जनवाणी ब्यूरो |
नई दिल्ली: दक्षिण-पश्चिम मानसून कुछ दिन रुकने के बाद अब फिर रफ्तार पकड़ चुका है। 4 जून को केरल में दस्तक देने के बाद यह अब तक 16 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों तक पहुँच चुका है। अगले तीन-चार दिनों के भीतर मानसून के उत्तरी बंगाल तक पहुँचने का अनुमान है।
इसके प्रभाव से केरल, तमिलनाडु और तटीय आंध्र प्रदेश में झमाझम बारिश हो रही है। भारतीय मौसम विभाग (आईएमडी) के अनुसार, 11 जून से पश्चिमी हिमालयी क्षेत्र में एक पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होने की संभावना है, जिसके चलते दिल्ली-एनसीआर, उत्तर-पश्चिम भारत और पूर्वी भारत के कुछ हिस्सों में भी बारिश हो सकती है।
फिलहाल उत्तर भारत में तापमान 45 डिग्री सेल्सियस के पार चला गया है। राजस्थान के श्रीगंगानगर में पारा 45.6 डिग्री तक पहुँच गया, वहीं दिल्ली में अधिकतम तापमान 42.2 डिग्री रिकॉर्ड किया गया। उत्तर प्रदेश के फतेहगढ़ में 44.8 और वाराणसी में 43.6 डिग्री सेल्सियस तापमान दर्ज किया गया। हरियाणा के रोहतक में 45.2 और पंजाब के पटियाला में 42.6 डिग्री तापमान रहा। झारखंड के डाल्टनगंज में भी 43.1 डिग्री तक पारा चढ़ा।
मानसून का वर्तमान विस्तार
अब तक मानसून केरल, तमिलनाडु, कर्नाटक, गोवा, महाराष्ट्र, तेलंगाना, आंध्र प्रदेश और पूर्वोत्तर के सभी सातों राज्यों तक पहुँच चुका है। अगले तीन दिनों में उत्तर-पश्चिम बंगाल की खाड़ी के कुछ हिस्सों, महाराष्ट्र, कर्नाटक, तेलंगाना, आंध्र प्रदेश, तमिलनाडु, पूर्वोत्तर राज्यों के शेष हिस्सों, छत्तीसगढ़, ओडिशा, पश्चिम बंगाल और सिक्किम के कुछ हिस्सों में मानसून पहुँचने की संभावना है।
हाल की बारिश
पिछले 24 घंटों में उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल, सिक्किम, असम और मेघालय के कुछ हिस्सों में 12-20 सेमी तक बारिश दर्ज हुई। वहीं कोंकण, गोवा, मध्य महाराष्ट्र, अरुणाचल प्रदेश, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम, त्रिपुरा, तमिलनाडु, पुडुचेरी, कराईकल, केरल, माहे, तटीय और उत्तरी आंतरिक कर्नाटक, तटीय आंध्र प्रदेश, यनम, रायलसीमा और तेलंगाना के कुछ हिस्सों में 7-11 सेमी तक बारिश हुई।

