जनवाणी ब्यूरो |
नई दिल्ली: कांग्रेस नेता प्रियंका गांधी वाड्रा ने बुधवार को संसद में राम मंदिर के कथित चढ़ावा चोरी के मुद्दे पर सरकार पर सवालों से बचने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि सरकार इस मामले को राज्य का विषय बताकर संसद में जवाब देने से इनकार कर रही है। प्रियंका गांधी ने कहा कि लोकसभा चुनाव से पहले भाजपा ने राम मंदिर के नाम पर राजनीतिक लाभ लेने में कोई हिचक नहीं दिखाई थी।
मानसून सत्र के दौरान संसद में जारी गतिरोध को लेकर पूछे गए सवाल पर प्रियंका गांधी ने कहा कि यह स्थिति बताती है कि सरकार लोगों के प्रति अपनी जिम्मेदारी महसूस नहीं कर रही है। उन्होंने कहा कि संसद वह जगह है, जहां सरकार को जनता से जुड़े सवालों के जवाब देने और जरूरी मुद्दों पर बयान देने होते हैं।
प्रदर्शनकारियों पर कार्रवाई को लेकर भी उठाए सवाल
प्रियंका गांधी ने प्रदर्शनकारियों पर कार्रवाई का मुद्दा भी उठाया। उन्होंने कहा कि देशभर में बड़े स्तर पर प्रदर्शन हुए और युवा सिर्फ दिल्ली में ही नहीं, बल्कि अलग-अलग हिस्सों में सड़कों पर उतरे। उनके मुताबिक, प्रदर्शनकारियों पर लाठीचार्ज किया गया, आंसू गैस छोड़ी गई और पैलेट गन का इस्तेमाल किया गया।
उन्होंने बिहार में प्रदर्शनकारियों पर कथित तौर पर एके-47 के इस्तेमाल का भी आरोप लगाया। प्रियंका गांधी ने सवाल किया कि सरकार इस पूरे मामले पर संसद में जवाब देने के लिए तैयार क्यों नहीं है।
पूछा- आदेश किसने दिया?
कांग्रेस नेता ने कहा कि सरकार को यह बताना चाहिए कि ऐसी कार्रवाई कैसे हुई और इसके आदेश किसने दिए। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार इस बारे में संसद में बयान तक नहीं देना चाहती।
प्रियंका गांधी ने ये बातें संसद भवन परिसर में पत्रकारों से बातचीत के दौरान कहीं। उनके बयान के बाद राम मंदिर से जुड़े कथित चढ़ावा चोरी के आरोप और प्रदर्शनकारियों पर कार्रवाई का मुद्दा एक बार फिर राजनीतिक बहस के केंद्र में आ गया है।

