जनवाणी ब्यूरो |
नई दिल्ली: राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू आज अंबाला वायुसेना स्टेशन पहुंचीं और उन्होंने भारत की सामरिक शक्ति के प्रतीक फ्रांस निर्मित राफेल लड़ाकू विमान में उड़ान भरी। यह पहला मौका है जब किसी भारतीय राष्ट्रपति ने राफेल जैसे अत्याधुनिक युद्धक विमान में उड़ान भरी है।
राष्ट्रपति मुर्मू एयरफोर्स की ओर से आयोजित एक विशेष कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुईं। इस दौरान वायुसेना प्रमुख एयर चीफ मार्शल और अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद रहे। उड़ान से पहले राष्ट्रपति को राफेल विमान की क्षमताओं और तकनीकी विशेषताओं के बारे में जानकारी दी गई।
#WATCH | Haryana | President Droupadi Murmu arrives at the Ambala Air Force Station. She will shortly take a sortie in the Rafale aircraft. pic.twitter.com/ohnj6BgdhK
— ANI (@ANI) October 29, 2025
सूत्रों के अनुसार, राष्ट्रपति ने राफेल से अंबाला शहर के ऊपर एक प्रतीकात्मक उड़ान भरी। उड़ान लगभग 30 मिनट की रही, जिसमें राफेल ने कई बेसिक मनोवर्स किए। उतरने के बाद राष्ट्रपति ने पायलट दल की सराहना करते हुए कहा कि “राफेल हमारी वायुसेना की क्षमता को कई गुना बढ़ाने वाला है और देश के नागरिकों को इस पर गर्व होना चाहिए।”
कार्यक्रम के सुचारू संचालन के लिए जिला प्रशासन और एयरफोर्स ने सख्त सुरक्षा इंतजाम किए थे। पूरे एयरफोर्स स्टेशन के आसपास ड्रोन उड़ाने पर प्रतिबंध लगाया गया था, जबकि मोबाइल फोन ले जाने पर पूरी तरह पाबंदी रही। केवल अधिकृत अधिकारियों और अतिथियों को ही अंदर प्रवेश की अनुमति दी गई।
भारत ने 2016 में फ्रांस से 36 राफेल विमानों की डील की थी। इन विमानों की पहली खेप 2020 में भारत पहुंची थी और इन्हें भारतीय वायुसेना की 17वीं स्क्वॉड्रन “गोल्डन एरोज़” में शामिल किया गया था।
राष्ट्रपति मुर्मू की यह उड़ान न केवल एक ऐतिहासिक पल है, बल्कि यह भारत की महिला नेतृत्व की नई ऊंचाइयों का प्रतीक भी मानी जा रही है।

