जनवाणी ब्यूरो |
नई दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुरुवार को कतर, फ्रांस, जॉर्डन, ओमान और मलयेशिया के नेताओं से फोन पर बातचीत की। मुख्य चर्चा का विषय पश्चिम एशिया में बढ़ता तनाव और ऊर्जा ठिकानों पर हो रहे हमले थे। प्रधानमंत्री ने ईरान युद्ध में ऊर्जा बुनियादी ढांचों को निशाना बनाने की कड़ी निंदा की।
पश्चिम एशिया में शांति और सुरक्षा पर जोर
पीएम मोदी ने प्रत्येक नेता से अलग-अलग बातचीत में क्षेत्र में शांति, सुरक्षा और स्थिरता बहाल करने के लिए संवाद और कूटनीति को प्राथमिकता देने का आग्रह किया। इसके अलावा, उन्होंने होर्मुज जलडमरूमध्य में ऊर्जा मार्गों की सुरक्षित आवाजाही सुनिश्चित करने की आवश्यकता पर भी चर्चा की, ताकि वैश्विक ऊर्जा संकट से निपटा जा सके।
कतर के अमीर के साथ वार्ता
कतर के अमीर तमीम बिन हमद अल थानी से हुई बातचीत में पीएम मोदी ने कहा कि भारत कतर के साथ खड़ा है और क्षेत्रीय ऊर्जा बुनियादी ढांचों पर हमलों की कड़ी निंदा करता है। उन्होंने कतर में रहने वाले भारतीय समुदाय के लिए अमीर का आभार जताया और क्षेत्र में शांति व स्थिरता की कामना की। साथ ही, उन्होंने ईद की अग्रिम शुभकामनाएं भी दीं।
जॉर्डन के राजा से बातचीत
प्रधानमंत्री मोदी ने जॉर्डन के राजा अब्दुल्ला द्वितीय को व्यक्तिगत रूप से “मेरे भाई” कहकर संबोधित किया। दोनों नेताओं ने पश्चिम एशिया संकट और ऊर्जा ठिकानों पर हमलों की निंदा पर चर्चा की। पीएम मोदी ने जॉर्डन के राजा को भी ईद की अग्रिम शुभकामनाएं दीं।
फ्रांस, ओमान और मलयेशिया के नेताओं से चर्चा
प्रधानमंत्री ने फ्रांस, ओमान और मलयेशिया के राष्ट्र प्रमुखों के साथ भी फोन पर बातचीत की। इन वार्ताओं में उन्होंने पश्चिम एशिया में शांति, सुरक्षा और स्थिरता बनाए रखने के उपायों पर जोर दिया।
ऊर्जा ठिकानों पर हमले और वैश्विक असर
पश्चिम एशिया में ऊर्जा ठिकानों पर हमले बढ़ गए हैं, जिससे वैश्विक ऊर्जा बाजार में चिंता बढ़ गई है। इस्राइल के ईरान के दक्षिण पार्स गैस क्षेत्र पर हमले के बाद ईरान ने कुवैत और कतर के गैस एवं ऊर्जा ठिकानों को निशाना बनाया। इन घटनाओं से पूरी दुनिया में तेल और गैस की कीमतों में इजाफा होने का खतरा पैदा हो गया है।
अमेरिका के राष्ट्रपति ने ऊर्जा ठिकानों को निशाना न बनाने पर जोर दिया और कहा कि उन्हें ईरान के गैस क्षेत्र पर हमलों की जानकारी नहीं थी।

