नमस्कार, दैनिक जनवाणी डॉटकॉम वेबसाइट पर आपका हार्दिक स्वागत और अभिनंदन है। सोना कॉमस्टार के पूर्व अध्यक्ष और दिवंगत उद्योगपति डॉ. सुरिंदर कपूर की पत्नी रानी कपूर ने कंपनी की आगामी वार्षिक आम बैठक (AGM) को तत्काल स्थगित करने की मांग की है। कंपनी की ओर से यह बैठक 25 जुलाई 2025 को आयोजित की जानी थी। रानी कपूर का दावा है कि उनके दिवंगत पति डॉ. सुरिंदर कपूर की वसीयत के अनुसार, वे उनकी संपत्ति की एकमात्र लाभार्थी हैं और वर्तमान में सोना समूह की बहुसंख्यक शेयरधारक भी हैं। इसी आधार पर उन्होंने कंपनी की वार्षिक बैठक पर आपत्ति जताते हुए स्थगन की मांग रखी है। रानी कपूर दिवंगत संजय कपूरी की मां भी हैं। संजय एक प्रमुख व्यवसायी और बॉलीबुड अभिनेत्री करिश्मा कपूर के पूर्व पति थे।
एजीएम आयोजित करने पर जताई कड़ी आपत्ति
रानी के लिखे पत्र के अनुसार अपने बेटे की संदिग्थ और अचानक मौत के बीच, परिवार के लिए गहरे शोक के समय एजीएम आयोजित करने पर कड़ी आपत्ति जताई। उन्होंने दावा किया कि बार-बार प्रयासों के बावजूद, उन्हें घटना के संबंधित कोई आधिकारिक स्पष्टीकरण या दस्तावेज नहीं मिला है।
उन्होंने आरोप लगाया कि अपने बेटे की मृत्यु के बाद, जब वह बहुत कमजोर स्थिति में थीं, तो उन्हें बिना किसी स्पष्टीकरण के दस्तावेजों पर हस्ताक्षर करने के लिए मजबूर किया गया। तब उन्हें खातों और महत्वपूर्ण दस्तावेजों तक पहुंच से वंचित रखा गया।
रानी ने आगे आरोप लगाया कि कुछ लोग खुद को कपूर परिवार का प्रतिनिधि बताकर उनकी जानकारी या सहमित के बिना कंपनी के बोर्ड में नियुक्तियां करवाने की कोशिश कर रहे हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि मैंने बोर्ड में आने या किसी भी पद पर मेरा प्रतिनिधित्व करने के लिए किसी व्यक्ति को न तो सहमति दी है और न ही आधिकारिक तौर पर नामित किया है।
आगामी एजीएम में ऐसे प्रस्ताव हैं शामिल
उन्होंने आगे दावा किया कि आगामी एजीएम में ऐसे प्रस्ताव शामिल हैं, जिनके दीर्घकालिक प्रभाव हो सकते हैं। उन्होंने जोर दिया कि ये निर्णय उनकी अनुपस्थिति में या पूरी पारदर्शिता के बिना नहीं लिए जाने चाहिए। उन्होंने उचित जानकारी एकत्र करने और प्रस्तुत करने के लिए कम से कम दो हफ्ते की मोहलत देने की मांग की।
एजीएम को स्थगित करने का किया अनुरोध
रानी के कानूनी सलाहकार वरिष्ठ अधिवक्ता ने बताया कि वे फिलहाल कानूनी कार्रवाई नहीं कर रही हैं, लेकिन उन्होंने एजीएम को स्थगित करने का अनुरोध किया है ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि कोई भी निर्णय लेने से पहले सभी तथ्यों पर विचार किया जाए।

