नमस्कार, दैनिक जनवाणी डॉटकॉम वेबसाइट पर आपका हार्दिक स्वागत और अभिनंदन है। गुड फ्राइडे ईसाई धर्म का सबसे महत्वपूर्ण दिन है और इसे हर साल ईस्टर से पहले शुक्रवार को मनाया जाता है। इस दिन को यीशु मसीह के सलीब पर चढ़ने और मानवता के पापों से मुक्ति दिलाने के लिए उनके बलिदान की याद में मनाया जाता है। ईसाई मान्यता के अनुसार, यीशु ने अपने जीवन का बलिदान देकर लोगों को ईश्वर के मार्ग पर लाया।
गुड फ्राइडे का महत्व
गुड फ्राइडे को एक काला दिन माना जाता है, क्योंकि इस दिन यीशु मसीह ने सूली पर कष्ट सहे। हालांकि, इसे “गुड” कहा जाता है, जिसका अर्थ है अच्छाई और मुक्ति। बाइबिल के अनुसार, गुड फ्राइडे के तीसरे दिन यीशु पुनर्जीवित हुए, और इसी कारण अगले रविवार को ईस्टर संडे के रूप में मनाया जाता है।
ईसाई समुदाय इस दिन क्या करते हैं?
- चर्च में दोपहर 12 बजे से 3 बजे तक विशेष प्रार्थनाएं आयोजित की जाती हैं, उसी समय को याद करते हुए जब यीशु को कष्ट सहना पड़ा था।
- चर्च की घंटियां नहीं बजतीं, मोमबत्तियां नहीं जलाई जातीं और वेदियों को खाली छोड़ दिया जाता है। लकड़ी की घंटियों की आवाज़ शोक व्यक्त करती है।
- कई जगहों पर यीशु मसीह की अंतिम यात्रा का नाट्य रूपांतरण और 14 स्टेशनों के माध्यम से प्रार्थना की जाती है।
- लोग शांत रहते हैं और गरीबों तथा जरूरतमंदों की मदद करते हैं।
- चर्च में यीशु द्वारा सूली पर कहे गए अंतिम शब्दों—“हे पिता, इन्हें क्षमा कर दे, क्योंकि ये नहीं जानते कि ये क्या कर रहे हैं”—को याद किया जाता है।
- गुड फ्राइडे ईसाई धर्म में बलिदान, कष्ट और मुक्ति का प्रतीक है। यह दिन न केवल यीशु मसीह के बलिदान को याद करने का अवसर है, बल्कि उनकी शिक्षाओं का पालन करने और मानवता के प्रति करुणा दिखाने की प्रेरणा भी देता है।

