Friday, March 20, 2026
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सड़क हादसे में इकलौते पुत्र की मौत

  • परिजनों ने बिना कानूनी कार्रवाई के किया अंतिम संस्कार

जनवाणी संवाददाता |

परीक्षितगढ़: बीती रात अज्ञात वाहन की टक्कर से बाइक सवार युवक की अस्पताल में उपचार के दौरान मौत हो गई। जिससे परिजनों में कोहराम मच गया। परिजनों ने बिना कानूनी कार्रवाई के ही शव का अंतिम संस्कार कर दिया। नगर के मोहल्ला राज दरवाजा निवासी वरुणकांत त्यागी (31) पुत्र कृष्णकांत त्यागी ने नगर पंचायत के सामने गुडविन फिज्जा के नाम से दुकान करता था। मंगलवार रात वरुणकांत त्यागी कारीगर को बाइक पर सवार होकर किठौर तिराहे पर छोड़कर वापस जा रहा था। इस दौरान अज्ञात वाहन ने जोरदार टक्कर मार दी।

जिससे बाइक सवार वरुणकांत गंभीर रूप से घायल हो गया। गश्त कर रही पुलिस ने गंभीर हालत में युवक को सड़क पर पड़ा देख उपचार के लिए सीएचसी पर भर्ती कराया। जहां चिकित्सक ने चिंताजनक हालत देखते हुए मेरठ के लिए रेफर कर दिया। परिजनों ने घायल को निजी अस्पताल में भर्ती कराया। जहां बुधवार सुबह उपचार के दौरान उसकी मौत हो गई। जिससे परिजनों में कोहराम मच गया। परिजनों द्वारा कानूनी कार्रवाई से इंकार करने पर पुलिस ने शव का पंचनामा भरकर परिजनों को सौंप दिया। परिजनों ने शव का नगर के श्मशान घाट पर गमगीन माहौल में अंतिम संस्कार कर दिया गया। मुखाग्निी पुत्र मधुर ने दी। इस दौरान सभी लोगों की आंखे नम थी।

परिजनों पर टूटा गमों का पहाड़

वरुणकांत शादीशुदा था तथा वह परिवार का इकलौता सहारा था। उसके एक 11 वर्षीय पुत्र मधुर, पत्नी पूनम, मां रेखा व पिता कृष्णकांत के अलावा अन्य परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल बना हुआ है।

नाले में फंसे विक्षिप्त को मशक्कत से निकाला

किठौर: कस्बे में एक चिकित्सक के क्लीनिक के पास नाले से आ रही मनुष्य की भयावह आवाज से हड़कंप मच गया। लोगों ने झांककर देखा तो नाले में एक अर्द्धविक्षिप्त फंसा था। लोगों ने पुलिस को सूचना दी मौके पर पहुंची पुलिस ने नगर पंचायत कर्मियों की मदद से उसे बाहर निकाला। पुलिस अर्द्धविक्षिप्त की शिनाख्त के साथ उसे परिजनों तक पहुंचाने का प्रयास कर रही है।

कस्बे में मुख्य बाजार के मुहाने पर फव्वारा चौक के सामने डाक्टर शिवम श्याम कंसल का क्लीनिक है। क्लीनिक के पास लगभग सात फीट गहरा नाला है। बुधवार शाम सात बजे उक्त नाले से मनुष्य की भयावह आवाज सुनाई देने लगी। जिसे सुन आसपास के दुकानदारों में हड़कंप मच गया। उन्होंने पुलिस को सूचना देने के साथ नाले में झांककर देखा तो उसमें एक अर्द्धविक्षिप्त व्यक्ति फंसा पड़ा था। जो बार-बार निकलने का प्रयास कर रहा था।

सफलता न मिलने पर वह अजीब-सी डरावनी आवाज में दहाड़ता। दुकानदारों ने पुलिस को सूचना दी। सूचना के घंटों बाद पहुंची पुलिस ने नगर पंचायत कर्मचारियों को बुलवाकर उसे सकुशल बाहर निकाला। खबर लिखे जाने तक पुलिस अर्द्धविक्षिप्त की शिनाख्त कर उसे परिजनों तक पहुंचाने की जुगत में लगी थी।

पांच घंटे नाले में रहा अर्द्धविक्षिप्त

आसपास के लोगों की बात पर विश्वास करें तो दोपहर दो बजे ये अर्द्धविक्षिप्त नाले के पास बैठा था। उसके बाद नजर नही आया। लगभग पांच घंटे बाद अंधेरा छाने पर उसने बाहर निकलने के प्रयास के साथ दहाड़ना शुरू किया, तब लोगों को उसके नाले में फंसने का पता चला।

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