जनवाणी ब्यूरो |
नई दिल्ली: राजधानी दिल्ली के जंतर-मंतर पर छात्रों का विरोध प्रदर्शन बुधवार देर रात अचानक हिंसक हो गया। दिनभर शांतिपूर्ण चले प्रदर्शन के बाद देर रात पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच झड़प हो गई। इस दौरान पथराव हुआ, जिसमें दो सहायक पुलिस आयुक्त (ACP) समेत कई पुलिसकर्मी घायल हो गए।
पुलिस सूत्रों के अनुसार, प्रदर्शनकारियों की ओर से किए गए पथराव में दो ACP और चार पुलिसकर्मियों को चोटें आईं। पुलिस का दावा है कि प्रदर्शन स्थल पर कुछ असामाजिक तत्व भी शामिल हो गए थे, जिन्होंने माहौल बिगाड़ने की कोशिश की।
ACP विवेक भगत पर हमले का आरोप
पुलिस के मुताबिक, कनॉट प्लेस के ACP विवेक भगत पर प्रदर्शनकारियों ने हमला किया। आरोप है कि उन पर किसी नुकीली वस्तु से वार किया गया, जिससे उनके सिर में चोट आई और शरीर पर कई जगह खरोंचें आईं।
इसके अलावा दिल्ली पुलिस के एक हेड कांस्टेबल को भी भीड़ में नुकीली वस्तु से चोट पहुंचाई गई। प्रदर्शन के दौरान मिर्ची स्प्रे के इस्तेमाल का वीडियो भी सामने आया है।
घायल इंस्पेक्टर ने बताई पूरी घटना
जंतर-मंतर पर तैनात इंस्पेक्टर नंदकिशोर ने बताया कि वह बुधवार रात ड्यूटी पर थे। उन्होंने कहा कि भीड़ अधिक होने के कारण उन्हें वाहन खड़ा करने की जगह नहीं मिली, जिसके बाद वह पैदल संसद मार्ग की ओर जा रहे थे।
उन्होंने बताया कि शुरुआत में उन्हें प्रदर्शनकारियों से कोई खतरा महसूस नहीं हुआ, लेकिन संसद मार्ग पहुंचने के बाद करीब ढाई हजार लोगों की भीड़ अचानक उग्र हो गई। उनके अनुसार, भीड़ ने उन पर हमला किया और करीब 150 लोगों ने उन्हें घेरकर लात-घूंसों से पीटा। बाद में पुलिस टीम ने उन्हें भीड़ से बाहर निकाला और RML अस्पताल पहुंचाया।
इंस्पेक्टर ने आरोप लगाया कि हमलावर आम छात्र नहीं थे, बल्कि असामाजिक तत्व थे, जो वर्दी पहने पुलिस, CRPF और RAF जवानों को निशाना बना रहे थे। उन्होंने यह भी बताया कि पुलिस वाहनों को भी नुकसान पहुंचाया गया।
RML अस्पताल में ACP का इलाज
घटना के बाद ACP विवेक भगत को डॉ. राम मनोहर लोहिया (RML) अस्पताल के आपातकालीन विभाग में भर्ती कराया गया। अस्पताल के अनुसार, उनके सिर के पिछले हिस्से में सूजन थी और कान से खून आने तथा उल्टी की शिकायत भी बताई गई।
डॉक्टरों की टीम ने उनकी जांच की और आवश्यक उपचार दिया। जांच में उनके शरीर के ऊपरी और निचले हिस्सों तथा कंधे पर खरोंचें मिलीं। बाद में उन्होंने आगे के इलाज के लिए AIIMS जाने की इच्छा जताई, जिसके बाद उन्हें RML अस्पताल से छुट्टी दे दी गई।
प्रदर्शन कैसे बदला हिंसा में?
यह घटना ‘संसद चलो’ मार्च के दो दिन बाद हुई। जंतर-मंतर पर दिनभर प्रदर्शन शांतिपूर्ण रहा, लेकिन देर रात स्थिति बिगड़ गई। पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच झड़प के दौरान पत्थरबाजी हुई और पुलिस ने भीड़ को नियंत्रित करने के लिए आंसू गैस के गोले छोड़े और लाठीचार्ज किया।
पुलिस के अनुसार, झड़प में कई प्रदर्शनकारी भी घायल हुए हैं। देर रात जंतर-मंतर और आसपास के इलाकों में भारी पुलिस बल तैनात कर दिया गया था।
देश के कई शहरों में प्रदर्शन
नीट पेपर लीक मामले को लेकर शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग के समर्थन में यह प्रदर्शन किया जा रहा था। दिल्ली के अलावा पटना, जयपुर, चेन्नई, अहमदाबाद, तिरुवनंतपुरम और मुंबई समेत कई शहरों में छात्रों ने विरोध प्रदर्शन किया।
दो अलग-अलग घटनाओं में घायल हुए पुलिसकर्मी
पुलिस के मुताबिक, बुधवार शाम करीब 4:30 बजे जंतर-मंतर के पास हुए पथराव में ACP जय प्रकाश घायल हुए। इसके बाद रात करीब 8:30 बजे बड़ी संख्या में प्रदर्शनकारी नारेबाजी करते हुए कनॉट प्लेस की ओर बढ़ने लगे।
टॉलस्टॉय मार्ग-जनपथ क्रॉसिंग पर ACP विवेक भगत ने भीड़ को रोकने की कोशिश की, जिसके बाद प्रदर्शनकारियों ने कथित तौर पर पत्थर और बोतल से हमला कर दिया। पुलिस ने लाठीचार्ज कर ACP को सुरक्षित बाहर निकाला।
10 FIR दर्ज, CRPF और RAF की 24 कंपनियां तैनात
दिल्ली पुलिस ने प्रदर्शन से जुड़े मामलों में अब तक 10 FIR दर्ज की हैं। सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने के लिए दिल्ली में CRPF और उसकी विशेष इकाई रैपिड एक्शन फोर्स (RAF) की 24 कंपनियां तैनात की गई हैं।

