जनवाणी ब्यूरो |
नई दिल्ली : उत्तर बंगाल में हो रही लगातार भारी बारिश ने जनजीवन को पूरी तरह अस्त-व्यस्त कर दिया है। दार्जिलिंग जिले में भूस्खलन और पुल टूटने की घटनाओं में कम से कम सात लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि कई लोगों के मलबे में दबे होने की आशंका है। मिरिक और सुखिया क्षेत्र सबसे अधिक प्रभावित हैं, जहां भारी भूस्खलन से कई घर जमींदोज हो गए हैं।
राहत कार्य में बाधा, कई गांवों से संपर्क टूटा
दार्जिलिंग जिला प्रशासन और पुलिस ने राहत और बचाव कार्य शुरू कर दिया है, लेकिन लगातार बारिश के चलते राहत कार्यों में भारी दिक्कतें आ रही हैं। कई इलाकों का सड़क संपर्क पूरी तरह से टूट गया है।
लोहे का पुल ढहा, NH-12 पर यातायात बंद
बारिश के कहर से दुधिया इलाके में सिलीगुड़ी-दार्जिलिंग को जोड़ने वाले स्टेट हाईवे 12 पर बना लोहे का पुल का एक हिस्सा ढह गया है। इसके चलते इस महत्वपूर्ण मार्ग पर वाहनों की आवाजाही रोक दी गई है, जिससे आवागमन पूरी तरह बाधित हो गया है।
दार्जिलिंग के उप-निबंधक रिचर्ड लेप्चा ने मीडिया को बताया, “अब तक सात लोगों की मौत की पुष्टि हो चुकी है, और अन्य के मलबे में फंसे होने की आशंका है। राहत कार्य जारी है लेकिन मौसम लगातार बाधा डाल रहा है।”
I am extremely anguished to learn about the massive damages caused due to extremely heavy rainfall in many parts of Darjeeling and Kalimpong districts. There have been deaths, and loss of properties, and damages to the infrastructure.
— Raju Bista (@RajuBistaBJP) October 5, 2025
I am taking stock of the situation, and in… pic.twitter.com/jyOd5ztOa6
कालिम्पोंग में भी स्थिति गंभीर
कालिम्पोंग जिले में भी स्थिति गंभीर बनी हुई है। कई गांवों में पानी भर गया है और दर्जनों परिवार सुरक्षित स्थानों पर शरण लेने को मजबूर हैं। पहाड़ी रास्तों पर भूस्खलन से यातायात ठप है और बिजली-पानी की आपूर्ति पर भी असर पड़ा है।
राजू बिस्ता ने जताया दुख, कार्यकर्ताओं को मदद का निर्देश
दार्जिलिंग से भाजपा सांसद राजू बिस्ता ने इस प्राकृतिक आपदा पर गहरा शोक जताया है। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ (पूर्व में ट्विटर) पर लिखा “दार्जिलिंग और कालिम्पोंग जिलों में भारी बारिश से हुए जान-माल के नुकसान की खबर से बेहद दुखी हूं। मैं लगातार स्थिति की निगरानी कर रहा हूं और प्रशासन के संपर्क में हूं।” उन्होंने बताया कि भाजपा कार्यकर्ताओं को तुरंत राहत कार्य में जुटने का निर्देश दिया गया है।
“मैं सभी राजनीतिक व सामाजिक संगठनों से अपील करता हूं कि मिलकर इस आपदा से प्रभावित लोगों की मदद करें। हम हरसंभव सहायता प्रदान करने के लिए प्रतिबद्ध हैं।”
प्रशासन अलर्ट, लोगों से सावधानी बरतने की अपील
जिला प्रशासन ने लोगों से पहाड़ी इलाकों और भूस्खलन संभावित क्षेत्रों में न जाने की अपील की है। स्कूल-कॉलेजों को बंद कर दिया गया है और आपातकालीन हेल्पलाइन नंबर जारी किए गए हैं।

