जनवाणी ब्यूरो |
यूपी: उत्तर प्रदेश में लगातार हो रही भारी बारिश ने जनजीवन अस्त-व्यस्त कर दिया है। शनिवार को तराई, बुंदेलखंड समेत प्रदेश के कई हिस्सों में तेज हवाओं के साथ मूसलाधार बारिश हुई। करीब 10 जिलों में 200 मिलीमीटर से अधिक वर्षा दर्ज की गई। रविवार सुबह भी लखनऊ समेत कई जिलों में हल्की बारिश का सिलसिला जारी रहा।
भारी बारिश के चलते प्रदेश में अलग-अलग हादसों में 58 लोगों की मौत हो गई। कई स्थानों पर कच्चे मकान ढह गए, पेड़ और बिजली के पोल गिरने से रास्ते बाधित हुए तथा बिजली आपूर्ति प्रभावित हुई। प्रशासन ने राहत और बचाव दलों को अलर्ट मोड पर रखा है।
कई जिलों में सितंबर की सबसे ठंडी दिन
बारिश के असर से प्रदेश के कई जिलों में दिन का तापमान सामान्य से काफी नीचे चला गया। बरेली में अधिकतम तापमान 21.3 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो सितंबर के प्रेक्षण इतिहास में सबसे कम है। इटावा, शाहजहांपुर, मुरादाबाद और आगरा में भी सितंबर का अब तक का सबसे ठंडा दिन दर्ज किया गया।
मौसम विभाग के अनुसार रविवार को भी प्रदेश के कई हिस्सों में भारी बारिश हो सकती है। मुरादाबाद, रामपुर, पीलीभीत और बरेली में अति भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। तराई के नौ अन्य जिलों में भारी बारिश का येलो अलर्ट है। प्रदेश के 27 जिलों में गरज-चमक के साथ 40 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की संभावना है।
मौसम वैज्ञानिक के मुताबिक, सोमवार से प्रदेश में बारिश की गतिविधियों में कमी आने की संभावना है।
लखीमपुर खीरी में 342 मिलीमीटर बारिश
शनिवार को लखीमपुर खीरी में सबसे अधिक 342 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई। सीतापुर में 273.2, बांदा में 245.6 और बहराइच में 239 मिलीमीटर बारिश हुई।
बांदा और हमीरपुर में एक दिन में बारिश का अब तक का रिकॉर्ड टूट गया। हमीरपुर में 210 मिलीमीटर और बांदा में 245.6 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई। वहीं, कानपुर में 45 साल का रिकॉर्ड टूट गया और 175.4 मिलीमीटर बारिश हुई।
बारिश से हादसों में 58 लोगों की मौत
लगातार बारिश के कारण प्रदेश के कई जिलों में जनहानि हुई। सबसे ज्यादा 26 मौतें अवध क्षेत्र में हुईं। सीतापुर में छह, बहराइच में पांच, बलरामपुर और अयोध्या में चार-चार, बाराबंकी में तीन, गोंडा में दो तथा अमेठी और श्रावस्ती में एक-एक व्यक्ति की मौत हुई।
लखीमपुर खीरी में छह, गोरखपुर में पांच, हरदोई में चार और हमीरपुर में तीन लोगों की जान गई। महोबा, बांदा, जौनपुर, संतकबीरनगर, प्रयागराज और प्रतापगढ़ में एक-एक मौत हुई। कानपुर में दो तथा फर्रुखाबाद और फतेहपुर में एक-एक व्यक्ति की मौत हुई। ब्रज क्षेत्र में मैनपुरी में दो और एटा में एक व्यक्ति की जान गई।
लखनऊ में जलभराव, 125 से अधिक पेड़ गिरे
लगातार बारिश से राजधानी लखनऊ में कई सड़कें जलमग्न हो गईं। कई इलाकों में घुटनों तक पानी भर गया। पुरनिया ओवरब्रिज के नीचे गड्ढों में पानी भरने से ऑटो और ई-रिक्शा की सवारियां गिर गईं। फैजुल्लागंज, जानकीपुरम, इंदिरानगर, अलीगंज और गोमतीनगर समेत कई इलाकों में जलभराव रहा।
निशातगंज की गली नंबर चार में करीब 150 साल पुराना बरगद गिर गया। उदयगंज में नालियों का पानी भरने से एक चार पहिया वाहन फंस गया। फैजुल्लागंज में बारिश का पानी घरों तक पहुंच गया।
नगर निगम के अनुसार, राजधानी में 125 से अधिक पेड़ गिरने की घटनाएं हुईं। उत्तर रेलवे अस्पताल परिसर में पेड़ गिरने से कई वाहन क्षतिग्रस्त हुए। हालांकि इन घटनाओं में किसी जनहानि की सूचना नहीं है।
ट्रेनों की रफ्तार कम, छह उड़ानें दिल्ली डायवर्ट
भारी बारिश के कारण चारबाग रेलवे स्टेशन के सरकुलेटिंग एरिया में पानी भर गया। यात्रियों को जलभराव के बीच प्लेटफॉर्म तक पहुंचना पड़ा। रेलवे ट्रैक पर पानी आने के कारण लखनऊ मंडल के कई रेलखंडों पर ट्रेनों की गति कम कर दी गई।
कम दृश्यता और खराब मौसम के कारण शुक्रवार रात लखनऊ एयरपोर्ट आने वाली छह उड़ानों को डायवर्ट करना पड़ा। इनमें गोवा, बंगलूरू, हैदराबाद, दिल्ली और इंदौर से आने वाली उड़ानें शामिल थीं। इंदौर की एक उड़ान को नोएडा और अन्य उड़ानों को दिल्ली डायवर्ट किया गया। शनिवार सुबह सभी विमान लखनऊ लौट आए।
63 जिलों में सामान्य से अधिक बारिश
राहत आयुक्त के अनुसार, प्रदेश के 63 जिलों में सामान्य से अधिक वर्षा दर्ज की गई है। पिछले 24 घंटों में पूरे प्रदेश में सामान्य से 19 गुना अधिक बारिश हुई।
फर्रुखाबाद में सामान्य से 200 गुना, कानपुर नगर में 160 गुना तथा कन्नौज, कानपुर देहात और हरदोई में सामान्य से 130 गुना अधिक बारिश दर्ज की गई। भदोही, देवरिया और अलीगढ़ में सामान्य बारिश हुई, जबकि गाजीपुर में सबसे कम बारिश दर्ज की गई। बागपत, गाजियाबाद, मथुरा, मुजफ्फरनगर, सहारनपुर, शामली और गौतमबुद्धनगर में बारिश नहीं हुई।
117 मकान क्षतिग्रस्त, कच्चे घरों पर विशेष निगरानी
पिछले 48 घंटों में अतिवृष्टि और आंधी-तूफान के कारण प्रदेश में 117 मकानों के क्षतिग्रस्त होने की सूचना है। सरकार ने क्षति का तत्काल सर्वेक्षण और आकलन कर प्रभावित लोगों को नियमानुसार राहत सहायता उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं।
प्रशासन को कच्चे मकानों के आसपास जलभराव पर विशेष निगरानी रखने को कहा गया है। जरूरत पड़ने पर प्रभावित परिवारों को सुरक्षित स्थानों पर स्थानांतरित किया जाएगा। राहत और बचाव कार्यों में फायर सर्विस, पीएसी, सिविल डिफेंस, होमगार्ड और आपदा मित्रों की सेवाएं लेने के निर्देश दिए गए हैं।
नेपाल में भारी बारिश को देखते हुए सीमावर्ती जिलों, खासकर पूर्वी उत्तर प्रदेश में नदियों के जलस्तर पर भी लगातार नजर रखने को कहा गया है। राहत एवं बचाव दलों को अलर्ट मोड पर रखा गया है।
लखनऊ में बिजली व्यवस्था भी प्रभावित
बारिश और पेड़ गिरने से लखनऊ में 100 से अधिक ओवरहेड बिजली लाइनें प्रभावित हुईं। 33 हजार, 11 हजार और 440 वोल्ट की एलटी लाइनों पर पेड़ गिरने से 125 से अधिक खंभे और तार टूट गए। बिजली आपूर्ति बहाल करने में दो से 10 घंटे तक का समय लगा।
गोमतीनगर, विरामखंड, विनीतखंड, शहीद पथ, विज्ञानखंड, मल्हौर रोड, हासेमऊ, विकल्पखंड, विजयंतखंड और विभूतिखंड समेत कई इलाकों में बिजली आपूर्ति प्रभावित रही। ग्रामीण इलाकों में भी पेड़ गिरने से उपभोक्ताओं को परेशानी हुई।
राजाजीपुरम के सी-ब्लॉक में 400 केवीए ट्रांसफार्मर का चबूतरा ढहने से ट्रांसफार्मर नीचे लुढ़क गया। बिजली आपूर्ति दूसरे फीडर से बहाल की गई और बाद में ट्रांसफार्मर को दुरुस्त कर दिया गया।
छोटे इमामबाड़े के गेट का हिस्सा गिरा
लगातार बारिश के बीच शनिवार दोपहर छोटे इमामबाड़े के जर्जर मुख्य गेट के ऊपर बना नक्काशीदार हिस्सा गिर गया। प्रशासन ने एहतियातन बैरिकेडिंग और हरा पर्दा लगाकर रास्ते पर आवाजाही रोक दी।
हुसैनाबाद ट्रस्ट के सचिव एवं एडीएम पूर्वी के अनुसार, मौके पर पहले से मरम्मत का काम चल रहा था और सिटी मजिस्ट्रेट ने घटनास्थल का निरीक्षण किया है। मौसम सुधरने के बाद गेट की मरम्मत कराई जाएगी।
डीएम ने जलभराव वाले इलाकों का किया निरीक्षण
भारी बारिश के बीच जिलाधिकारी विशाख जी ने नगर आयुक्त गौरव कुमार के साथ शनिवार को शहर के जलभराव वाले इलाकों का निरीक्षण किया। उन्होंने गोमतीनगर के बाढ़ पंपिंग स्टेशन, जनेश्वर मिश्र रेलवे अंडरपास, ग्वारी चौराहा, हुसड़िया चौराहा, कठौता झील, हाईकोर्ट-आईजीपी रोड, विजयपुर अंडरपास, इकाना स्टेडियम, अहिमामऊ, लेखराज मार्केट और टेढ़ी पुलिया समेत कई स्थानों का जायजा लिया।
जनेश्वर मिश्र रेलवे अंडरपास और कठौता झील के पास पंप लगाकर पानी निकाला जा रहा था। डीएम ने सभी पंपिंग स्टेशनों को 24 घंटे पूरी क्षमता से चलाने और जलभराव की सूचना मिलते ही टीमों को पंपिंग उपकरणों के साथ मौके पर भेजने के निर्देश दिए।
स्मार्ट सिटी कंट्रोल रूम से पंपिंग स्टेशनों की लाइव निगरानी का भी निरीक्षण किया गया। ग्रामीण क्षेत्रों में एसडीएम और बीडीओ तथा शहरी क्षेत्रों में नगर निगम अधिकारियों को जलभराव की सूचना मिलते ही तत्काल कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए।
बारिश और जलभराव की शिकायत के लिए नंबर
लखनऊ नगर निगम ने बारिश, जलभराव और पेड़ गिरने से जुड़ी शिकायतों के लिए कंट्रोल रूम का टोल-फ्री नंबर 1533 जारी किया है। इसके अलावा 9219902911, 9219902912, 9219902913 और 9219902914 पर भी शिकायत दर्ज कराई जा सकती है।
प्रशासन ने लोगों से खराब मौसम के दौरान सावधानी बरतने और अनावश्यक रूप से घर से बाहर न निकलने की अपील की है।

