जनवाणी ब्यूरो ।
नई दिल्ली: भू-राजनीतिक अनिश्चितताओं और कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों के दबाव में मंगलवार (11 अगस्त 2026) को घरेलू शेयर बाजार की शुरुआत कमजोर रही। बीएसई सेंसेक्स शुरुआती कारोबार में 320.14 अंक टूटकर 78,204.40 पर पहुंच गया, जबकि एनएसई निफ्टी 94.35 अंक गिरकर 24,490.85 पर कारोबार करता दिखा। वहीं, रुपया भी डॉलर के मुकाबले 8 पैसे कमजोर होकर 95.38 पर आ गया। वैश्विक तेल बेंचमार्क ब्रेंट क्रूड 87.61 डॉलर प्रति बैरल पर बना रहा।
सेंसेक्स की कंपनियों में इंटरग्लोब एविएशन, एक्सिस बैंक, अल्ट्राटेक सीमेंट, भारती एयरटेल, इटरनल और बजाज फाइनेंस के शेयरों में गिरावट दर्ज की गई। दूसरी ओर, टाइटन, एचसीएल टेक, टेक महिंद्रा और इंफोसिस बढ़त के साथ कारोबार करते नजर आए।
बाजार विशेषज्ञों का कहना है कि ईरान-अमेरिका तनाव और होर्मुज जलडमरूमध्य को लेकर बनी अनिश्चितता ने कच्चे तेल की कीमतों को ऊंचा बनाए रखा है। एनरिच मनी के सीईओ पोनमुडी आर के अनुसार, इस वजह से वॉल स्ट्रीट में कमजोरी और एशियाई बाजारों में सुस्ती देखने को मिली। उनका मानना है कि जब तक भू-राजनीतिक स्थिति स्पष्ट नहीं होती, निवेशक सतर्क रुख अपनाए रखेंगे।
एशियाई बाजारों में दक्षिण कोरिया का कोस्पी सूचकांक बढ़त में रहा, जबकि चीन का शंघाई एसएसई कंपोजिट और हांगकांग का हैंग सेंग नुकसान में कारोबार करते दिखे। अमेरिकी बाजार भी सोमवार को गिरावट के साथ बंद हुए थे।
एचएसटी वेल्थ के संस्थापक एवं सीईओ हरिसलवन राधाकृष्णन ने कहा कि निवेशक फिलहाल ‘वेट एंड वॉच’ की रणनीति अपना रहे हैं। उनके अनुसार, कॉरपोरेट नतीजे शेयर-विशिष्ट गतिविधियों को दिशा देंगे, लेकिन ऊंची तेल कीमतें निकट अवधि में बाजार की तेजी को सीमित कर सकती हैं।
इस बीच, डब्ल्यूटीआई क्रूड 82 डॉलर प्रति बैरल के करीब पहुंच गया है, जबकि ब्रेंट क्रूड 87 डॉलर प्रति बैरल से ऊपर बना हुआ है। विशेषज्ञों का कहना है कि होर्मुज जलडमरूमध्य में संभावित व्यवधान और ईरान-अमेरिका गतिरोध के कारण वैश्विक तेल आपूर्ति को लेकर चिंताएं बढ़ी हैं।
हालांकि विदेशी संस्थागत निवेशकों (एफआईआई) ने सोमवार को 1,974.76 करोड़ रुपये के शेयर खरीदे, फिर भी मंगलवार को बाजार पर दबाव बना रहा। सोमवार को सेंसेक्स 43.27 अंक की बढ़त के साथ 78,542.44 और निफ्टी 13.15 अंक चढ़कर 24,583.80 पर बंद हुआ था।

