Monday, March 16, 2026
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टैक्सी परमिट की गाड़ी निजी नंबर प्लेट से चला रहे एआरटीओ

  • आरटीओ में नियमों को ताक पर रखकर चलाई जा रही बोलेरो
  • हाईकोर्ट के आदेशों की भी उड़ाई जा रही धज्जियां

जनवाणी संवाददाता |

मेरठ: संभागीय परिवहन विभाग की जिम्मेदारी है कि ऐसे वाहनों को सड़कों पर चलने से रोका जाए जो नियमों का पालन नहीं कर रहे हैं। इसके लिए विभाग के पास भारी लाव-लश्कर है, जिसकी मदद से अधिकारी वाहनों की निगरानी करते हैं, लेकिन यह अधिकारी ही जब ऐसे वाहनों का इस्तेमाल करते पाए जाएं, जो नियमों की धज्जियां उड़ाते हों तो फिर कहना ही क्या। ऐसा ही मामला सामने आया, जब एक बोलेरो को एआरटीओ द्वारा अपनी ड्यूटी में प्रयोग किया जा रहा था। उस पर निजी नंबर प्लेट लगी थी, लेकिन उसका नंबर टैक्सी परमिट का निकला।

बुधवार को आरटीओ कार्यालय में बोलेरो संख्या यूपी-12बीटी-3699 खड़ी नजर आई जिसकी विंड स्क्रीन पर एआरटीओ लिखा था जो हाईकोर्ट के आदेश की अवहेलना है। किसी भी अधिकारी के वाहन पर उसके पद को लिखने पर हाई कोर्ट ने पाबंदी लगा रखी है। इसी तरह इस बोलेरो पर सफेद रंग की नंबर प्लेट लगी थी जो निजी वाहन का रंग है। जबकि नंबर प्लेट पर अंकित नंबर टैक्सी परमिट का है। यहां भी नियमों को ताक पर रखकर नंबर प्लेट पर पीले की जगह सफेद रंग का इस्तेमाल किया गया है। इसके बाद इसी गाड़ी पर हूटर भी लगे थे, जो पूरी तरह से प्रतिबंधित है।

इतना ही नहीं, दबंगों की तरह पीली फॉग लाइटें भी हूटर के बारबर में लगी थी। जिन्हें नियम के अनुसार विंड स्क्रीन से नीचे लगा होना चाहिए था। आरटीओ लिखी बुलेरो मुजफ्फरनगर के एक व्यक्ति के नाम रजिस्टर्ड है। वहीं, जब इस गाड़ी का आॅनलाइन स्टेटस चेक किया गया तो कई चौंकाने वाले तथ्य सामने आए। बोलेरो का रजिस्टेÑेशन गत 13 जुलाई 2020 को हुआ था और इसकी आयु चार साल एक माह बताई गई। इसके साथ ही इसका फिटनेस भी गत 12 जुलाई 2024 में समाप्त हो चुका है, ये भी बताया गया। जबकि पॉल्यूशन सर्टिफिकेट भी गत छह जुलाई 2024 तक ही वैद्य बताया गया।

जबकि इसका टैक्स भी गत 30 जून 2024 से पहले तक ही मान्य बताया गया। विभाग के अधिकारियों का दावा है कि यह गाड़ी एक माह से सड़क पर नहीं चल रही, लेकिन सवाल तो ये है कि यदि उनके दावे पर भरोसा कर भी लिया जाए तो भी नंबर प्लेट का रंग, पीले रंग की फॉग लाइटें, अधिकारी का पद लिखा होना और हूटर लगाकर तो एक माह पहले तक यह गाड़ी सड़क पर दौड़ रही थी। आरटीओ ने यूपी-12 बीटी-3699 नंबर की जिस बोलेरो के बारे में जानकारी दी है।

उसका फिटनेस सर्टिफिकेट बुधवार को ही दोपहर 12 बजकर 12 मिनट 48 सेकेंड पर जारी हुआ है। जबकि इससे पहले यह नियमों के विरुद्ध सड़क पर दौड़ रही थी। विभाग ने केवल अपने बचाव के लिए ही इसका फिटनेस सर्टिफिकेट जारी किया है। इस तरह न जाने कितने वाहन विभाग की मिलीभगत से सड़कों पर दौड़ रहे हैं। जिनको लेकर विभाग के अधिकारियों ने चुप्पी साध रखी है।

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