- चार गिरफ्तार, नायब तहसीलदार को दिया ज्ञापन, जमानत पर छोड़ा किसानों को
जनवाणी संवाददाता |
मेरठ: सोमवार को किसान अधिकार यात्रा को पुलिस ने जागृति विहार में रोक लिया। किसान भैंसा-बुग्गी में सवार होकर कमिश्नर आफिस पर प्रदर्शन करने के लिए आ रहे थे। किसानों की मांग थी कि जमीन के मुआवजे के रूप में प्रतिकर बढ़ाकर किसानों को दिया जाए।
इस मुद्दे पर किसानों और पुलिस के बीच टकराव बन गया। किसान जुलूस के रूप में जा रहे थे कि पुलिस ने जागृति विहार स्थित अस्थाई सब्जी मंडी के पास रोक लिया। किसानों की भीड़ को पुलिस ने आगे नहीं बढ़ने दिया। पुलिस ने बैरिकेडिंग कर रास्ते रोक दिये। दो घंटे तक पुलिस व किसानों के बीच बवाल चलता रहा।
इस बीच पुलिस व किसानों के बीच खूब नोकझोंक हुई। पुलिस ने सोशल डिस्टेंसिंग व धारा-144 का हवाला देते हुए किसान नेता एवं कांग्रेस सेवादल के जिलाध्यक्ष रोहित गुर्जर समेत चार किसानों को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया। पुलिस इन्हें खरखौदा थाने ले गई, जहां पर बाद में जमानत पर छोड़ दिया। बाद में नायब तहसीलदार मनोज वार्ष्णेय को ज्ञापन दिया गया।
यह प्रदर्शन कांग्रेस सेवादल के तत्वावधान में किया जा रहा था। पहले ही इसकी घोषणा की गई थी। किसानों की बढ़े प्रतिकर की मांग को लेकर किसान अधिकार यात्रा निकाली, जिसे पुलिस ने लोहियानगर सब्जी मंडी रोका और रोहित गुर्जर, सुमित विकल मिठेपुर, जीत सिंह, बिल्लू समेत चार लोगों को गिरफ्तार कर खरखौदा थाने ले गए।

किसान कमिश्नर को शांति पूर्ण तरीके से ज्ञापन देने जा रहे थे, तभी पुलिस ने रोक लिया। प्रदर्शनकारी किसानों का कहना था कि आवास एवं विकास परिषद ने ग्राम काजीपुर, सरायकाजी, कमालपुर व घोसीपुर की जमीन जागृति विहार एक्सटेंशन विस्तार योजना 2011 के लिए वर्ष 2008-09 में उक्त ग्रामों के सर्किल रेट के हिसाब से व प्रत्येक किसान के साथ समझौता कर जमीन का अधिग्रहण किया था।
इसमें ग्राम सरायकाजी, काजीपुर व मेरठ कस्बे को 1000 रुपये वर्गमीटर, कमालपुर को 800 रुपये वर्गमीटर व घोसीपुर को 600 रुपये वर्गमीटर प्रतिकर दिया गया। 10 प्रतिशत जमीन आवास एवं विकास परिषद ने किसानों की काटी गई थी, जिसे पांच प्रतिशत भूखण्ड के रूप में विकसित कर किसानों को दी जानी थी।
प्रत्येक समझौते में धारा 7.1 की शर्त (ठ) भी रखी गई कि अगर उक्त ग्रामो में किसी भी किसान या ग्राम का प्रतिकर यदि बढ़ाया गया तो वह पूरी योजना के किसानों को उसका लाभ मिलेगा।
तीन अगस्त 2012 को आवास एवं विकास परिषद ने अपनी 220बी बैठक में ग्राम कमालपुर का 196 वर्गमीटर व घोसीपुर का 396 वर्गमीटर बढ़ा कर 996 रुपये दोनों ग्रामों का कर दिया गया, जोकि सरायकाजी, काजीपुर, मेरठ कस्बे व कमालपुर का 66 प्रतिशत घोसीपुर की तर्ज पर बढ़ा, जिसकी परिषद से काजीपुर, सरायकाजी, मेरठ कस्बे व कमालपुर के किसानों ने कई मांगे रखी थी।
शांतिपूर्ण प्रदर्शन को प्रशासन बना रहा था हिंसक: रोहित गुर्जर

किसानों के प्रदर्शन की अगुवाई कर रहे रोहित गुर्जर ने गिरफ्तारी होने के बाद कहा कि उनका आंदोलन शांतिपूर्ण था, लेकिन प्रशासन व पुलिस ने इसे हिंसात्मक बनाने का प्रयास किया।
यह सब होने के बाद भी किसानों ने अपना धैर्य नहीं खोया तथा शांति पर विश्वास रखा। कहा कि जो मांग उनकी है उनको किसान शांतिपूर्वक फिर से पूरा कराने की मांग करेंगे।
प्रशासन ने किसानों को गिरफ्तार करके अपनी किसान विरोधी नीति को दशार्या है। किसान अपनी मांग पर अडिग है। किसान शांति से नहीं बैठेंगे। अब आगामी आंदोलन की तैयारी कर किसान फिर मजबूती से आंदोलन करेंगे।
ये है किसानों की प्रमुख मांगे…
- काजीपुर, सरायकाजी व मेरठ कस्बे का सर्किल रेट समझौते के समय 1000 रुपये वर्गमीटर था, जिसका घोसीपुर की तर्ज पर 66 प्रतिशत के हिसाब से 660 रुपये प्रतिवर्ग मीटर प्रतिकर बढ़ा कर दिया जाए।
- कमालपुर का सर्किल रेट समझौते के समय 800 रुपये वर्गमीटर था, जिसका घोसीपुर की तर्ज पर 66 प्रतिशत के हिसाब से 528 रुपये प्रतिवर्ग मीटर प्रतिकर बढ़ा हुआ बनता है, जिसमें 196 रुपये वर्गमीटर प्रतिकर बढ़ा कर परिषद किसानों को 2012 में दे चुका है। बाकी बचा 332 रुपये प्रतिवर्ग मीटर प्रतिकर बढ़ा कर दिया जाए।
- किसानों ने समझौते के नियम अनुसार अपनी जमीन का 10 प्रतिशत हिस्सा परिषद द्वारा किसानों को विकसित कर भूखण्ड दिए जाने के बदले में छोड़ा था, जिसका कोई प्रतिकर किसानों ने नहीं उठाया था, लेकिन 10 साल गुजर जाने के बाद भी किसानों को योजना में कोई भूखण्ड नहीं दिए गए। जिन्हें जल्द से जल्द किसानों को दिए जाए।
- योजना के किसानों को दिए जाने वाले पांच प्रतिशत विकसित भूखण्ड गाजियाबाद के किसानों को 2013 में दिए गए छह प्रतिशत विकसित भूखण्ड की तर्ज पर पांच प्रतिशत से बढ़ा कर छह प्रतिशत दिए जाए।
- कुछ ऐसी योजना के किसान जिन्होंने अज्ञानता में उस 10 प्रतिशत का भी मुआवजा उठा लिया था, जिसके बदले में परिषद द्वारा किसानों को विकसित भूखण्ड दिया जाना था। ऐसे किसानों को भी 10 प्रतिशत का उठाया हुआ
- मुआवजा वापिस परिषद में जमा करने का मौका देकर उन्हें भी इसके बदले में विकसित भूखण्ड दिये जाए।
किसानों से परिषद ने 100 रुपये के स्टाम्प पर उनकी जमीनों का एग्रीमेंट करवाया था। अब किसानों की मांग है कि किसानों को मिलने वाले विकसित भूखण्ड भी किसानों को 100 रुपये के स्टाम्प पर ही एग्रीमेंट कर दिए जाए। - सरायकाजी को रिंग रोड से जोड़ने वाली सर्विस रोड को छह मीटर से बढ़ाकर नौ मीटर किया जाए।
- जब तक किसानों को बढ़ाकर प्रतिकर व विकसित भूखण्ड न दिए जाए तब तक योजना में कोई भी नया विकास कार्य शुरू किया जाए व कोई भी प्लॉट व किसी भी अन्य प्रकार का आवंटन नहीं किया जाए।
ये किसान रहे आंदोलन में शामिल
इस आंदोलन के दौरान विनोद भड़ाना, तुलसीदास, मास्टर रणपाल, सुमित विकल, जुबैर राजपूत, ऋषभ चौहान, आशाराम, मोनिंदर सूद वाल्मीकि, शुभम भाटी, अभिमन्यु त्यागी, नसीम राजपूत आदि किसान मौजूद रहे।


जय जवान जय किसान