाश पाता उसको निकालकर सामने रख देते हैं। इससे इतना तो साफ है कि आरटीओ दफ्तर में केवल दलाल राज ही नहीं है बल्कि मेरठ के आरटीओ कार्यालय में तो दलालों की मर्जी के बगैर एक पत्ता तक नहीं हिल पता। प्रशासन के उच्च पदस्थ अधिकारी व आरटीओ खुद भी भले ही बाहरी व्यक्तियों के प्रवेश को लेकर कुछ भी दावें करें, लेकिन जनवाणी की टीम ने आरटीओ कार्यालय के भ्रष्टाचार के खिलाफ जो मुहिम छेड़ी है
उसमें दलालों के जो चित्र कैमरे में कैद हुए हैं वो बाहरी व्यक्तियों के प्रवेश पर रोक के दावों की पोल खोलने को पर्याप्त है। आरटीओ परिसर में दलालों के ये तस्वीरें बता रही है कि आरटीओ में दलाल है तो सब मुमकिन है…और बिन दलाल सब सुन…हालांकि दलालों की सेवा लेने के लिए यहां काम के लिए आने वालों को जेब ढीली करनी पड़ती है। क्योंकि भ्रष्टचार की इस गंगा में ऊपर से लेकर नीचे तक के तमाम किरदार गोते लगाते हैं।

