Monday, March 16, 2026
- Advertisement -

Delhi News: दिल्ली में शहीदी दिवस समागम की शुरुआत, गुरु तेग बहादुर की याद में कई कार्यक्रम आयोजित

जनवाणी ब्यूरो।

नई दिल्ली: दिल्ली के लाल किला परिसर में रविवार से शुरू हुए गुरु तेग बहादुर साहिब के 350वें शहीदी दिवस पर तीन दिवसीय भव्य समागम का शुभारंभ श्रद्धा और धार्मिक सद्भाव के वातावरण में हुआ। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता रात में कार्यक्रम में शामिल हुईं और कीर्तन दरबार में गुरु तेग बहादुर के चरणों में नमन किया। उन्होंने कहा कि गुरु तेग बहादुर का जीवन अत्याचार, धार्मिक असहिष्णुता और अन्याय के खिलाफ खड़े होने की जीवंत प्रेरणा है।

गुरु तेग बहादुर न केवल सिख धर्म के महान गुरु थे बल्कि संपूर्ण मानवता के संरक्षक भी थे। उन्होंने अपने प्राणों की आहुति देकर भारत की धार्मिक स्वतंत्रता की रक्षा की। दिल्ली में ऐसा भव्य कार्यक्रम पहली बार आयोजित किया जा रहा है।

दिल्ली सरकार और दिल्ली सिख गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी की ओर से संयुक्त रूप से आयोजित इस ऐतिहासिक कार्यक्रम में देश-विदेश से आए हजारों श्रद्धालु शिरकत कर रहे हैं।

दिल्ली सरकार और गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी यह सुनिश्चित कर रही है कि श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की असुविधा न हो। उन्होंने गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी, कार्यक्रम से जुड़े सभी सेवकों का विशेष आभार व्यक्त किया जिन्होंने इस आयोजन को भव्यता प्रदान करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।

इधर, कैबिनेट मंत्री मनजिंदर सिंह सिरसा ने कहा कि दिल्ली में गुरु तेग बहादुर साहिब जैसी महान शहादत हुई और इसी धरती पर उनकी अमर कथा दर्ज है। लाल किला जिसने सदियों पहले गुरु साहिब की शहादत का ऐतिहासिक क्षण देखा था, आज उसी गुरु की महिमा से फिर आलोकित हो रहा है।

हजारों श्रद्धालु शामिल रहे

सुबह गुरुद्वारा शीशगंज साहिब से गुरु ग्रंथ साहिब के पावन स्वरूप को पांच प्यारों और नगर कीर्तन जत्थों की अगुवाई में लाल किले तक लाया गया। इस दौरान दिल्ली सरकार के कैबिनेट मंत्री सरदार मनजिंदर सिंह सिरसा, दिल्ली सिख गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के प्रधान हरमीत सिंह कालका और महासचिव जगदीप सिंह काहलों सहित हजारों श्रद्धालु शामिल रहे।

लाल किले पहुंचकर प्रारंभिक अरदास से कार्यक्रम की विधिवत शुरुआत हुई। कार्यक्रम में तीन दिनों तक हर शाम विशाल कीर्तन दरबार आयोजित होगा जिसमें विभिन्न प्रख्यात रागी जत्थों द्वारा गुरु साहिब की वाणी का स्वरबद्ध कीर्तन किया जाएगा। श्रद्धालुओं की भारी संख्या को देखते हुए मुख्य पंडाल में एक समय में 50 हजार लोगों के बैठने की व्यवस्था की गई है। साथ ही, संगत के रात्रि प्रवास के लिए टेंट सिटी तैयार की गई है।

spot_imgspot_img

Subscribe

Related articles

सिलेंडर बिन जलाए रोटी बनाने की कला

मैं हफ्ते में एक दिन आफिस जाने वाला हर...

सुरक्षित उत्पाद उपभोक्ता का अधिकार

सुभाष बुडनवाला हर वर्ष 15 मार्च को विश्व भर में...

पुराना है नाम बदलने का चलन

अमिताभ स. पिछले दिनों, भारत के एक राज्य और कुछ...

IAF Agniveer Vayu: खिलाड़ियों के लिए एयरफोर्स भर्ती, जानें आवेदन शुरू होने की तारीख

जनवाणी ब्यूरो | नई दिल्ली: भारतीय वायु सेना ने अग्निवीर...

Delhi Fire: दिल्ली के नेचर बाजार में भीषण आग, 40 दुकानें जलकर खाक

जनवाणी ब्यूरो | नई दिल्ली: रविवार सुबह दिल्ली के अंधेरिया...
spot_imgspot_img