जनवाणी ब्यूरो |
नई दिल्ली: सूडान के पश्चिमी क्षेत्र दारफुर में एक भीषण भूस्खलन ने पूरे तरासिन गांव को तबाह कर दिया है, जिसमें करीब 1000 लोगों की मौत हो गई है। यह घटना रविवार को मर्राह पर्वतों के बीच स्थित गांव में हुई, जब कई दिनों की मूसलधार बारिश के बाद भारी भूस्खलन हुआ।
सूडान पर नियंत्रण रखने वाले विद्रोही संगठन सूडान लिबरेशन मूवमेंट-आर्मी (SLM-A) ने सोमवार को जानकारी दी कि गांव में रहने वाले लगभग सभी लोग मारे जा चुके हैं, और सिर्फ एक व्यक्ति जीवित बच पाया है।
प्राकृतिक आपदा की भयानक तस्वीर
इस घटना को हाल के वर्षों की सबसे भीषण प्राकृतिक आपदा माना जा रहा है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, तरासिन गांव अब पूरी तरह मिट्टी में समा गया है, और वहां जीवन के कोई निशान बाकी नहीं हैं।
अंतरराष्ट्रीय सहायता की गुहार
SLM-A ने संयुक्त राष्ट्र और अन्य अंतरराष्ट्रीय राहत संगठनों से राहत और बचाव कार्य में मदद की अपील की है। मलबे में दबे शवों की तलाश और बचाव प्रयासों को तेज करने की आवश्यकता बताई गई है।
वैश्विक ध्यान की जरूरत
इस भयावह त्रासदी ने सूडान की पहले से ही संकटग्रस्त स्थिति को और अधिक गंभीर बना दिया है। देश में राजनीतिक अस्थिरता और संघर्ष के बीच आई यह प्राकृतिक आपदा स्थानीय निवासियों के लिए दोहरी मार साबित हो रही है।

