- एडीजी, डीआईजी, कमिश्नर, डीएम और एसएसपी मयफोर्स के पहुंचे शताब्दीनगर
जनवाणी संवाददाता |
मेरठ: परतापुर के शताब्दीनगर में चल रही शिव महापुराण कथा में भगदड़ की सूचना पर तमाम वरिष्ठ अधिकारी जिनमें एडीजी, डीआईजी, कमिश्नर, डीएम व एसएसपी शामिल थे, भारी फोर्स के साथ तत्काल मौके पर पहुंच गए। शुक्रवार को कथा शुरू होने से पहले वीआईपी गेट पर कुछ धक्का-मुक्की हो गयी थी। जिसको सोशल मीडिया पर भगदड़ के रूप में प्रस्तुत कर दिया। खबर का तुरंत असर हुआ।
लखनऊ से यहां के आलाधिकारियों को हॉट लाइन पर ले लिया गया। रिपोर्ट तलब कर ली गयी। लखनऊ से आयी कॉल पर एडीजी डीके ठाकुर, डीआईजी कलानिधि नैथानी, कमिश्नर सेल्वा कुमारी जे, डीएम दीपक मीणा, एसएसपी डा. विपिन ताडा तथा भारी पुलिस फोर्स कथा स्थल पर पहुंच गए। अधिकारियों ने वहां जायजा लिया और भगदड़ की बात को एक सिरे से खारिज कर दिया।
दरअसल, हुआ ये कि शिव महापुराण की कथा के छठे दिन बाहर से आए भक्तों की भारी भीड़ के चलते भारी कुछ अव्यवस्था हो गयी थी। वीआईपी प्रवेश द्वार पर कमेटी द्वारा जारी किये गये पास लेकर खड़े लोग पंडाल में जाने को बेताब थे। वीआईपी पास वाले पंडल के गेट पर पहले घुसने को लेकर वहां खड़े लोग आपस में धक्का-मुक्की करने लगे। मामला जब खराब हुआ, जब बाउंसरों ने भीतर जगह न होने की बात कहकर किसी को भीतर नहीं जाने दिया। वीआईपी कार्ड धारकों का प्रवेश रोक दिया गया।
इसी दौरान कुछ महिलाएं बैरिकेडिंग पार करते समय एक-दूसरे पर गिर गर्इं, जिसके चलते वहां जिन परिवारों की महिलाएं गिर गयी थीं, उन्होंने चीखना चिल्लाना शुरू कर दिया। जिसकी वजह से वहां पर हंगामा हो गया। हालांकि स्थिति को संभालने का प्रयास किया। इसी बीच कथा कर रहे कथावाचक पं. प्रदीप मिश्रा की गाड़ी अचानक वहां आ गयी। व्यवस्था बनाने के प्रयास में पुलिस कर्मियों और बाउंसरों ने भीड़ को हटाया तो फिर धक्का-मुक्की हो गई, जिसमें कई महिलाएं गिर गई।
नौचंदी थाना क्षेत्र की रहने वाली एक महिला शशि को चोट आ गयी। कई बच्चे भी गिर गये। पास धारियों को रोक कर परिचितों को अंदर प्रवेश का आरोप लगाते हुए कुछ लोग व्यवस्था संभालने वालों से जुझ गए। इस दौरान सोशल मीडिया पर भगदड़ की सूचना पर पुलिस प्रशासन के तमाम आलाधिकारी मौके पर पहुंच गए और हालात का जायजा लिया। उन्होंने अफवाह फैलाने वालों पर कार्रवाई की बात कही।
डीएम व एसएसपी ने कहा कि कथा सामान्य रूप से चल रही है, मंच से कथा वाचक प्रदीप मिश्रा ने भी हंगामा या भगदड़ की सूचना को नकारा। वहीं, इस संबंध में डीएम दीपक मीणा और एसएसपी डा. विपिन ताडा का कहना है कि शिव महापुराण कथा में कोई भगदड़ नहीं मची है। सामान्य रूप से कथा चल रही है। पुलिस प्रशासन की ओर से पुख्ता इंतजाम किए गए हैं।
लखनऊ से घनघनाए फोन
शुक्रवार को कथा के छठे दिन मेरठ में शिव महापुराण कथा में भगदड़ की खबर सोशल मीडिया पर तेजी से फैल गई। भगदड़ मचने से महिलाओं के घायल होने की खबर शहरभर में सोशल मीडिया पर आग की तरफ फैल गई। भगदड़ की गूंज लखनऊ तक होने पर शासन से अधिकारियों के पास फोन घनघनाने शुरू हो गए। जिसके बाद एडीजी डीके ठाकुर, कमिश्नर सेल्वा कुमारी जे, डीआईजी कलानिधि नैथानी, एसएसपी डा. विपिन ताडा, डीएम दीपक मीणा समेत प्रशासन के अधिकारी कथा स्थल पर दौड़ पड़े।
दरअसल, शुक्रवार को छठा दिन होने के कारण लगभग दो लाख की भीड़ कथा स्थल पर पहुंची। मंच के पीछे बने वीआईपी गेट से श्रद्धालु प्रवेश करना चाह रहे थे। कथा शुरू होने पर लोग जल्दबाजी में अंदर जाने की होड़ में भाग रहे थे। भीड़ को अचानक बढ़ता देख वहां तैनात बाउंसरों ने रोक-रोक कर एंट्री करानी शुरू कर दी। जिससे कुछ महिलाएं एक-दूसरे के ऊपर गिर गई। जिसका वीडियो किसी ने वायरल कर दिया और पूरे शहर में यह खबर आग की तरह फैल गई। जिसके बाद प्रदीप मिश्रा ने आस्था चैनल के माध्यम से कथा के दौरान भगदड़ का सीधे जिक्र नहीं किया।
परंतु उन्होंने कहा कि हम जब आ रहे थे तो देखा कि रास्ते में बहुत भीड़ थी। जो लोग ट्रैक्टर-ट्रॉली या लोडिंग गाड़ियों से आ रहे थे। वहीं, पार्किंग में उतर रहे थे। जो वीआईपी गाड़ी से आ रहे थे वह भी वहीं उतर रहे थे। कथा स्थल पर पहुंचे प्रशासन के अधिकारियों ने बताया पहले अंदर जाने की मची होड में महिला गिर गई थी। उसे उठाते समय धक्का-मुक्की हुई थी। स्थिति सामान्य है कोई घायल नहीं है। जिसके बाद एडीजी, कमिश्नर ने प्रशासन के अधिकारियों के साथ पैदल जायजा लिया।
कथास्थल के आसपास लगाए गए जैमर
जैसे ही सोशल मीडिया पर कथा में भगदड़ मचने की खबर फैली उसके कुछ देर बाद ही कथा स्थल और आसपास के क्षेत्र में जैमर एक्टिवएट कर दिए गए। अधिकांश लोगों के नेटवर्क ठप हो गए, परंतु सोशल मीडिया पर फैली भगदड़ की खबर से कथा में बैठे श्रद्धालुओं में भय का माहौल पैदा न हो और अफवाह रोकने के लिए प्रशासन से जैमर एक्टिव किए।

