जनवाणी ब्यूरो |
नई दिल्ली:अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने वैश्विक व्यापार पर बड़ा कदम उठाते हुए 1 अगस्त 2025 से 14 देशों पर नए आयात शुल्क (टैरिफ) लगाने की घोषणा की है। ट्रंप प्रशासन का यह फैसला “अमेरिका फर्स्ट” नीति के तहत लिया गया है, जिसका उद्देश्य अमेरिका के व्यापार घाटे को कम करना और राष्ट्रीय सुरक्षा को मजबूत बनाना बताया गया है।
भारत से व्यापार समझौता लगभग तय
राष्ट्रपति ट्रंप ने भारत को लेकर सकारात्मक संकेत देते हुए कहा,“हम भारत के साथ व्यापार समझौते के काफी करीब हैं। यह समझौता जल्द ही होगा।” ट्रंप ने बताया कि अमेरिका ने यूनाइटेड किंगडम और चीन के साथ पहले ही व्यापार समझौते कर लिए हैं, जबकि कुछ देशों के साथ डील संभव नहीं हो सकी। ऐसे देशों को अमेरिका ने औपचारिक पत्र भेजकर नए टैरिफ की जानकारी दी है।

ट्रंप ने दी चेतावनी
राष्ट्रपति ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘ट्रुथ सोशल’ पर चेतावनी देते हुए कहा है “अगर कोई देश जवाबी शुल्क लगाता है, तो अमेरिका भी उसी अनुपात में आयात शुल्क बढ़ा देगा।”
व्हाइट हाउस का बयान?
व्हाइट हाउस की प्रेस सचिव कैरोलिन लेविट ने स्पष्ट किया “ये टैरिफ अस्थायी नहीं हैं। यह ट्रंप की प्राथमिकता नीति और अमेरिका फर्स्ट अभियान का अगला चरण है।”
आलोचना और समर्थन
समर्थकों का मानना है कि यह कदम अमेरिकी कंपनियों और श्रमिकों को संरक्षण देगा। आलोचक चेतावनी दे रहे हैं कि इससे वैश्विक व्यापार धीमा पड़ेगा और अमेरिकी उपभोक्ताओं को महंगाई का सामना करना पड़ेगा।
बांग्लादेश का विरोध
बांग्लादेश सरकार ने ट्रंप की इस नीति को अनुचित और विकासशील देशों के लिए हानिकारक बताया है। उन्होंने अमेरिका से इस फैसले पर पुनर्विचार की अपील की है।

