जनवाणी ब्यूरो |
नई दिल्ली: सुप्रीम कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश (सीजेआई) सूर्यकांत ने सोमवार को न्यायपालिका को अधिक डिजिटल और तकनीक-आधारित बनाने की दिशा में दो महत्वपूर्ण पहल की घोषणा की।
1. “वन केस, वन डेटा” पहल
सीजेआई ने बताया कि न्यायपालिका अब “वन केस, वन डेटा” नामक नई डिजिटल पहल शुरू कर रही है। इस पहल के तहत देशभर की सभी हाईकोर्ट, जिला और तालुका अदालतों की बहु-स्तरीय सूचनाओं को एक एकीकृत डिजिटल प्लेटफॉर्म से जोड़ा जाएगा। इसका मतलब है कि किसी केस से जुड़ी अलग-अलग अदालतों की जानकारी अब एक ही जगह उपलब्ध होगी।
इस पहल का उद्देश्य
- अदालतों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करना।
- केस ट्रैकिंग और प्रबंधन को अधिक प्रभावी बनाना।
- न्यायिक डेटा को एकीकृत करना और केस रिकॉर्ड्स को डिजिटल रूप से जोड़ना।
- लंबित मामलों की निगरानी को आसान बनाना।
- देश की अदालतों में सूचनाओं के आदान-प्रदान को तेज और पारदर्शी बनाना।
- इससे न केवल न्यायिक प्रशासन मजबूत होगा, बल्कि आम नागरिकों, वकीलों और अन्य न्यायिक पक्षों को भी सुविधा मिलेगी।
2. “सु सहायता” एआई चैटबॉट
सुप्रीम कोर्ट ने अपनी वेबसाइट पर “सु सहायता” नामक एआई आधारित चैटबॉट भी लॉन्च किया है। इसका उद्देश्य नागरिकों और वादियों को सुप्रीम कोर्ट की सेवाओं तक सुलभ और आसान पहुँच प्रदान करना है।
सु सहायता उपयोगकर्ताओं को सुप्रीम कोर्ट से जुड़ी प्रक्रियाओं, जरूरी दिशा-निर्देशों, फाइलिंग सिस्टम, केस संबंधी जानकारी और अन्य सेवाओं तक सरल तरीके से पहुंचने में मदद करेगा। उन्होंने कहा कि इस तकनीक का उद्देश्य आम लोगों के लिए न्यायिक सेवाओं को अधिक सुलभ और उपयोगकर्ता-अनुकूल बनाना है। एआई आधारित यह सिस्टम नागरिकों को वेबसाइट पर आवश्यक जानकारी ढूंढने में मदद करेगा और अदालत से संबंधित प्रक्रियाओं को समझने में सहायक होगा।
सीजेआई ने सुप्रीम कोर्ट रजिस्ट्री के अधिकारियों और बार सदस्यों की सराहना करते हुए कहा कि इन परियोजनाओं की सफलता में उनकी भूमिका अहम रही। उन्होंने यह भी बताया कि न्यायपालिका भविष्य में तकनीक आधारित सुधारों पर जोर देती रहेगी ताकि आम नागरिकों को अधिक सुगम और प्रभावी न्यायिक सेवाएँ मिल सकें।

