जनवाणी ब्यूरो |
नई दिल्ली: सिडनी के बॉन्डी बीच पर हाल ही में हुई शूटिंग के दौरान एक आम शख्स ने असाधारण साहस का परिचय दिया, जब उसने हमलावर से बंदूक छीनकर कई जानें बचाईं। इस शख्स का नाम अहमद अल अहमद है, जो खुद सीरिया से शरणार्थी के तौर पर ऑस्ट्रेलिया आए थे। हमलावर जब हनुक्का के जश्न में शामिल लोगों पर अंधाधुंध फायरिंग कर रहे थे, तब अहमद ने बिना डर के एक हमलावर पर हमला किया और उससे राइफल छीन ली। उनकी बहादुरी ने गोलीबारी के बीच कई निर्दोष लोगों की जान बचाई।
हालांकि, उनकी इस बहादुरी की कीमत उन्हें खुद चुकानी पड़ी। गोलीबारी में अहमद को गंभीर चोटें आईं और उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया। इसके बावजूद, उनकी हिम्मत और साहस ने उन्हें अंतरराष्ट्रीय स्तर पर एक हीरो बना दिया। इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया, जिससे उनकी बहादुरी को पूरे दुनिया ने देखा।
इस बीच, अहमद के इलाज और मदद के लिए एक फंडरेजिंग अभियान शुरू किया गया है। यह पहल यहूदी अरबपति निवेशक विलियम एकमैन ने की है। GoFundMe प्लेटफॉर्म पर चल रहे इस अभियान का लक्ष्य 3.1 मिलियन डॉलर रखा गया है, और अब तक इसमें 2 मिलियन डॉलर से ज्यादा जुटाए जा चुके हैं। भारतीय मुद्रा में यह राशि करीब 17 करोड़ रुपये के बराबर है। विलियम एकमैन ने खुद इस अभियान में 99,999 डॉलर का योगदान दिया है, जो करीब 90 लाख रुपये होते हैं।
विलियम एकमैन, जो पर्शिंग स्क्वायर कैपिटल मैनेजमेंट एलपी के संस्थापक और मुख्य कार्यकारी अधिकारी हैं, उनकी अनुमानित संपत्ति 9.5 अरब डॉलर बताई जाती है।
अहमद, जो 2006 में सीरिया से ऑस्ट्रेलिया आए थे और 2022 में ऑस्ट्रेलियाई नागरिकता प्राप्त की, एक तंबाकू की दुकान चलाते हैं और दो छोटी बेटियों के पिता हैं। उन्हें मुठभेड़ के दौरान दो गोलियां लगी थीं, और अस्पताल में उनकी सर्जरी की गई है।
ऑस्ट्रेलियाई प्रधानमंत्री एंथनी अल्बनीज ने भी अहमद से मुलाकात की और सोशल मीडिया पर इस मुलाकात का वीडियो साझा किया। उन्होंने लिखा कि अहमद ने अपनी जान की परवाह किए बिना दूसरों की जान बचाई और ऑस्ट्रेलिया की असली ताकत को दुनिया के सामने रखा। अहमद का साहस और उनके जज़्बे ने उन्हें सिडनी के हीरो के रूप में स्थापित किया है, और उनकी कहानी ने लोगों को इंसानियत और बहादुरी की मिसाल दी है।

