Thursday, March 26, 2026
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Amitabh Bachchan: बिग बी की टूटी चुप्पी, युद्ध विराम पर बोले अमिताभ, रामचरितमानस का किया जिक्र

नमस्कार, दैनिक जनवाणी डॉटकॉम वेबसाइट पर आपका हार्दिक स्वागत और अभिनंदन है। भारत-पाकिस्तान के बीच बढ़े तनाव और पहलगाम हमले के बाद जहां पूरे देश में चर्चाएं तेज़ थीं, वहीं महानायक अमिताभ बच्चन की चुप्पी को लेकर भी सवाल उठाए जा रहे थे। अब इस मुद्दे पर शनिवार देर रात पहली बार उन्होंने एक्स (पूर्व ट्विटर) पर अपनी प्रतिक्रिया दी। बिग बी ने अपने ट्वीट में न सिर्फ वर्तमान हालात पर टिप्पणी की, बल्कि रामचरितमानस का भी जिक्र किया है।

रामचरितमानस की एक पंक्ति का किया जिक्र

बिग बी अब भारत-पाकिस्तान के बीच पैदा हुई परिस्थितियों पर एक्टिव नजर आ रहे हैं। युद्ध विराम के बाद उन्होंने बीती देर रात एक एक्स पर एक और पोस्ट किया। अपने इस पोस्ट में बिग बी ने तुलसीदास जी की रामचरितमानस की एक पंक्ति का जिक्र करते हुए लिखा, ‘सूर समर करनी करहिं, कहि न जनावहिं आप।’ पंक्ति का अर्थ बताते हुए उन्होंने लिखा, “पंक्ति का अर्थ है कि शूरवीर अपने पराक्रम को युद्ध में करके दिखाते हैं, वे अपनी वीरता का प्रदर्शन करने के लिए बातें नहीं बनाते। यह पंक्ति तुलसीदास जी के रामचरितमानस के लक्ष्मण-परशुराम संवाद से ही ली गई है, कि शूरवीर अपनी वीरता को युद्ध में करके दिखाते हैं, वे अपने मुंह से अपनी प्रशंसा नहीं करते। कायर लोग ही युद्ध में शत्रु को सामने देखकर अपनी वीरता की डींगें हांका करते हैं।”

युद्ध में वीर बहादुर, अपनी वीरता दिखाते हैं

अपनी पोस्ट में आगे बिग बी ने अपने पिता कवि हरिवंश राय बच्चन की पंक्तियों का जिक्र किया। साथ ही इस पोस्ट से पहले शेयर की उनकी कविता के बारे में भी लिखा। उन्होंने लिखा, “हाइलाइट की गई लाइन पूरी है। जिसका मतलब है कि युद्ध में वीर बहादुर, अपनी वीरता दिखाते हैं। वे अपनी बहादुरी और वीरता का गुणगान नहीं करते। वो कायर हैं जो दुश्मन को देखकर केवल अपनी बहादुरी का नारा लगाते हैं। शब्दों ने व्यक्त किया है पहले से कहीं अधिक सत्य। एक कवि और उनकी दृष्टि पहले से कहीं अधिक महान। बाबूजी के यह शब्द 1965 के पाकिस्तान के साथ युद्ध के इर्द-गिर्द लिखे गए। हम जीते और विजयी हुए, जिसके लिए उन्हें 1968 में प्रतिष्ठित साहित्य अकादमी पुरस्कार मिला, यानी लगभग 60 साल पहले। 60 साल पहले एक दृष्टि जो आज भी वर्तमान परिस्थितियों में सांस लेती है।” इससे पहले बिग बी ने एक तस्वीर शेयर की थी, जिसमें अपने पिता हरिवंश राय बच्चन की एक कविता लिखी हुई थी।

पहलगाम हमले पर 20 दिन बाद दी प्रतिक्रिया

इससे एक दिन पहले बिग बी ने पहलगाम हमले के 20 दिन बाद घटना को लेकर पहली बार प्रतिक्रिया दी थी। जिसमें उन्होंने अपने बाबूजी यानी कि हरिवंश राय बच्चन की पंक्तियों का जिक्र करते हुए पहलगाम में हुई पूरी घटना को लिखा था। साथ ही उन्होंने ऑपरेशन सिंदूर के लिए देश के प्रधानमंत्री और भारतीय सेना की भी प्रशंसा की थी।

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