जनवाणी ब्यूरो |
यूपी: लोकसभा में परिसीमन बिल को लेकर सियासत गरमा गई है। बिल के गिरने के बाद भारतीय जनता पार्टी (BJP) और समाजवादी पार्टी (SP) के बीच विवाद अब खुलकर सामने आ गया है। दोनों दलों के बीच सोशल मीडिया पर तीखी बयानबाजी देखने को मिल रही है।
अखिलेश यादव को “वांटेड” बताया
भाजपा के आधिकारिक एक्स अकाउंट से सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव को निशाने पर लेते हुए उनका एक पोस्टर साझा किया गया, जिसमें उन्हें “वांटेड” बताया गया। पोस्ट में तंज कसते हुए लिखा गया कि उन्हें आखिरी बार “टोंटी चुराते हुए” देखा गया था। साथ ही भाजपा ने आरोप लगाया कि अखिलेश यादव महिलाओं के अधिकारों के विरोधी हैं और उन्होंने संसद में नारी शक्ति से जुड़े मुद्दों का विरोध किया।
महिलाओं के अधिकारों के विरोध में अखिलेश यादव हैं WANTED…#महिला_विरोधी_कांग्रेस#AntiWomenAlliance#MahilaVirodhiCongress pic.twitter.com/0QAVKOUlwP
— BJP Uttar Pradesh (@BJP4UP) April 19, 2026
अखिलेश यादव ने भी तीखा पलटवार किया
भाजपा के इस हमले पर अखिलेश यादव ने भी तीखा पलटवार किया। उन्होंने सोशल मीडिया पर प्रतिक्रिया देते हुए भाजपा और उसके सहयोगियों पर निशाना साधा। अखिलेश ने कहा कि भाजपा अपनी संभावित पराजय को स्वीकार नहीं कर पा रही है और इसी कारण इस तरह की नकारात्मक राजनीति कर रही है।
उन्होंने आगे कहा कि देश की 95 प्रतिशत आबादी से बना पीडीए (पिछड़ा, दलित, अल्पसंख्यक) समाज जब एकजुट होगा, तो भाजपा की मुश्किलें बढ़ेंगी। अखिलेश यादव ने भाजपा पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि “इन लोगों ने आजादी से पहले भी देश के साथ गद्दारी की और अब भी वही कर रहे हैं।”
इस पूरे घटनाक्रम के बाद प्रदेश की राजनीति में बयानबाजी का स्तर और तेज हो गया है। दोनों दल एक-दूसरे पर लगातार आरोप-प्रत्यारोप लगा रहे हैं, जिससे आने वाले समय में सियासी माहौल और गरमाने के संकेत मिल रहे हैं।

