जनवाणी ब्यूरो |
नई दिल्ली: वेनेजुएला में आए शक्तिशाली भूकंप ने भारी तबाही मचाई है, जिससे पूरे विश्व में चिंता और सहानुभूति की लहर दौड़ गई है। भारत ने भी इस प्राकृतिक आपदा पर गहरा दुख व्यक्त करते हुए वेनेजुएला को हरसंभव सहायता देने का आश्वासन दिया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भूकंप में जान गंवाने वाले लोगों के परिजनों के प्रति संवेदना व्यक्त की और कहा कि भारत इस कठिन समय में वेनेजुएला के साथ खड़ा है।
पीएम मोदी ने जताया दुख
प्रधानमंत्री मोदी ने सोशल मीडिया पर जारी अपने संदेश में कहा, “वेनेजुएला में आए भीषण भूकंप से हुई तबाही से मैं बेहद दुखी हूं। भारत की ओर से मैं वेनेजुएला की सरकार और वहां की जनता, विशेषकर उन परिवारों के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त करता हूं जिन्होंने अपने प्रियजनों को खो दिया है। हम घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की प्रार्थना करते हैं और इस कठिन समय में सभी पीड़ितों के साथ एकजुटता से खड़े हैं। भारत हरसंभव मदद देने के लिए तैयार है।”
दुनियाभर से मिल रहा समर्थन
भूकंप के बाद विभिन्न देशों के नेताओं और संगठनों ने वेनेजुएला के प्रति समर्थन और संवेदना व्यक्त की है। विपक्षी नेता मारिया कोरीना मचाडो ने देशवासियों से हिम्मत बनाए रखने की अपील की, जबकि अल सल्वाडोर के राष्ट्रपति नायिब बुकेले ने कहा कि उनका देश इस मुश्किल घड़ी में वेनेजुएला के लोगों के साथ खड़ा है। अमेरिका के फ्लोरिडा से रिपब्लिकन सांसद मारिया एलवीरा सालाजार ने भी प्रभावित परिवारों और राहतकर्मियों के प्रति समर्थन व्यक्त किया।
39 सेकेंड के अंतराल में आए दो बड़े झटके
अमेरिकी भूवैज्ञानिक सर्वेक्षण (USGS) के अनुसार, बुधवार शाम वेनेजुएला में 39 सेकेंड के अंतराल पर दो शक्तिशाली भूकंप आए। पहले भूकंप की तीव्रता रिक्टर पैमाने पर 7.2 और दूसरे की 7.5 दर्ज की गई। भूकंप का केंद्र कैरेबियाई तट पर स्थित मोरोन शहर के पश्चिम में, राजधानी कराकास से लगभग 168 किलोमीटर दूर था। इसकी गहराई 22 किलोमीटर बताई गई है।
भूकंप के झटके इतने तेज थे कि उनका असर लगभग 1,700 किलोमीटर दूर ब्राज़ील के अमेजन क्षेत्र तक महसूस किया गया।
हवाई अड्डा बंद, स्कूलों में छुट्टी
देर रात राष्ट्र को संबोधित करते हुए कार्यवाहक राष्ट्रपति डेल्सी रोड्रिगेज ने बताया कि कई राज्यों में व्यापक नुकसान हुआ है। हालांकि, उन्होंने अभी तक मृतकों और घायलों की आधिकारिक संख्या जारी नहीं की है। देश के प्रमुख सिमोन बोलिवार अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे को नुकसान पहुंचने के कारण अस्थायी रूप से बंद कर दिया गया है। साथ ही कई दिनों के लिए स्कूलों में कक्षाएं स्थगित कर दी गई हैं।
हजारों मौतों की आशंका
सरकार ने पूरे देश में आपातकाल घोषित कर दिया है और सभी आपातकालीन सेवाओं को सक्रिय कर दिया गया है। राहत एवं बचाव कार्य जारी है। अधिकारियों के अनुसार शुरुआती आकलन में मृतकों की संख्या हजारों तक पहुंचने की आशंका जताई जा रही है, हालांकि आधिकारिक पुष्टि का इंतजार है।
क्यों आते हैं भूकंप?
विशेषज्ञों के मुताबिक, वेनेजुएला कैरिबियन और दक्षिण अमेरिकी टेक्टोनिक प्लेटों के बीच स्थित है, जिसके कारण यह भूकंप की दृष्टि से संवेदनशील क्षेत्र माना जाता है। हालांकि, मेक्सिको और चिली जैसे देशों की तुलना में यहां बड़े भूकंप अपेक्षाकृत कम आते हैं। इसके बावजूद इस बार आए शक्तिशाली झटकों ने व्यापक तबाही मचा दी है।
फिलहाल राहत एवं बचाव अभियान तेज़ी से जारी है और दुनिया भर के कई देश वेनेजुएला को सहायता उपलब्ध कराने की तैयारी में हैं।

