नमस्कार, दैनिक जनवाणी डॉटकॉम वेबसाइट पर आपका हार्दिक स्वागत और अभिनंदन है। बॉलीवुड के बादशाह शाहरुख खान ने अपने शानदार अभिनय करियर में एक और बड़ी उपलब्धि हासिल कर ली है। उन्हें 71वें राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार समारोह में उनकी ब्लॉकबस्टर फिल्म ‘जवान’ के लिए सर्वश्रेष्ठ अभिनेता के पुरस्कार से नवाजा गया। यह उनके करियर का पहला नेशनल अवॉर्ड है। लेकिन इस सम्मान के साथ ही सोशल मीडिया पर एक नई बहस ने भी जन्म ले लिया है। लोग सवाल उठा रहे हैं कि शाहरुख जैसे दिग्गज कलाकार को अब तक कोई नेशनल अवॉर्ड क्यों नहीं मिला, जबकि उन्होंने बीते वर्षों में ऐसी कई फिल्में दी हैं जो आज कल्ट क्लासिक मानी जाती हैं।
अदाकारी की बात
शाहरुख खान की अदाकारी की बात हो और ‘स्वदेस’ का जिक्र न हो, ऐसा हो ही नहीं सकता। इस फिल्म में एक एनआरआई वैज्ञानिक की भूमिका में उन्होंने जो संवेदनशीलता और सादगी दिखाई, वो आज भी दर्शकों के दिलों में बसी हुई है। यही वजह है कि सोशल मीडिया पर कई यूजर्स इस बात से नाराज हैं कि ‘स्वदेस’ जैसी फिल्म को अनदेखा किया गया और ‘जवान’ को नेशनल अवॉर्ड से नवाजा गया।
यूजर्स ने किए ऐसे कमेंट्स
इसी मामले पर एक यूजर ने टिप्पणी करते हुए लिखा, ‘जिस सिस्टम ने ‘स्वदेस’ को नजरअंदाज किया लेकिन ‘जवान’ को सम्मानित किया, उसे आत्ममंथन की जरूरत है।’ एक दूसरे यूजर ने लिखा, ‘SRK को ‘स्वदेस’ के लिए मिलना चाहिए था नेशनल अवॉर्ड, ‘जवान’ सिर्फ एक स्टारडम से भरपूर फिल्म है।’ इसके अलावा एक यूजर ने उनकी चार फिल्मों का जिक्र किया है- माई नेम इज खान, चक दे इंडिया, देवदास और स्वदेस। यूजर ने कमेंट किया कि इन चारों ही फिल्मों के लिए शाहरुख को नेशनल अवॉर्ड मिलना चाहिए था।
वहीं एक और यूजर ने लिखा- बहुत समय से इंतजार था, लेकिन आखिरकार हो ही गया! शाहरुख को फिल्म जवान के लिए पहला नेशनल अवॉर्ड मिल रहा है। यकीन नहीं होता कि उन्हें स्वदेस, चक दे इंडिया या माई नेम इज खान के लिए कभी नहीं मिला लेकिन खुशी है कि अब उन्हें ये पहचान मिल रही है।’
फिल्मी करियर
शाहरुख खान 33 वर्षों से फिल्म इंडस्ट्री में सक्रिय हैं और इस दौरान उन्होंने ‘चक दे इंडिया’, ‘माई नेम इज खान’, ‘देवदास’, ‘डियर जिंदगी’, ‘कुछ कुछ होता है’ जैसी फिल्मों से अपने अभिनय से करोड़ों लोगों के दिल जीते हैं। ऐसे में सवाल उठना लाजमी है कि आखिर उन्हें नेशनल अवॉर्ड के लिए इतने वर्षों तक क्यों प्रतीक्षा करनी पड़ी?

