नमस्कार,दैनिक जनवाणी डॉटकॉम वेबसाइट पर आपका हार्दिक स्वागत और अभिनंदन है। नवी मुंबई के डीवाई पाटिल स्टेडियम में आज इतिहास रचने का वक्त है। भारत और दक्षिण अफ्रीका की महिला टीमें पहली बार वर्ल्ड कप खिताब के लिए आमने-सामने होंगी। महिला क्रिकेट के इस महा-मुकाबले में दोनों ही टीमों की नजर अपने पहले विश्व खिताब पर टिकी है।
भारत का पलड़ा भारी
हरमनप्रीत कौर की अगुवाई में भारतीय महिला टीम तीसरी बार वनडे विश्व कप फाइनल में उतरेगी। इससे पहले भारत 2005 और 2017 में फाइनल खेल चुका है, लेकिन खिताब जीतने में नाकाम रहा था। भारत और दक्षिण अफ्रीका के बीच अब तक 34 वनडे मुकाबले खेले जा चुके हैं, जिनमें भारत ने 20 में जीत हासिल की है। आंकड़ों के हिसाब से टीम इंडिया का पलड़ा भारी है, लेकिन विश्व कप मंच पर मुकाबला बराबरी का रहा है।
पहली बार दो गैर-विजेता टीमें आमने-सामने
महिला वनडे विश्व कप इतिहास में यह पहला मौका है जब खिताबी मुकाबला ऐसी दो टीमों के बीच हो रहा है जो कभी विश्व चैंपियन नहीं रहीं। ऑस्ट्रेलिया (1988), इंग्लैंड (1993, 2017) और न्यूजीलैंड (2000) जैसी मेजबान टीमें पहले ही घरेलू सरजमीं पर विश्व कप जीत चुकी हैं। रविवार का दिन महिला क्रिकेट के इतिहास में दर्ज हो जाएगा — क्योंकि विजेता टीम पहली बार विश्व विजेता कहलाएगी।
बीसीसीआई तैयार कर रहा है बड़ा इनाम
सूत्रों के मुताबिक, अगर भारतीय टीम खिताब जीतती है, तो बीसीसीआई खिलाड़ियों और सहयोगी स्टाफ के लिए बड़ी नकद राशि की घोषणा कर सकता है।
बीसीसीआई के अधिकारियों के अनुसार, पुरुष और महिला खिलाड़ियों के लिए “समान वेतन नीति” के तहत महिला टीम को भी उतना ही सम्मान मिल सकता है जितना पुरुष टीम को पिछले साल टी20 विश्व कप जीतने पर मिला था — यानी 125 करोड़ रुपये का इनाम।
2017 में हार के बाद भी मिला था सम्मान
2017 के इंग्लैंड में खेले गए फाइनल में भले ही भारत नौ रन से हार गया था, लेकिन बीसीसीआई ने हर खिलाड़ी को 50 लाख रुपये का इनाम दिया था। इस बार, अगर हरमनप्रीत ब्रिगेड जीत दर्ज करती है, तो खिलाड़ियों को कम से कम 10 गुना ज्यादा यानी करोड़ों रुपये तक का पुरस्कार मिलने की उम्मीद है।
आज का दिन होगा ऐतिहासिक
डीवाई पाटिल स्टेडियम में होने वाले इस फाइनल में लाखों दर्शकों की निगाहें भारतीय टीम पर टिकी होंगी। हरमनप्रीत, स्मृति, शेफाली और दीप्ति जैसे सितारे जीत के लिए अपना सर्वश्रेष्ठ देने को तैयार हैं। अगर भारत जीत दर्ज करता है, तो यह न सिर्फ महिला क्रिकेट का स्वर्ण अध्याय होगा बल्कि भारतीय खेल इतिहास का एक गौरवशाली पल भी बन जाएगा।

