जनवाणी ब्यूरो |
नई दिल्ली: बिहार के लखीसराय स्थित प्रसिद्ध अशोकधाम मंदिर में सावन की तीसरी सोमवारी पर सोमवार सुबह बड़ा हादसा हो गया। श्रद्धालुओं की भारी भीड़ के बीच भगदड़ जैसी स्थिति बनने से सात महिला श्रद्धालुओं की मौत हो गई, जबकि कई अन्य लोग घायल हुए हैं। घायलों को इलाज के लिए अस्पतालों में भर्ती कराया गया है। प्रशासन और पुलिस की टीमें मौके पर राहत एवं बचाव कार्य में जुटी हैं।
बिजली का पोल गिरने के बाद फैली अफवाह, बिगड़े हालात
लखीसराय के डीएम शैलेंद्र कुमार के अनुसार, सोमवार सुबह बड़ी संख्या में श्रद्धालु जलाभिषेक के लिए अशोकधाम मंदिर पहुंचे थे। श्रद्धालुओं की कतार अशोकधाम हॉल्ट तक पहुंच गई थी। इसी दौरान हॉल्ट पर दो ट्रेनों के रुकने से भीड़ अचानक और बढ़ गई।
डीएम के मुताबिक, इसी दौरान श्रद्धालुओं की कतार के पास एक बिजली का पोल गिर गया। पोल गिरने के बाद मौके पर यह अफवाह फैल गई कि बिजली का तार लोगों के ऊपर गिर गया है। प्रशासन के अनुसार, वास्तव में वहां बिजली का तार नहीं बल्कि केबल था और करंट फैलने की बात सही नहीं थी। अफवाह के बाद श्रद्धालुओं में अचानक दहशत फैल गई और भीड़ का दबाव बढ़ गया।
बैरिकेडिंग टूटी, दो मिनट में बिगड़ी स्थिति
प्रशासन के अनुसार, भीड़ का दबाव बढ़ने के बाद बैरिकेडिंग का एक हिस्सा टूट गया। इसके बाद कई श्रद्धालु एक-दूसरे के ऊपर गिर पड़े और भगदड़ जैसी स्थिति बन गई। प्रत्यक्षदर्शियों ने भी बताया कि अफवाह के बाद लोग घबराकर इधर-उधर भागने लगे और पीछे से लगातार धक्का लगने के कारण कई लोग गिर गए।
डीएम ने बताया कि प्रशासनिक टीम पहले से ही मौके पर तैनात थी। पुलिस बल, स्वास्थ्यकर्मी, एंबुलेंस, टोटो एंबुलेंस और बाइक एंबुलेंस की व्यवस्था की गई थी। घटना के बाद घायलों को तत्काल अस्पताल पहुंचाया गया।
सात महिलाओं की मौत, कई श्रद्धालु घायल
हादसे में अब तक सात महिला श्रद्धालुओं की मौत की पुष्टि प्रशासन ने की है। अलग-अलग रिपोर्टों में घायलों की संख्या अलग बताई गई है; शुरुआती जानकारी में एक दर्जन से अधिक लोगों के घायल होने की बात सामने आई है। कुछ घायलों को बेहतर इलाज के लिए हायर सेंटर भेजे जाने की जानकारी भी सामने आई है।
प्रत्यक्षदर्शी ने बताया आंखों देखा हाल
एक प्रत्यक्षदर्शी महिला के मुताबिक, मंदिर में दर्शन और जलाभिषेक के लिए बड़ी संख्या में श्रद्धालु कतार में खड़े थे। बिजली का पोल गिरने के बाद करंट फैलने की अफवाह तेजी से भीड़ में फैल गई। इसके बाद लोगों में घबराहट फैल गई और लोग बचने के लिए इधर-उधर भागने लगे। इसी दौरान बैरिकेडिंग टूट गई और कई श्रद्धालु एक-दूसरे के ऊपर गिर पड़े।
हादसे में घायल एक महिला ने बताया कि भीड़ में पीछे से लगातार धक्का दिया जा रहा था। दबाव बढ़ने पर वह संतुलन खोकर जमीन पर गिर गई और बेहोश हो गई। आसपास मौजूद लोगों ने उसे उठाकर पानी के छींटे मारे, जिसके बाद उसे होश आया।
मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने जताया दुख
हादसे पर बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने दुख जताया है। उन्होंने मृतकों के परिजनों के प्रति संवेदना व्यक्त करते हुए घायलों के समुचित और त्वरित इलाज के निर्देश दिए हैं। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों से राहत एवं चिकित्सा व्यवस्था पर लगातार नजर रखने को कहा है।
प्रशासन ने हादसे की जांच शुरू कर दी है। अधिकारियों के मुताबिक, घटना के पीछे की पूरी परिस्थितियों और भीड़ नियंत्रण से जुड़े पहलुओं की जांच की जा रही है।

