जनवाणी ब्यूरो |
नई दिल्ली: तमिलनाडु की राजनीति में बड़ा बदलाव सामने आया है। विधानसभा चुनाव में करारी हार के बाद द्रमुक अध्यक्ष एम.के. स्टालिन ने मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा दे दिया है। उनका इस्तीफा राज्यपाल राजेंद्र विश्वनाथ अर्लेकर को भेज दिया गया है, जिससे राज्य में नई सरकार के गठन का रास्ता साफ हो गया है।
TVK का चौंकाने वाला प्रदर्शन
23 अप्रैल को हुए विधानसभा चुनाव में अभिनेता विजय के नेतृत्व वाली पार्टी तमिलगा वेत्री कषगम (TVK) ने शानदार प्रदर्शन करते हुए सत्ताधारी द्रमुक को सत्ता से बाहर कर दिया। 234 सदस्यीय विधानसभा में TVK ने 107 सीटें जीतकर सबसे बड़ी पार्टी के रूप में उभरकर सबको चौंका दिया। हालांकि, बहुमत के आंकड़े से पार्टी 11 सीट पीछे रह गई है और अब उसे सरकार बनाने के लिए सहयोगियों की तलाश करनी होगी। वहीं, द्रमुक केवल 59 सीटों पर सिमट गई, जबकि अन्य दलों का प्रदर्शन भी सीमित रहा।
जनता का आभार, हार को स्वीकार
चुनाव नतीजों के बाद स्टालिन ने जनता का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि द्रमुक गठबंधन को मिले 1.54 करोड़ से अधिक वोट जनता के भरोसे का प्रतीक हैं। उन्होंने यह भी बताया कि जीतने वाली पार्टी और द्रमुक के बीच वोटों का अंतर केवल 3.52 प्रतिशत का रहा, जो मुकाबले को कड़ा दर्शाता है।
विपक्ष में निभाएंगे जिम्मेदारी
स्टालिन ने अपने कार्यकर्ताओं का मनोबल बढ़ाते हुए कहा कि द्रमुक ने पहले भी कई उतार-चढ़ाव देखे हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि अब पार्टी एक मजबूत विपक्ष की भूमिका निभाएगी और जनता के मुद्दों को पूरी मजबूती से उठाएगी।
स्टालिन की सीट पर भी हार
इस चुनाव का सबसे बड़ा झटका खुद स्टालिन को लगा, जब कोलाथुर विधानसभा सीट पर उन्हें TVK उम्मीदवार वीएस बाबू ने 8,795 वोटों से हरा दिया। वोट शेयर में भी TVK 32% से अधिक के साथ सबसे आगे रही, जबकि द्रमुक और अन्नाद्रमुक को क्रमशः 24.19% और 21.22% वोट मिले।
आगे की राह
अब सबकी नजर TVK की अगली रणनीति पर है। पार्टी कांग्रेस, वामपंथी दलों और अन्य क्षेत्रीय पार्टियों से समर्थन लेकर सरकार बनाने की कोशिश कर सकती है। तमिलनाडु में यह चुनाव नतीजा एक नए राजनीतिक युग की शुरुआत का संकेत माना जा रहा है।

