जनवाणी ब्यूरो |
यूपी: पाइप्ड नैचुरल गैस (पीएनजी) उपयोग करने वाले 70,000 से अधिक घरों को अब एलपीजी कनेक्शन सरेंडर करना होगा। ऐसे घरों में एक जुलाई से एलपीजी सिलिंडर की आपूर्ति बंद कर दी जाएगी। पूर्ति विभाग ने ग्रीन गैस लिमिटेड से उन उपभोक्ताओं की सूची तलब की है, जिनके घर पीएनजी और एलपीजी दोनों कनेक्शन हैं।
दोहरे कनेक्शन पर रोक
नए नियम के अनुसार, पीएनजी उपभोक्ता अब एलपीजी कनेक्शन नहीं रख सकेंगे। जिला पूर्ति अधिकारी ने बताया कि अगले तीन महीने में पीएनजी कनेक्शन वाले घरों में एलपीजी सिलिंडर की डिलीवरी बंद कर दी जाएगी। केंद्रीय पेट्रोलियम मंत्रालय ने इस संबंध में आदेश जारी किया था, और इसे लागू करने की कवायद शुरू हो गई है।
300 मीटर परिधि में कनेक्शन लेना अनिवार्य
- जिन कॉलोनियों और गली-मोहल्लों में पीएनजी पाइप लाइन है, वहां पीएनजी कनेक्शन लेना अनिवार्य होगा।
- घर से 300 मीटर के दायरे में लाइन होने पर एक सप्ताह में कनेक्शन उपलब्ध होगा।
- नए कनेक्शन के लिए छह हजार रुपये जमानत राशि जमा करनी होगी।
- अगले तीन महीने में 25,000 नए पीएनजी कनेक्शन देने का लक्ष्य रखा गया है। पहले चरण में 5,000 कनेक्शन किए जाएंगे।
शिविर लगाकर औपचारिकताएं पूरी
ग्रीन गैस लिमिटेड ने रविवार को शंकर ग्रीन ताजनगरी और अपर्णा प्रेम शास्त्रीपुरम में शिविर आयोजित किया। यहां नए कनेक्शन के लिए उपभोक्ताओं से औपचारिकताएं पूरी कराई गईं। नए कनेक्शन के लिए 10 से अधिक आवेदन प्राप्त हुए।
एलपीजी सिलिंडर की कालाबाजारी और आपूर्ति की कमी
- शासन और प्रशासन दावा कर रहे हैं कि एलपीजी आपूर्ति सामान्य है।
- हालांकि, व्यावसायिक उपयोग के लिए 925 रुपये वाला घरेलू सिलिंडर 1800 से 2000 रुपये तक ब्लैक में बिक रहा है।
- जिले में 40,000 कॉमर्शियल सिलिंडर की खपत के मुकाबले सिर्फ 4,500 सिलिंडर उपलब्ध हैं।
- कॉमर्शियल सिलिंडर की आपूर्ति में 90 प्रतिशत की कटौती से व्यावसायिक उपभोक्ता प्रभावित हैं।

